India Maritime Security: आज से 16 साल पहले पाकिस्तान से समुद्री मार्ग के जरिए आए 10 आतंकियों ने मुंबई में आतंक का 'खूनी खेल' खेला। इन आतंकियों ने चार दिनों तक मुंबई को एक तरह से बंधक बना लिया था। इन हमलों में 9 आतंकियों, विदेशी नागरिकों सहित 175 लोगों की जान गई जबकि करीब 300 लोग जख्मी हो गए। भारत पर इतना बड़ा आतंकी हमला कभी नहीं हुआ था। सुरक्षा बलों के ऑपरेशन में नौ आतंकी मारे गए जबकि एक आतंकी अजमल कसाब को जिंदा पकड़ा गया। आतंकियों की इस घुसपैठ ने भारत की तटवर्ती सुरक्षा की खामी उजागर कर दी। इसके बाद भारत ने अपनी समुद्री सुरक्षा को पुख्ता करने का काम शुरू किया। आज भारत की समुद्री सुरक्षा काफी मजबूत हो चुकी है।
कई कमेटियों का गठन
समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने के लिए भारत सरकार ने एक के बाद एक बड़े कदम उठाए। हमले के अगले साल यानी 2009 में भारत ने नेशनल कमेटी फार कोस्टल एंड मैरीटाइम सेक्युरिटी, 2013 में स्टीयरिंग कमेटी फार रिव्यू ऑफ कोस्टल सेक्युरिटी और 2016 में डिस्ट्रिक्ट लेवल कोस्टल सेक्युरिटी कमेटी का गठन किया। गुजरात एवं महाराष्ट्र के तटवर्ती इलाकों पर खास निगरानी का काम शुरू हुआ।
टोही विमानों की खरीद

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गश्ती के लिए विदेशों से हल्की मोटरबोट मंगाए गए। सर्विलांस के स्तर को बढ़ाया गया। समुद्र की निगरानी के लिए उच्च क्षमता एवं तकनीक वाले टोही विमान की खरीद हुई। समुद्री सुरक्षा के बारे में जानकारी देते हुए कुछ समय पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बताया कि आज भारतीय नौसेना, कोस्टगार्ड मरीन पुलिस तीनों से पूरे देश के तटीय इलाकों में एक ऐसी त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था तैयार की है जिससे कोई भी संदिग्ध गतिविधि बच नहीं सकती।
कोस्टगार्ड को तटीय सुरक्षा की अतिरिक्त जिम्मेदारी

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मुंबई पर हुआ

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तटवर्ती इलाकों में जागरूकता अभियान चलाया
26/11 हमले के बाद कोस्ट गार्ड में मौजूद कमियों को सुधारने की तैयारी की गई। हमले के बाद से कोस्ट गार्ड को 78 जहाज, क्राफ्टस् और बोट्स दिए गए हैं। 20 नए स्टेशन बनाए गए और 6000 भर्तियां की गईं। मुंबई में हमलों के बाद तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए जागरूकता अभियान चलाए गए। लोगों को बताया गया कि संदिग्ध गतिविधि और संदिग्ध लोगों के दिखने पर वे स्थानीय पुलिस और प्रशासन को कैसे सूचित करें।
