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Maharashtra: पुणे पुलिस ने IAS पूजा खेडकर की मां को भेजा कारण बताओ नोटिस, लाइसेंसी बंदूक के दुरुपयोग का लगा है आरोप

IAS Pooja Khedkar: पूजा खेडकर की मां मनोरमा खेडकर को लाइसेंसी बंदूक के दुरुपयोग को लेकर पुणे पुलिस ने कारण बताओ नोटिस जारी किया। नोटिस में कहा गया है कि मनोरमा खेडकर को जवाब देना है कि उनकी बंदूक का लाइसेंस क्यों न रद्द कर दिया जाए। उन्हें 10 दिनों के भीतर जवाब देने को कहा गया है।

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पूजा खेडकर की मां को पुणे पुलिस ने भेजा कारण बताओ नोटिस

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल
KEY HIGHLIGHTS
  • IAS पूजा खेडकर की मां को पुलिस ने भेजा कारण बताओ नोटिस
  • पुलिस ने 10 दिनों के भीतर जवाब देने को कहा गया
  • पुलिस कर रही मामले की जांच

IAS प्रोबेशनर पूजा खेडकर की मां मनोरमा खेडकर को लाइसेंसी बंदूक के दुरुपयोग को लेकर पुणे पुलिस ने कारण बताओ नोटिस जारी किया। पुणे के पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने अहमदनगर के भालगांव गांव की सरपंच मनोरमा खेडकर को एक वायरल वीडियो में गरमागरम बहस के दौरान पिस्तौल लहराते हुए देखे जाने के बाद पूजा खेडकर की मां को कारण बताओ नोटिस जारी किया। कुमार द्वारा पूजा खेडकर की मां मनोरमा खेडकर को जारी किया गया कारण बताओ नोटिस चिपका दिया गया है, क्योंकि नोटिस लेने के लिए कोई भी नहीं आया। नोटिस में कहा गया है कि मनोरमा खेडकर को जवाब देना है कि उनकी बंदूक का लाइसेंस क्यों न रद्द कर दिया जाए। उन्हें 10 दिनों के भीतर जवाब देने को कहा गया है।

2023 बैच की प्रशिक्षु आईएएस है पूजा खेडकर

एक स्थानीय किसान की शिकायत पर पुणे ग्रामीण पुलिस क्षेत्राधिकार में शस्त्र अधिनियम के तहत उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है विवादों के सिलसिले के बाद हाल ही में पूजा का पुणे से वाशिम जिले में तबादला कर दिया गया। केंद्र सरकार ने इन आरोपों की जांच के लिए एक समिति गठित की है। इससे पहले शनिवार को पूजा खेडकर ने केंद्र द्वारा उनकी उम्मीदवारी की जांच के लिए एक पैनल गठित करने पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। आरोपों के बाद पुणे से वाशिम स्थानांतरित की गईं पूजा खेडकर ने कहा कि उन्हें इस मामले पर बोलने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि मुझे इस मामले पर कुछ भी कहने का अधिकार नहीं है। सरकारी नियम के अनुसार मुझे इस मामले पर बोलने की अनुमति नहीं है।

महाराष्ट्र में 2023 बैच की प्रशिक्षु आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर को लेकर विवाद उनके और उनके परिवार के खिलाफ नए आरोपों के साथ और गहरा गया है। पूजा पर अपने अधिकार का दुरुपयोग करने और सिविल सेवा परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए फर्जी विकलांगता और जाति प्रमाण पत्र जमा करने के आरोप हैं। उन पर भ्रष्टाचार के कई मामलों में आरोप लगाए गए हैं, जिसमें बीकन लाइट से लैस वाहन का अनधिकृत उपयोग और अलग कार्यालय, आधिकारिक वाहन और कर्मचारियों जैसे विशेषाधिकारों की मांग करना शामिल है, जो आमतौर पर प्रशिक्षु अधिकारियों को नहीं दिए जाते हैं।

कोविड संक्रमण का हवाला देते एम्स नहीं पहुंची पूजा खेडकर

गुरुवार को केंद्र सरकार ने खेडकर के उम्मीदवारी के दावों और अन्य विवरणों की पुष्टि के लिए एक एकल सदस्यीय समिति का गठन किया, जो एक सिविल सेवक के रूप में उनके द्वारा कथित तौर पर सत्ता के दुरुपयोग के विवाद के बाद हुई थी। कार्मिक मंत्रालय ने एक बयान में घोषणा की, जिसमें जोर दिया गया कि समिति की अध्यक्षता केंद्र सरकार के तहत अतिरिक्त सचिव स्तर के एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा की जाती है और यह दो सप्ताह में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। आईएएस प्रशिक्षु पर पुणे कलेक्टर के कार्यालय में एक वरिष्ठ अधिकारी की नेमप्लेट हटाने का भी आरोप लगाया गया था, जब उन्होंने उसे अपने एंटेचैम्बर को अपने कार्यालय के रूप में उपयोग करने की अनुमति दी थी।

खेडकर ने कथित तौर पर सिविल सेवा परीक्षा पास करने के लिए फर्जी विकलांगता और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) प्रमाण पत्र प्रस्तुत किए थे। रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि उन्होंने मानसिक बीमारी का प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत किया था। अप्रैल 2022 में, उन्हें अपने विकलांगता प्रमाण पत्र के सत्यापन के लिए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), दिल्ली में रिपोर्ट करने के लिए कहा गया था, लेकिन उन्होंने कोविड संक्रमण का हवाला देते हुए ऐसा नहीं किया।

Shashank Shekhar Mishra
Shashank Shekhar Mishraauthor

शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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