केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इंडिया इकोनॉमिक कॉन्क्लेव में हालिया लोकसभा चुनाव को लेकर बात करते हुए कहा कि उन्होंने अपने क्षेत्र में साफ कर दिया था, जात-पात के नाम पर वो वोट नहीं मांगेंगे, लोग उन्हें वोट दें या नहीं, वो ऐसी बात नहीं करेंगे। गडकरी ने कहा कि मैं नागपुर का हूं और नागपुर मेरा है।
जात-पात की बात नहीं- गडकरी
शुक्रवार को इंडिया इकोनॉमिक कॉन्क्लेव के 10वें संस्करण में टाइम्स नेटवर्क की ग्रुप एडिटर और टाइम्स नाउ नवभारत की एडिटर इन चीफ नाविका कुमार के साथ बातचीत में नितिन गडकरी ने कहा- "अभी चुनाव में मैंने पब्लिकली कहा था कि मैं जातिवाद नहीं करूंगा और मैंने लोगों को कहा, जो करेगा जात की बात उसको ठोकूंगा लात, पब्लिकली बोले मैंने। देना है तो दो, नहीं देना है तो नहीं करूंगा। चुनाव में इस बार कोई गलत खर्चा नहीं किया मैंने, मैंने बोला नहीं करूंगा ये। मैं आपके के लिए काम करूंगा, पूरा नागपुर मेरा है, मेरा परिवार है, मैं नागपुर का हूं, नो डिस्क्रिमिनेशन, जात, पंत धर्म, भाषा...सब लोगों ने साथ दिया।
कौन क्या लिखता है, इसकी चिंता नहीं- गडकरी
आगे नितिन गडकरी ने कहा कि उन्हें इस बात कि चिंता नहीं है कि लोग उनके बारे में क्या लिखते हैं, क्या सोचते हैं। उन्होंने कहा- "अब मैं इस मत में हूं कि मुझे चिंता तुम क्या क्या दिखाते हो, कौन क्या लिखता है, कौन क्या सोचता है? मेरी भाषा में बोलता हूं, तेल लगाने गई दुनिया, अपने को तो अपने हिसाब से चलना है। मैं अपने अपने कन्विक्शन और अपने साथ तय किए हुए प्रोग्राम में चलता हूं और एक बात जरूरी है कि मैं सही हूं, ऐसा मेरा दावा नहीं है। कोई अगर मुझे कहता है कि ये तुम्हारी बात गलत है तो मैं मान्य करता हूं, उसको सुधार दे देता हूं।
