रूस और भारत ने मिलकर बनाए ऐसे 5 खतरनाक हथियार, जिनके आगे झुकती है दुनिया

Authored by: नितिन अरोड़ाUpdated Dec 3 2025, 11:12 IST
<strong>India-Russia Weapons:</strong> रूस-भारत ने ब्रह्मोस Mach 2.8 मिसाइल, ब्रह्मोस-NG 350km रेंज, आकाश एयर डिफेंस, निर्भय 1,000km क्रूज मिसाइल, विक्रांत कैरियर बनाया है। जॉइंट पार्टनरशिप में रूसी टेक्नोलॉजी, भारतीय मैन्युफैक्चरिंग को दी गई है। फिलीपींस, वियतनाम को एक्सपोर्ट सेल्स पार्टनरशिप की सफलता को दिखाता है।01 / 06

India-Russia Weapons: रूस-भारत ने ब्रह्मोस Mach 2.8 मिसाइल, ब्रह्मोस-NG 350km रेंज, आकाश एयर डिफेंस, निर्भय 1,000km क्रूज मिसाइल, विक्रांत कैरियर बनाया है। जॉइंट पार्टनरशिप में रूसी टेक्नोलॉजी, भारतीय मैन्युफैक्चरिंग को दी गई है। फिलीपींस, वियतनाम को एक्सपोर्ट सेल्स पार्टनरशिप की सफलता को दिखाता है।

<em><strong>BrahMos Cruise Missile:  </strong></em>ब्रह्मोस को रूस और भारत ने मिलकर बनाया है, जो Mach 2.8 की स्पीड से दौड़ती है और कुल 3,000 kg तक वजन ले जा सकती है। रूसी रैमजेट प्रोपल्शन टेक्नोलॉजी के साथ भारतीय गाइडेंस और स्ट्रक्चरल डिजाइन के साथ ब्रह्मोस को बनाया गया है। ब्रह्मोस एयरोस्पेस लखनऊ में भारतीय सेना और सहयोगी देशों के लिए मिसाइलें बनाता है। फिलीपींस, वियतनाम को एक्सपोर्ट सेल्स पार्टनरशिप की कमर्शियल फायदेमंद होने का सबूत है।02 / 06

BrahMos Cruise Missile: ब्रह्मोस को रूस और भारत ने मिलकर बनाया है, जो Mach 2.8 की स्पीड से दौड़ती है और कुल 3,000 kg तक वजन ले जा सकती है। रूसी रैमजेट प्रोपल्शन टेक्नोलॉजी के साथ भारतीय गाइडेंस और स्ट्रक्चरल डिजाइन के साथ ब्रह्मोस को बनाया गया है। ब्रह्मोस एयरोस्पेस लखनऊ में भारतीय सेना और सहयोगी देशों के लिए मिसाइलें बनाता है। फिलीपींस, वियतनाम को एक्सपोर्ट सेल्स पार्टनरशिप की कमर्शियल फायदेमंद होने का सबूत है।

<em><strong>BrahMos NG: </strong></em>ब्रह्मोस-NG नेक्स्ट-जेनरेशन वेरिएंट एडवांस्ड फ्यूल एफिशिएंसी के जरिए रेंज को 350 किलोमीटर तक बढ़ाती है। कॉम्पैक्ट डिजाइन फाइटर एयरक्राफ्ट सहित कई इंडियन प्लेटफॉर्म के साथ इंटीग्रेशन को इनेबल करती है। जॉइंट डेवलपमेंट उभरते खतरे के माहौल को एड्रेस करते हैं जिसके लिए एक्सटेंडेड स्ट्राइक कैपेसिटी की जरूरत होती है। एन्हांस्ड प्रोपल्शन एक्सटेंडेड ऑपरेशनल एरिया में तेजी से एंगेजमेंट को इनेबल करता है।03 / 06

BrahMos NG: ब्रह्मोस-NG नेक्स्ट-जेनरेशन वेरिएंट एडवांस्ड फ्यूल एफिशिएंसी के जरिए रेंज को 350 किलोमीटर तक बढ़ाती है। कॉम्पैक्ट डिजाइन फाइटर एयरक्राफ्ट सहित कई इंडियन प्लेटफॉर्म के साथ इंटीग्रेशन को इनेबल करती है। जॉइंट डेवलपमेंट उभरते खतरे के माहौल को एड्रेस करते हैं जिसके लिए एक्सटेंडेड स्ट्राइक कैपेसिटी की जरूरत होती है। एन्हांस्ड प्रोपल्शन एक्सटेंडेड ऑपरेशनल एरिया में तेजी से एंगेजमेंट को इनेबल करता है।

