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अगले 24 घंटों में असर दिखाएगा चक्रवाती तूफान बिपरजॉय, इन राज्यों में खतरा बढ़ा

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Jun 10, 2023, 07:30 AM IST

Cyclone Biparjoy News in Hindi: मौसम विभाग ने कहा कि चक्रवाती तूफान के कारण आने वाले दिनों में कुछ राज्यों के मौसम में बदलाव होगा, इससे उन राज्यों को भी राहत मिलने की उम्मीद है जहां बीते कई दिनों से लू चल रही है। हालांकि, मौसम विभाग ने यह भी कहा है कि 24 घंटों में साइक्लोन गंभीर स्थिति में होगा।

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cyclone Biparjoy

Photo : ANI

Cyclone Biparjoy Update: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ओर से चक्रवाती तूफान बिपरजॉय को लेकरअलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने कहा है कि चक्रवाती तूफान अगले 24 घंटों में अपना असर दिखाएगा और यह उत्तरपूर्व की ओर तेजी से बढ़ेगा। मौसम विभाग ने कहा कि चक्रवाती तूफान के कारण आने वाले दिनों में कुछ राज्यों के मौसम में बदलाव होगा, इससे उन राज्यों को भी राहत मिलने की उम्मीद है जहां बीते कई दिनों से लू चल रही है। हालांकि, मौसम विभाग ने यह भी कहा है कि 24 घंटों में साइक्लोन गंभीर स्थिति में होगा।

मौसम विभाग ने कहा है कि चक्रवाती तूफान बिपरजॉय के कारण अरब सागर तट वलसाड में तीथल बीच पर ऊंची लहरें उठ रही हैं, इस कारण एहतियातन बीच को 14 जून तक बंद कर दिया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक, बिपरजॉय के कारण केरल के कई जिलों में मूसलाधार बारिश का खतरा है, जिस कारण यहां येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, पठानमथिट्टा, कोट्टायम, इडुक्की वह अन्य जिलों में भी लोगों को मौसम को लेकर अलर्ट किया गया है।

मछुआरों के लिए चेतावनी जारी

वालसाड के तहसीलदार टीसी पटेल ने बताया कि चक्रवाती तूफान की स्थिति को देखते हुए, समुद्र किनारे रहने वाले मछुआरों को अलर्ट किया गया है और उन्हें वहां से हटा लिया गया है। उन्होंने बताया कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आश्रय स्थल बनाए गए हैं। लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है।

कई राज्यों में बदलेगा मौसम

मौसम विभाग के मुताबिक, चक्रवाती तूफान बिपरजॉय के कारण कई राज्यों के मौसम में भारी बदलाव देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के मुताबिक, बिहार, झारखंड, बंगाल, उत्तर प्रदेश में दिन भर बादल छाए रहने के आसार हैं, जिससे तापमान में कुछ नमी आएगी और बीते कई दिनों से चली रही गर्मी से राहत मिलेगी। मौसम विभाग ने बताया है कि केरल कर्नाटक और गोवा के तटीय इलाकों में 10 जून तक समुद्र में ऊंची लहरों के उठने की संभावना बनी हुई है।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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