CJP Protest LIVE : दीपके के अनशन का दूसरा दिन; सोनम वांगचुक की पत्नी को दिल्ली हाई कोर्ट से झटका
CJP Protest LIVE Updates: एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस शनिवार को जंतर मंतर पर बने मंच से उन्हें उठाकर ले गई। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर बीते 20 दिनों से अनशन कर रहे वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया। वांगचुक को जंतर-मंतर से ले जाते समय भारी हंगामा देखने को मिला। सीजेपी के समर्थकों ने उन्हें ले जाने का विरोध किया। वहीं दिल्ली पुलिस का कहना है कि उसने यह कार्रवाई हाई कोर्ट के निर्देश पर की। वांगचुक की सेहत लगातार खराब हो रही थी। डॉक्टर वांगचुक के स्वास्थ्य पर लगातार नजर रख रहे थे। अनशन की वजह से एक्टिविस्ट का वजन लगातार कम हो रहा था।
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सुनवाई के दौरान केंद्र की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASG) चेतन शर्मा ने कहा, "अगर आदेश में लिखा जाए कि 'यदि वह चाहें', तो मान लीजिए वह पानी पीने से भी इनकार कर दें, फिर ऐसी स्थिति में क्या किया जाएगा?"
इस पर दिल्ली हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सोनम वांगचुक के इलाज से जुड़ा अंतिम फैसला अस्पताल की मेडिकल टीम ही स्थापित चिकित्सा प्रोटोकॉल के अनुसार लेगी। सुनवाई के दौरान ASG चेतन शर्मा ने अदालत को आश्वस्त किया कि सोनम वांगचुक की मेडिकल रिपोर्ट नियमित रूप से उनके परिवार के साथ साझा की जाएगी। मामले की अगली सुनवाई 24 जुलाई को होगी।
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अस्पताल के अनुसार, एम्स, नई दिल्ली के एक स्वतंत्र विशेषज्ञ ने भी सोनम वांगचुक की जांच की और इलाज कर रही मेडिकल टीम की इस राय से सहमति जताई कि उन्हें तुरंत ओरल या इंट्रावेनस (IV) फ्लूइड और इलेक्ट्रोलाइट थेरेपी दिए जाने की जरूरत है। एम्स के एक डॉक्टर को भी इलाज कर रही टीम में शामिल किया गया है, जो उनकी लगातार निगरानी और उपचार में सहयोग करेंगे।
इसके बावजूद, डॉक्टरों और स्वतंत्र विशेषज्ञ द्वारा कई बार समझाने के बाद भी सोनम वांगचुक ने IV फ्लूइड, ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन (ORS) और सभी दवाएं लेने से इनकार कर दिया है। उनके परिजनों ने भी अब तक डॉक्टरों द्वारा सुझाए गए उपचार के लिए सहमति नहीं दी है।
अस्पताल प्रशासन ने बताया कि सोनम वांगचुक की स्थिति पर लगातार कड़ी निगरानी रखी जा रही है। मेडिकल टीम उनके और उनके परिवार को लगातार समझाने का प्रयास कर रही है ताकि वे जल्द से जल्द उपचार के लिए सहमति दें और संभावित गंभीर स्वास्थ्य जटिलताओं से बचा जा सके।
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वांगचुक को अस्पताल ले जाने के बाद केजरीवाल ने अभिभावकों, छात्रों से जंतर-मंतर पहुंचने की अपील की
वांगचुक को प्रदर्शन स्थल से हटाए जाने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने घोषणा की कि वह जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर आंदोलन जारी रखेंगे। केजरीवाल ने ’एक्स’ पर एक वीडियो संदेश में कहा कि वांगचुक और दीपके अपने लिए नहीं, बल्कि देशभर के छात्रों के लिए भूख हड़ताल पर बैठे हैं।
उन्होंने अभिभावकों से चुप न रहने और निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था की मांग के समर्थन में प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की। केजरीवाल ने कहा, ’’अगर वे आपके बच्चों के लिए जंतर-मंतर पर बैठे हैं, तो आप घर पर क्यों बैठे हैं? आप उनके साथ जंतर-मंतर पर क्यों नहीं बैठे हैं?’’
वांगचुक ने प्रश्नपत्र लीक रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी। केजरीवाल ने नीट प्रश्नपत्र लीक और सीबीएसई की मूल्यांकन प्रणाली में कथित अनियमितताओं का उल्लेख करते हुए दावा किया कि इससे लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है।
उन्होंने कहा कि लोगों को व्यक्तिगत रूप से प्रभावित होने का इंतजार करने के बजाय शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए लड़ रहे लोगों का समर्थन करना चाहिए। केजरीवाल ने जनभागीदारी की अपील करते हुए कहा कि यदि लोग अब आगे नहीं आए, तो भविष्य में परीक्षा के प्रश्नपत्र फिर से लीक होने पर उन्हें शिकायत करने का अधिकार नहीं होगा। उन्होंने कहा, ’’हम सभी को एक साथ सड़कों पर उतरना होगा। हम सभी को मिलकर अपनी आवाज बुलंद करनी होगी। तभी सरकार हमारी बात सुनेगी।’’
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डॉक्टरों का कहना है कि उपवास के दौरान कीटोन का स्तर बढ़ना सामान्य हो सकता है, लेकिन यदि यह डिहाइड्रेशन के साथ काफी अधिक हो जाए तो इससे किडनी की कार्यक्षमता और शरीर की मेटाबॉलिक प्रणाली पर गंभीर असर पड़ सकता है।
अस्पताल प्रशासन लगातार उनके परिजनों को समझाने की कोशिश कर रहा है कि बिना किसी और देरी के इलाज शुरू करने की अनुमति दी जाए।
