देश

भारत-अरब लीग देशों की बैठक में फिलिस्तीन मुद्दे पर अहम बयान, इजरायल को रास आएगा ये रुख?

भारत द्वारा आयोजित इस बैठक में अरब लीग के 19 सदस्य देशों ने भाग लिया, जिसे एक प्रभावशाली समूह माना जाता है। बैठक के अंत में जारी एक घोषणापत्र में कहा गया कि दोनों पक्ष पहलगाम में निर्दोष भारतीयों को निशाना बनाकर किए गए जघन्य आतंकी हमले की कड़ी निंदा की।

Image

दिल्ली में भारत-अरब लीग देशों की बैठक

Photo : PTI

India, Arab League Nations Summit: भारत और अरब लीग के देशों ने शनिवार को दोनों देशों के बीच गहरे संबंधों के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। इजरायल के साथ-साथ रहने वाले एक संप्रभु और व्यवहार्य फिलिस्तीनी राज्य की वकालत की और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के आधार पर अंतरराष्ट्रीय संबंध संचालित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। भारत-अरब विदेश मंत्रियों की दूसरी बैठक में दोनों पक्षों ने सीमा पार आतंकवाद की भी निंदा की और सभी देशों से आतंकवाद से लड़ने, आतंकी ढांचे और आतंकवाद के वित्तपोषण को नष्ट करने और आतंकी कृत्यों के अपराधियों को बिना किसी देरी के न्याय के कटघरे में लाने के लिए सामूहिक रूप से काम करने का आह्वान किया।

अरब लीग के 19 सदस्य देशों ने भाग लिया

भारत द्वारा आयोजित इस बैठक में अरब लीग के 19 सदस्य देशों ने भाग लिया, जिसे एक प्रभावशाली समूह माना जाता है। बैठक के अंत में जारी एक घोषणापत्र में कहा गया कि दोनों पक्ष पहलगाम में निर्दोष भारतीयों को निशाना बनाकर किए गए जघन्य आतंकी हमले की कड़ी निंदा करते हुए, आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों का मुकाबला करने के लिए संयुक्त प्रयासों को मजबूत करने पर सहमत हुए हैं। इसमें कहा गया कि अरब लीग के सदस्य देशों ने आतंकवाद के सभी रूपों का सामना करने में भारत को अपना पूर्ण और दृढ़ समर्थन दोहराया है।

फिलिस्तीन मुद्दे पर अहम बयान

घोषणापत्र में कहा गया कि बैठक में फिलिस्तीन मुद्दा, बहुपक्षवाद का समर्थन और राज्यों की संप्रभुता का सम्मान, आतंकवाद विरोधी उपाय और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार सहित पारस्परिक चिंता के कई क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा हुई। घोषणापत्र में कहा गया है कि दोनों पक्षों ने अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की है। घोषणापत्र में कहा गया है, दोनों पक्षों ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सम्मान, विशेष रूप से संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और आंतरिक मामलों में गैर-हस्तक्षेप के सिद्धांतों पर आधारित अंतरराष्ट्रीय संबंधों के महत्व पर बल दिया।

इसमें आगे कहा गया है कि दोनों पक्षों ने अंतरराष्ट्रीय कानून, संबंधित संयुक्त राष्ट्र प्रस्तावों और अरब शांति पहल के अनुसार मध्य पूर्व में न्यायपूर्ण, व्यापक और स्थायी शांति प्राप्त करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की है। इसमें कहा गया है, उन्होंने 1967 की सीमाओं पर आधारित एक संप्रभु, स्वतंत्र और व्यवहार्य फिलिस्तीनी राज्य की मांग की, जो इजराइल के साथ शांतिपूर्वक सह-अस्तित्व में रहे। दोनों पक्ष फिलिस्तीनी लोगों के अविभाज्य अधिकारों के पालन का समर्थन करते हैं।

शर्म अल-शेख शांति शिखर सम्मेलन परिणामों का स्वागत

दोनों पक्षों ने पिछले वर्ष के शर्म अल-शेख शांति शिखर सम्मेलन के परिणामों का स्वागत किया, जिसके परिणामस्वरूप गाजा में युद्धविराम समझौता संपन्न हुआ। दिल्ली घोषणापत्र में कहा गया है, उन्होंने अरब देशों - विशेष रूप से मिस्र के अरब गणराज्य और कतर राज्य - के साथ-साथ संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की। इसमें कहा गया है कि बैठक में सभी संबंधित पक्षों से समझौते के कार्यान्वयन का पूरी तरह से पालन करने का आग्रह किया गया और गाजा पट्टी में राहत, पुनर्प्राप्ति और पुनर्निर्माण के लिए अरब-इस्लामिक योजना के शुभारंभ पर ध्यान दिया गया।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article