India Australia Deal: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथनी अल्बनीज के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता के बाद आयोजित एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और अधिक मजबूत करने के लिए कई ऐतिहासिक समझौतों पर मुहर लगाई गई। दोनों नेताओं ने मिडिल ईस्ट की स्थिति पर भी बोला। इस मामले पर पीएम मोदी ने कहा कि युद्ध का समाधान बातचीत से संभव है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने कहा, "हमारी व्यापक रणनीतिक साझेदारी के छह साल पूरे होने पर, भारत के साथ ऑस्ट्रेलिया के संबंध आज जितने महत्वपूर्ण और प्रासंगिक हैं, उतने पहले कभी नहीं रहे। हमारी साझेदारी आज अपने सबसे मजबूत दौर में है।"
ऑस्ट्रेलिया ने माना भारत को 'टॉप-टियर' पार्टनर
दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों ने रक्षा और सुरक्षा सहयोग पर एक 'संयुक्त घोषणापत्र' जारी किया। पीएम अल्बनीज ने कहा, "ऑस्ट्रेलिया भारत को एक 'टॉप-टियर' सुरक्षा भागीदार के रूप में देखता है। यह घोषणापत्र एक शांतिपूर्ण, स्थिर और समृद्ध हिंद-प्रशांत क्षेत्र के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।"
बयान में कहा गया है कि दोनों देश रणनीतिक समन्वय को बढ़ावा देंगे, अपने रक्षा अभ्यासों की जटिलता को बढ़ाएंगे और दोनों देशों की सेनाओं के बीच इंटरऑपरेबिलिटी को और मजबूत करेंगे। इसके साथ ही, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में साझा हितों को प्रभावित करने वाले रक्षा घटनाक्रमों पर दोनों देश आपस में परामर्श करेंगे। दोनों नेताओं ने एक 'संयुक्त समुद्री सुरक्षा सहयोग रोडमैप' को मंजूरी दी। साथ ही साइबर सुरक्षा, क्रिटिकल टेक्नोलॉजी (महत्वपूर्ण तकनीकों) और सप्लाई चेन को सुरक्षित करने के लिए एक नई साझेदारी पर सहमति जताई।
अंतरिक्ष में बड़ी साझेदारी
विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग को एक नए स्तर पर ले जाते हुए, दोनों देशों ने अंतरिक्ष क्षेत्र में एक बेहद महत्वपूर्ण समझौते को मंजूरी दी है।
पीएम अल्बनीज ने घोषणा की, "हम कोकोस द्वीप समूह पर एक अस्थायी 'स्पेस ट्रैकिंग टर्मिनल' चालू करने पर सहमत हुए हैं। यह टर्मिनल भारत के ऐतिहासिक 'गगनयान मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम' को सीधे तौर पर सपोर्ट करेगा।"
भारत-ऑस्ट्रेलिया-कनाडा आए साथ
इस बैठक के दौरान तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने के लिए एक त्रिपक्षीय समझौते पर भी हस्ताक्षर किए गए। भारत, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा ने 'ऑस्ट्रेलिया-कनाडा-इंडिया टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन पार्टनरशिप' के समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह साझेदारी उभरती और महत्वपूर्ण तकनीकों पर तीनों देशों के बीच सहयोग को बढ़ावा देगी।
ऊर्जा सुरक्षा और मिडिल ईस्ट संकट पर चिंता
मध्य पूर्व (Middle East) में चल रहे संघर्ष के वैश्विक आर्थिक प्रभावों का जिक्र करते हुए दोनों नेताओं ने 'ऊर्जा सुरक्षा पर एक संयुक्त बयान' जारी किया। इस बयान में सप्लाई चेन के लचीलेपन और ऊर्जा परिवर्तन को तेज करने के महत्व को स्वीकार किया गया। इसमें नवीकरणीय ऊर्जा संसाधनों को बढ़ावा देने और ऊर्जा प्रणालियों के विद्युतीकरणपर जोर दिया गया। भारत और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्रियों ने मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव और हालिया घटनाक्रम पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने, तनाव कम करने तथा आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की। साथ ही ऊर्जा आपूर्ति और व्यापारिक गतिविधियों के निर्बाध संचालन को बनाए रखने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। दोनों नेताओं ने इस बात को दोहराया कि संघर्ष का शांतिपूर्ण और स्थायी समाधान केवल संवाद, कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय कानून के पालन के माध्यम से ही संभव है।
