देश

दिवाली के बाद बढ़ेगा प्रदूषण? पटाखों की शोर के बीच पंजाब-हरियाणा में जमकर जल रही पराली

  • Agency by: Agency
  • Updated Oct 24, 2022, 06:38 PM IST

दिवाली से पहले ही पंजाब और हरियाणा में पराली जलने की घटनाएं सामने आ रही थीं, लेकिन दिवाली के आते-आते ऐसी घटनाओं में काफी वृद्धि हो गई है। एक रिपोर्ट के मुताबिक हरियाणा में औसतन रोजाना 100 जगह पराली जलती है। किसान इसके लिए सरकार को ही जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।

Image

पंजाब में जल रही जमकर पराली

Photo : ANI

दिवाली के बाद दिल्ली एनसीआर की हवा एक बार फिर से काफी प्रदूषित हो सकती है। कारण है पराली और पटाखे। दिवाली के दिन जहां पंजाब और हरियाणा में जमकर पराली जलाए जा रहे हैं तो वहीं पटाखे भी जमकर फोड़े जा रहे हैं। जिससे प्रदूषण में वृद्धि हो सकती है।

दिवाली के दिन का हाल

दिवाली के मौके पर ही अकेले पंजाब में पराली जलाने के एक हजार से ज्यादा के मामले सामने आ चुके हैं। पंजाब में सोमवार को 1019 मामले सामने आए हैं। वहीं हरियाणा में 250 मामले सामने आए हैं। पंजाब में 15 सितंबर से कुल मामलों की बात करें तो अबतक 5617 और हरियाणा में 1360 मामले सामने आए हैं।

पंजाब का हाल

पंजाब में 60 प्रतिशत मामले माझा क्षेत्र के तीन जिलों - तरन तारन, अमृतसर और गुरदासपुर से आए हैं। लुधियाना स्थित पंजाब रिमोट सेंसिंग सेंटर से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, तरन तारन से पराली जलाने के 1,034 मामले सामने आए जो राज्य में सबसे अधिक है। इसके बाद अमृतसर से पराली जलाने के 895 मामले और गुरदासपुर से 324 मामले सामने आए।

हरियाणा का हाल

हरियाणा में किसानों ने धान की कटाई शुरू होते ही अपने खेतों में आग लगानी शुरू कर दी है। राज्यभर में प्रतिदिन औसतन 100 आग के मामले सामने आते हैं और आने वाले दिनों में यह संख्या कई गुना बढ़ जाएगी, जिसमें कैथल, करनाल और कुरुक्षेत्र हॉटस्पॉट जिले होंगे। किसान सरकार पर आरोप लगा रहे हैं। वे कहते हैं कि इसके द्वारा प्रदान की गई मशीनें महंगी हैं और पराली के प्रबंधन के लिए आसानी से चीजें उपलब्ध नहीं हैं।

पीछे के सालों में क्या हुआ था

पिछले दो वर्षों में पराली जलाने की घटनाओं की तुलना में इस साल वर्तमान स्थिति थोड़ी बेहतर है। पंजाब में 2020 और 2021 में 22 अक्टूबर तक पराली जलाने की क्रमश: 10,785 और 5,438 घटनाएं हुई थीं। 22 अक्टूबर को, पंजाब में पराली जलाने की 582 सक्रिय घटनाएं देखी गईं। हालांकि, आंकड़ों के मुताबिक 2020 और 2021 में इस दिन राज्य में ऐसी 1,341 और 1,111 घटनाएं हुई थीं।

एजेंसी इनपुट के साथ

टाइम्स नाउ नवभारत
टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटलauthor

अक्टूबर 2017 में डिजिटल न्यूज़ की दुनिया में कदम रखने वाला टाइम्स नाउ नवभारत अपनी एक अलग पहचान बना चुका है। अपने न्यूज चैनल टाइम्स नाउ नवभारत की सोच एवं नजरिए के साथ आगे बढ़ते हुए यह न्यूज़ प्लेटफॉर्म आम लोगों से जुड़े मुद्दों का गहराई से विश्लेषण एवं उसे आसान भाषा में पेश करता आया है। राजनीति से लेकर खेल, मनोरंजन, कारोबार और आम लोगों के जीवन पर असर डालने वालीं खबरों का मायने समझाते हुए यह डिजिटल प्लेटफॉर्म लोगों के भरोसे पर खरा उतरा है। \n\nसाथ ही यह अपने न्यूज़ चैनल पर दिखाए जाने वाली खबरों, शोज, स्पशेल कार्यक्रमों एवं रिपोर्टों को पेश करता है। चैनल के ये कार्यक्रम एवं शोज देश-दुनिया के घटनाक्रमों पर एक नया एवं विश्वसनीय नजरिया देते हैं। अपनी खबरों एवं विश्लेषण के चलते पसंदीदा न्यूज़ प्लेटफॉर्म बन चुका टाइम्स नाउ नवभारत, डिजिटल लोगों के भरोसे को लगातार मजबूत कर रहा है।

और पढ़ें
End of Article