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लोकसभा में BJP की टेंशन बढ़ाएगा INDIA गठबंधन, स्पीकर पद के लिए बना लिया तगड़ा प्लान, TDP पर सबकी नजर

Lok Sabha Speaker: शिवसेना नेता संजय राउत की ने कहा, अगर सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) लोकसभा अध्यक्ष पद के लिए उम्मीदवार खड़ा करती है तो विपक्षी गठबंधन इंडिया के सभी सहयोगी उसके लिए समर्थन सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगे।

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26 जून को होगा लोकसभा स्पीकर का चुनाव

Photo : PTI

Lok Sabha Speaker: लोकसभा स्पीकर पद के चुनाव में इंडिया गठबंधन BJP की टेंशन बढ़ा सकता है। इंडिया गठबंधन ने ऐसा प्लान तैयार किया है, जिससे वह एनडीए के घटक दल के जरिए ही बीजेपी की रणनीति को नाकाम कर सके। इसको लेकर विपक्षी दलों ने समर्थन जुटाना भी शुरू कर दिया है। जानकारी के अनुसार, अगर तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) लोकसभा अध्यक्ष पद के लिए उम्मीदवार खड़ा करती है तो विपक्षी गठबंधन उसका समर्थन कर सकता है।

रविवार को शिवसेना नेता संजय राउत की ओर से इसके संकेत दिए गए। उन्होंने कहा, अगर सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) लोकसभा अध्यक्ष पद के लिए उम्मीदवार खड़ा करती है तो विपक्षी गठबंधन इंडिया के सभी सहयोगी उसके लिए समर्थन सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगे। राउत ने दावा किया कि लोकसभा अध्यक्ष का चुनाव महत्वपूर्ण होगा और अगर भाजपा को यह पद मिलता है तो वह सरकार का समर्थन करने वाले दलों तेदेपा, जनता दल यूनाइटेड (जदयू) तथा चिराग पासवान और जयंत चौधरी के राजनीतिक संगठनों को तोड़ देगी।

भाजपा कभी भी धोखा दे सकती है

संजय राउत ने कहा, हमें अनुभव है कि भाजपा उन लोगों को धोखा देती है जो उसका समर्थन करते हैं। मैंने सुना है कि तेदेपा अपना उम्मीदवार खड़ा करना चाहती है। अगर ऐसा होता है, तो इंडिया गठबंधन के सहयोगी इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे और यह सुनिश्चित करने की कोशिश करेंगे कि विपक्षी गठबंधन के सभी सहयोगी तेदेपा को समर्थन दें। राज्यसभा सदस्य ने कहा कि नियम के मुताबिक विपक्ष को उपाध्यक्ष का पद मिलना चाहिए।

अतीत की गलतियों को सुधारता चाहता है आरएसएस

लोकसभा चुनाव के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कुछ नेताओं द्वारा भाजपा के बारे में दिए गए हालिया बयानों के बारे में पूछे जाने पर राउत ने कहा कि अगर आरएसएस अतीत की गलतियों को सुधारना चाहता है तो यह अच्छा है। उन्होंने कहा, ''हम घटनाक्रम पर नजर रख रहे हैं। राउत ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) संसदीय दल की बैठक में नेता चुना गया था, न कि भाजपा संसदीय दल की बैठक में।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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