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'एक पड़ोसी देश की सभी जिम्मेदारियों को भारत ने बखूबी निभाया है', मालदीव के राष्ट्रपति मोइज्जू से PM मोदी की मुलाकात

India Maldives Relations: मोहम्मद मुइज्जू ने ‘इंडिया आउट’ अभियान को आधार बनाकर पिछले साल राष्ट्रपति चुनाव जीता था और उन्होंने नई दिल्ली से द्वीप राष्ट्र में तैनात अपने सैन्यकर्मियों को इस वर्ष मई तक वापस बुलाने को कहा था। द्विपक्षीय संबंधों में उस समय भी खटास आई जब मालदीव के मंत्रियों ने मोदी की आलोचना की।

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चार दिन की भारत की यात्रा पर आए हैं मालदीव के राष्ट्रपति।

India Maldives Relations: भारत-मालदीव के रिश्ते की अहमियत का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि हमारी पड़ोसी की नीति एवं सागर विजन में इस देश का एक अहम स्थान है। मालदीव की जरूरत के समय आवश्यक कदम उठाना वाला भारत पहला देश रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि एक पड़ोसी के रूप में अपनी जिम्मेदारी एवं कर्तव्यों को हमेशा निभाया है। अपने पारस्परिक सहयोग को एक रणनीतिक दिशा देने के लिए हम आज एक व्यापक आर्थिक एवं समुद्री सुरक्षा वाले नजरिए के साथ आगे बढ़े हैं।

उदारतापूर्वक की गई सहायता के लिए भारत का आभारी हूं-मोइज्जू

इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मुइज्जू ने मालदीव में हनीमाधू हवाई अड्डे पर नए रनवे का डिजिटल माध्यम से उद्घाटन किया। भारत ने उसके सहयोग से निर्मित 700 से अधिक सामाजिक आवास इकाइयां मालदीव को सौंपी। इसके अलावा दोनों नेताओं ने अड्डू में भारतीय वाणिज्य दूतावास और बेंगलुरु में मालदीव वाणिज्य दूतावास खोलने पर चर्चा की। मालदीव के राष्ट्रपति ने कहा कि सरकारी बॉण्ड को आगे बढ़ाने तथा मुद्रा की अदला-बदली के समझौते पर हस्ताक्षर समेत उदारतापूर्वक की गई सहायता के लिए वह भारत का आभार जताते हैं। उन्होंने कहा कि मालदीव में भारतीय निवेश बढ़ाने के लिए भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौता करने के लिए वह उत्साहित हैं।

चार दिवसीय यात्रा पर पहुंचे हैं मोईज्जू

प्रधानमंत्री ने मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू से मुलाकात की। मुइज्जू चार दिवसीय यात्रा पर रविवार शाम यहां पहुंचे। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘भारत-मालदीव के विशेष संबंधों को आगे बढ़ाते हुए! प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मालदीव के राष्ट्रपति एम.एम. मुइज्जू का ‘हैदराबाद हाउस’ में गर्मजोशी से स्वागत किया। भारत और मालदीव के द्विपक्षीय संबंधों पर विस्तृत चर्चा होगी।’

राष्ट्रपति भवन में हुआ स्वागत

इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में मुइज्जू का औपचारिक स्वागत किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी भी मौजूद थे। तीनों सेनाओं ने मुइज्जू को ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया। इसके बाद उन्होंने यहां राजघाट स्थित महात्मा गांधी की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित की। मालदीव के राष्ट्रपति अपनी पत्नी साजिदा मोहम्मद और अपने देश के प्रतिनिधिमंडल के साथ रविवार शाम को भारत पहुंचे। पिछले वर्ष नवंबर में पदभार ग्रहण करने के बाद से यह मुइज्जू की पहली राजकीय यात्रा है। मुइज्जू जून में प्रधानमंत्री मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए थे। चीन के प्रति झुकाव रखने वाले मुइज्जू के पिछले साल नवंबर में राष्ट्रपति के रूप में कार्यभार संभालने के बाद से भारत और मालदीव के बीच संबंधों में गंभीर तनाव पैदा हो गया था।

भारत-मालदीव के रिश्तों में आई खटास के बाद यात्रा

मुइज्जू ने ‘इंडिया आउट’ अभियान को आधार बनाकर पिछले साल राष्ट्रपति चुनाव जीता था और उन्होंने नई दिल्ली से द्वीप राष्ट्र में तैनात अपने सैन्यकर्मियों को इस वर्ष मई तक वापस बुलाने को कहा था। द्विपक्षीय संबंधों में उस समय भी खटास आई जब मालदीव के मंत्रियों ने मोदी की आलोचना की। बहरहाल, मुइज्जू ने अपने भारत विरोधी रुख को नरम किया और मोदी की आलोचना करने वाले मंत्रियों को बर्खास्त कर दिया। मालदीव गंभीर आर्थिक मंदी से जूझ रहा है। ऐसे में भारत ने सद्भावना दिखाते हुए मालदीव सरकार के विशेष अनुरोध पर पांच करोड़ अमेरिकी डॉलर के सरकारी बॉण्ड को एक और वर्ष के लिए बढ़ाकर द्वीप देश को अहम बजटीय सहायता दी।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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