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विकसित भारत@2047 की थीम पर मनेगा आजादी का जश्न, सुबह 7:33 मिनट पर लाल किले से देश को संबोधित करेंगे प्रधानमंत्री मोदी

Independence Day 2024: भारत सरकार के बयान में कहा गया है कि इस वर्ष के स्वतंत्रता दिवस की थीम 'विकसित भारत @ 2047' है। प्रधानमंत्री मोदी सुबह 7:30 मिनट पर लाल किले से तिरंगा फहराएंगे और 7:33 मिनट पर उनका भाषण शुरू होगा।

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PM Modi

Photo : BCCL

Independence Day 2024: देश अपनी आजादी का जश्न मनाने के लिए पूरी तरह से तैयार है। राजधानी दिल्ली को तिरंगे के रंग में सजाया जा रहा है। लाल किला दुल्हन की तरह तैयार हो रहा है और देश को इंतजार है 15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस की सुबह का। जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले की प्राचीर से तिरंगा लहराएंगे। भारत सरकार की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 अगस्त, 2024 को दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले से 78वें स्वतंत्रता दिवस का जश्न मनाने में राष्ट्र का नेतृत्व करेंगे।

भारत सरकार के बयान में आगे कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और प्रतिष्ठित स्मारक की प्राचीर से राष्ट्र को पारंपरिक संबोधन देंगे। इस वर्ष के स्वतंत्रता दिवस की थीम 'विकसित भारत @ 2047' है। यह समारोह 2047 तक देश को एक विकसित राष्ट्र में बदलने की दिशा में सरकार के प्रयासों को नए सिरे से बढ़ावा देने के लिए एक मंच के रूप में काम करेगा।

7:30 बजे फराएंगे तिरंगा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 अगस्त की सुबह 7:30 बजे राष्ट्रीय ध्वज फराएंगे और इसके बाद वह राष्ट्र को संबोधत करेंगे। इसमें वह पिछली उपलब्धियों के साथ ही भविष्य के लक्ष्यों को भी रेखांकित करेंगे। जानकारी के मुताबिक, पीएम मोदी का संबोधन ध्वजारोहण के बाद 7:33 मिनट पर शुरू होगा। बता दें, इस बार के स्वतंत्रता दिवस समारोह में पंचायती राज संस्थाओं की करीब 400 महिला प्रतिनिधियों को विशेष अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया गया है। ग्रामीण विकास मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होने के लिए करीब 45 लखपति दीदी और करीब 30 ड्रोन दीदी को भी विशेष अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया गया है।

चार बजे से शुरू हो जाएगी दिल्ली मेट्रो

आम लोगों को स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होने की सुविधा प्रदान करने के लिए दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) 15 अगस्त को अपनी सभी लाइन पर टर्मिनल स्टेशन से तड़के चार बजे ट्रेन परिचालन शुरू कर देगा। अधिकारियों ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस पर तड़के चार बजे से सुबह छह बजे तक डीएमआरसी की सभी लाइन पर ट्रेन सेवाएं 15 मिनट के अंतर पर उपलब्ध होंगी और उसके बाद की अवधि में नियमित समय सारिणी का पालन किया जाएगा। इसके अलावा, जिन लोगों के पास स्वतंत्रता दिवस समारोह में हिस्सा लेने के लिए रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी निमंत्रण कार्ड होगा, उन्हें स्टेशन पर वैध फोटो पहचान पत्र दिखाने पर प्रवेश और यात्रा की अनुमति दी जाएगी। डीएमआरसी के प्रधान कार्यकारी निदेशक अनुज दयाल ने कहा, यह व्यवस्था केवल लाल किला, जामा मस्जिद और चांदनी चौक मेट्रो स्टेशन पर निकास के लिए मान्य होगी, जो कार्यक्रम स्थल के सबसे नजदीक हैं। यह निमंत्रण कार्ड केवल इन्हीं तीन स्टेशन से वापसी की यात्रा के लिए भी मान्य होंगे।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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