India Economic Conclave 2024: केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इंडिया इकोनॉमिक कॉन्क्लेव में देश में जारी सड़क नेटवर्क के विस्तार को लेकर कहा कि आज के समय में 36 ग्रीन एक्सप्रेसवे का निर्माण चल रहा है। यह कई शहरों के बीच की दूरियों को काफी कम कर देगा। इन सबके निर्माण हो जाने के बाद दिल्ली से कटरा की यात्रा 6 घंटे में कवर हो जाएगी।
देश में सड़क नेटवर्क पर क्या बोले गडकरी
नितिन गडकरी ने शुक्रवार को इंडिया इकोनॉमिक कॉन्क्लेव के 10वें संस्करण में टाइम्स नेटवर्क की ग्रुप एडिटर और टाइम्स नाउ नवभारत की एडिटर इन चीफ नाविका कुमार के साथ बातचीत में कहा- "जिसका आपने उल्लेख किया दिल्ली, देहरादून, उसके दो पैकेज पूरे हुए हैं। अक्षरधाम से पूरा एलिवेटेड रोड है और उसका इनॉगरेशन 15-20 दिन में पीएम साहब को निमंत्रित किया है, उनके द्वारा किया जाएगा। एक कालिंदी कुंज वाला 10,000 करोड़ का बड़ा प्रोजेक्ट है, जो फरीदाबाद के पीछे से रहे, मुझे दिल्ली का थोड़ा नाम कम मालूम है, वो बड़ा सुन्दर नाले में एलिवेटेड रोड बनाकर एक पिलर पर दो-दो रोड करके उसको लाया, वो भी सुन्दर है वो भी पीएम साहब 12 दिन 20 दिन में पूरा करेंगे और ये जो देहरादून है वो तीन महीने में होना चाहिए, इसकी कोशिश है। तो दिल्ली से देहरादून 2 घंटे में होगा, फिर एक मुंबई दिल्ली एक्सप्रेस हाईवे को एक हमने एक बीच में रोड बनाया, वो पूरा हुआ, डेढ़ दो महीने में तो दिल्ली जयपुर 2 घंटे में होगा और दिल्ली से अमृतसर 4 घंटे में, कटरा 6 घंटे में, श्रीनगर 8 घंटे में दिल्ली से मनाली 7-8 घंटे में और दिल्ली से मुंबई 12 घंटे में, बैंगलोर से चेन्नई 2 घंटे में और अभी मेरठ तो दिल्ली हो गया, 4 घंटे का 45-50 मिनट में फिर मैसूर से बैंगलोर हो गया। ऐसे हम 36 ग्रीन एक्सप्रेस हाईवे बना रहे हैं।"
लॉजिस्टिक कॉस्ट कम करने पर जोर
नितिन गडकरी ने आगे कहा कि इसका सबसे बड़ा फायदा ये है जो आपका जो थीम है, इकोनॉमिक डेवलपमेंट कहा कि हमारे देश की लॉजिस्टिक कॉस्ट ये 14-16 परसेंट है और चाइना की 8% है। अमेरिका और यूरोपियन कंट्रीज की 12 तक के हैं। मैं विश्वास के साथ ये टारगेट मैंने रखा है और जो टारगेट मैं रखता हूं लगभग वो पूरा होता है। तो 2 साल के अंदर इंडिया की लॉजिस्टिक कॉस्ट सिंगल डिजिट में इन्हें 9% पे आएगी। अगर ये 9% पे आएगी तो 7% हम कम होंगे तो एक्सपोर्ट में हमारा एक्सपोर्ट डेढ़ गुना होगा और हम और कॉम्पिटिटिव बनेंगे और इसमें सबसे इम्पोर्टेन्ट रोड जैसे ऐसे बन रहे हैं। वैसे फ्यूल पर भी हमने काम किया है और इलेक्ट्रिक, एथनॉल, मेथनॉल, बायोडीजल, एलएनजी, सीएनजी और हाइड्रोजन। इस पर तेजी से हम काम कर रहे हैं। अभी यहां कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट मशीनरी का कल मैंने इनॉगरेशन किया। आप जरूर जाके देखिए कि बड़ी-बड़ी मशीनरी इलेक्ट्रिक पर आई, हाइड्रोजन पर आई, हिंदुस्तान की कंपनियां बना रही हैं, एक्सपोर्ट कर रही हैं। ट्रक इलेक्ट्रिक के आ गए और इतना फर्क है कि अभी मैंने बजाज की टू व्हीलर लॉन्च की, मोटरसाइकिल तो पेट्रोल पे उन्हीं की मोटरसाइकिल ₹2.25 पर किलोमीटर है और सीएनजी पर जो है ₹1 है।
किसानों के लिए भी फायदा
आगे किसानों के फायदे की बात करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केवल पॅलूशॅन कम करना या इंपोर्ट कम करना ये तो होगा ही और उसके साथसाथ जो कॉस्ट है वो भी कम हो जाएगी और अभी मैं आपके यहां आया तो जो गाड़ी में आया हूं, वर्ल्ड की पहली गाड़ी है टोएटो इनोवा, जो 100% किसानों ने तैयार की है बायो इथोनॉल पर चलती है, 60% बिजली तैयार करती है नो पोल्यूशन, नो स्मेल, नो गैस और उसकी पेट्रोल की इसमें तुलना करेंगे तो पेट्रोल का रेट ₹25 लीटर होता है और ये पूरा एग्रीकल्चर सेक्टर का अगर इथेनॉल पूरा अच्छा चलेगा तो जो 14% जीडीपी ग्रोथ में उनका कंट्रिब्यूशन है, वो 21% होगा। इस बार मक्के का भाव मक्के से इथेनॉल बनना शुरू हुआ, जो ₹1200 था। इस बार ₹2400 हैं, तो एग्रीकल्चर इकोनॉमी में बूस्ट होने से परचेजिंग पावर बढ़ेगी और इकोनॉमिक ग्रोथ मल्टीप्लाय होगी।
