Gujarat High Court Hearing on Yusuf Pathan's Petition: यूसुफ पठान और वडोदरा नगर निगम (मनपा) के वकील ने मनपा-राज्य सरकार के अधिकार और लैंड डिस्पोजल पॉलिसी पर बहस की। इस दौरान पठान के वकील की ओर से दलील दी गई कि अब भी हम वह कीमत चुकाने को तैयार हैं, जो निगम कहेगा। आपको बताते हैं आखिर सारा माजरा क्या है।
यूसुफ पठान के वकील की ओर से की गई दलीलें
पूर्व क्रिकेटर और टीएमसी सांसद यूसुफ पठान की अर्जी पर सुनवाई के दौरान उनके वकील ने कहा कि हमारी मांग पर मनपा की मूल्यांकन समिति ने 21 मार्च 2012 की बैठक में प्लॉट की कीमत तय की, पत्र में उल्लेख किया गया कि प्लॉट को 99 साल की लीज पर देने का निर्णय लिया गया और इसके लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया था।
'हम वह कीमत चुकाने को तैयार हैं जो निगम कहेगा'
यूसुफ पठान के वकील ने आगे कहा कि अब भी हम वह कीमत चुकाने को तैयार हैं जो निगम कहेगा। जिसके बाद वडोदरा नगर निगम के वकील ने अपना पक्ष रखा। अदालत में सुनवाई के दौरान उन्होंने कहा कि नगर पालिकाएं अपने प्लॉट का वितरण केवल नीलामी के माध्यम से कर सकती हैं, विशेष मामलों में भूमि आवंटन के लिए सरकार की मंजूरी की आवश्यकता होती है।
यूसुफ पठान की अर्जी पर मनपा के वकील की दलील
वडोदरा नगर निगम के वकील ने आगे कहा कि 2013 में हमारे पत्र के जवाब में, यूसुफ पठान ने हमारे फैसले पर खुशी व्यक्त की। प्लॉट खरीदने और सरकार से मंजूरी लेने के लिए आगे बढ़ने पर सहमति व्यक्त की थी। साल 2014 में राज्य सरकार ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया था जिसकी जानकारी भी पत्र के माध्यम से दी गई थी।
सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने दिया ये अहम निर्देश
गुजरात हाईकोर्ट ने मनपा को सभी दलीलें हलफनामे के रूप में पेश करने का निर्देश दिया। गुजरात हाई कोर्ट ने युसूफ पठान के वकील को फटकार लगाई और कहा कि आपको प्लॉट आवंटित नहीं किया गया है तो आप बाउंड्री वॉल भी नहीं बना सकते। पूरे मामले में 3 जुलाई को आगे की सुनवाई होगी।