<em><strong>Akash Air Defence System: </strong></em>भारत ने आकाश एयर डिफेंस सिस्टम बनाया है जिसमें रूसी टेक्नोलॉजी के पार्ट्स हैं। सरफेस-टू-एयर मिसाइल सिस्टम एयरक्राफ्ट और क्रूज मिसाइल के खतरों से बचाता है। फेज्ड-एरे रडार 60 किलोमीटर की डिटेक्शन रेंज देता है जो एक साथ कई टारगेट को ट्रैक करता है। रूसी सहयोग से सिस्टम का भरोसा और ऑपरेशनल असर बढ़ा है। ऑपरेशन सिंदूर में इसका प्रभाव देखने को मिला।04 / 06

Akash Air Defence System: भारत ने आकाश एयर डिफेंस सिस्टम बनाया है जिसमें रूसी टेक्नोलॉजी के पार्ट्स हैं। सरफेस-टू-एयर मिसाइल सिस्टम एयरक्राफ्ट और क्रूज मिसाइल के खतरों से बचाता है। फेज्ड-एरे रडार 60 किलोमीटर की डिटेक्शन रेंज देता है जो एक साथ कई टारगेट को ट्रैक करता है। रूसी सहयोग से सिस्टम का भरोसा और ऑपरेशनल असर बढ़ा है। ऑपरेशन सिंदूर में इसका प्रभाव देखने को मिला।

<em><strong>Nirbhay Cruise Missile: </strong></em>निर्भय क्रूज मिसाइल को भारत ने रूसी टेक्नोलॉजी की मदद से बनाया है, जिसकी रेंज 1,000 किलोमीटर है। टेरेन-फॉलोइंग रडार कम लेवल की उड़ान को एयर डिफेंस से बचने में मदद करता है। जॉइंट डेवलपमेंट प्रोग्राम में रूस से रैमजेट इंजन टेक्नोलॉजी ट्रांसफर शामिल है। ऑपरेशनल क्षमता भारत को दूर के टारगेट पर स्ट्रेटेजिक स्ट्राइक का ऑप्शन देती है।05 / 06

Nirbhay Cruise Missile: निर्भय क्रूज मिसाइल को भारत ने रूसी टेक्नोलॉजी की मदद से बनाया है, जिसकी रेंज 1,000 किलोमीटर है। टेरेन-फॉलोइंग रडार कम लेवल की उड़ान को एयर डिफेंस से बचने में मदद करता है। जॉइंट डेवलपमेंट प्रोग्राम में रूस से रैमजेट इंजन टेक्नोलॉजी ट्रांसफर शामिल है। ऑपरेशनल क्षमता भारत को दूर के टारगेट पर स्ट्रेटेजिक स्ट्राइक का ऑप्शन देती है।

<em><strong>BrahMos Naval Variant: </strong></em>ब्रह्मोस की ये मिसाइल को नेवी के लिए है और एक खतरनाक वैरिएंट है, इसे समुद्री टारगेट पर हमला करने के लिए एंटी-शिप स्ट्राइक रोल के लिए ऑप्टिमाइज किया गया है। सुपरसोनिक स्पीड नेवल एयर डिफेंस सिस्टम के खिलाफ जानलेवा फायदा देती है। जानलेवा हमला करने की क्षमता 290 किलोमीटर तक है, जिसे भारतीय फ्रिगेट पर तैनात किया गया है। इसे रूसी प्रोपल्शन और भारतीय सीकर टेक्नोलॉजी मिलकर जानलेवा समुद्री हथियार बनाती है।06 / 06

BrahMos Naval Variant: ब्रह्मोस की ये मिसाइल को नेवी के लिए है और एक खतरनाक वैरिएंट है, इसे समुद्री टारगेट पर हमला करने के लिए एंटी-शिप स्ट्राइक रोल के लिए ऑप्टिमाइज किया गया है। सुपरसोनिक स्पीड नेवल एयर डिफेंस सिस्टम के खिलाफ जानलेवा फायदा देती है। जानलेवा हमला करने की क्षमता 290 किलोमीटर तक है, जिसे भारतीय फ्रिगेट पर तैनात किया गया है। इसे रूसी प्रोपल्शन और भारतीय सीकर टेक्नोलॉजी मिलकर जानलेवा समुद्री हथियार बनाती है।

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