प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को अरब देशों के विदेश मंत्रियों, अरब लीग के महासचिव से मुलाकात की। यह मुलाकात भारत-अरब लीग की विदेश मंत्री स्तरीय दूसरी बैठक के अवसर पर हुई। पीएम मोदी ने भारत और अरब देशों के बीच गहरे और ऐतिहासिक 'पीपल टू पीपल' संबंधों को रेखांकित किया, जो वर्षों से हमारे संबंधों को प्रेरित और मजबूत करते आए हैं।
PM मोदी ने क्या कुछ कहा?
प्रधानमंत्री ने आने वाले वर्षों में भारत-अरब साझेदारी की अपनी दृष्टि साझा की और व्यापार और निवेश, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य सेवा और अन्य प्राथमिक क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा करने के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराई, ताकि हमारे लोगों को पारस्परिक लाभ मिले।
पीएम मोदी ने फिलिस्तीन के लोगों के प्रति भारत के निरंतर समर्थन को दोहराया और गाजा शांति योजना सहित चल रहे शांति प्रयासों का स्वागत किया। उन्होंने क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के प्रयासों में अरब लीग की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना भी की।
जयशंकर ने विदेश मंत्रियों से की मुलाकात
इससे पहले, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को अरब लीग के सदस्य देशों के अपने समकक्षों के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय वार्ता की, जिसमें द्विपक्षीय संबंधों पर ध्यान केंद्रित किया गया और पश्चिम एशिया की स्थिति पर बातचीत की गई।
जयशंकर ने कोमोरोस, लीबिया, सोमालिया और फलस्तीन के विदेश मंत्रियों से बातचीत की। उन्होंने अरब लीग के महासचिव अहमद अबुल गैत से भी मुलाकात की।जयशंकर ने अहमद अबुल गैत से मुलाकात के बाद कहा, "विभिन्न क्षेत्रों में हमारे सहयोग और इसे मजबूत करने के बारे में व्यापक चर्चा हुई। क्षेत्र में हाल के घटनाक्रमों पर भी विचार-विमर्श किया।"
जयशंकर ने फलस्तीन सरकार की विदेश और प्रवासी मामलों की मंत्री वारसेन अगाबेकियन शाहीन से भी मुलाकात की। उन्होंने कहा, ''गाजा शांति योजना और क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर विचारों का आदान-प्रदान किया गया। विकास के लिए सहयोग की समीक्षा की गई और इसे आगे बढ़ाने के लिए पहल पर सहमति बनी।''
