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असम-मणिपुर में बाढ़ से हाहाकार, दिल्ली-यूपी समेत 26 राज्यों में बारिश की चेतावनी; जानें मानसून को लेकर IMD का ताजा अपडेट

IMD Monsoon Update: देश के पूर्वोत्तर हिस्से में बाढ़ से हाहाकार मचा हुआ है। असम के 27 जिलों में 16 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। मणिपुर में कई नदियां उफान पर हैं। वहीं, नगालैंड में करीब पांच लोगों की मौत हो चुकी है। इस बीच मौसम विभाग ने देश के 26 राज्यों में बारिश की चेतावनी जारी की है।

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मानसून पर बड़ा अपडेट

Photo : Times Now Digital

IMD Monsoon Update: भीषण गर्मी के बाद पूरे देश में झमाझम बारिश शुरू हो चुकी है। मानूसन ने इस बार अपने तय समय से छह दिन पहले ही पूरे देश को कवर कर लिया है। उत्तर से लेकर दक्षिण तक देश के अधिकांश राज्यों में तेज बारिश हो रही है। गर्मी से जूझ रहे दिल्ली, पंजाब, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान जैसे राज्यों को भी राहत मिली है। लेकिन पूर्वोत्तर के हिस्से में बारिश से हालत खराब है। मणिपुर और असम में भारी बारिश से बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है।

मणिपुर में स्कूल-कॉलेजों को गुरुवार तक बंद कर दिया गया। इम्फाल पश्चिम में सिंगजामेई ओइनम थिंगल में इम्फाल नदी के तटबंध तथा इम्फाल पूर्व में केइराओ के कुछ हिस्सों और कोंगबा इरोंग में कोंगबा नदी के तटबंध टूट गये। इम्फाल पूर्व में सावोमबंग और क्षेत्रेइगाओ के कुछ हिस्सों में इरिल नदी का पानी उफान पर है। वहीं नगालैंड में बीते दिनों से हो ही बारिश संबंधी घटनाओं में करीब पांच लोगों की मौत तक हो चुकी है। असम की बात करें तो यहां बुधवार को बाढ़ व भूस्खलन से आठ और लोगों की मौत हो गयी जबकि बाढ़ से 27 जिलों के 16.25 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं।

3 दिन तक बारिश बारिश का अनुमान

इस बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की ओर से जारी किए गए पूर्वानुमान के अनुसार, देश के उत्तर-पश्चिम और मध्य हिस्सों में बिजली और गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। पश्चिम उत्तर प्रदेश में 3 व 4 जुलाई को भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। तो वहीं उत्तराखंड में अगले तीन दिनों तक बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। वहीं, पूर्वोत्तर की बात करें तो नगालैंड, मणिपुर, त्रिपुरा, असम व मेघायल में 6 जुलाई तक भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है।

26 राज्यों में बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने देश के 26 राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग की ओर से कहा गया है कि हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, गोवा, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तराखंड, राजस्थान, गुजरात, बिहार, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, असम, नगालैंड, त्रिपुरा, मिजोरम भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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