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उत्तरकाशी आपदा: Chinook Helicopters की मदद से प्रभावित इलाकों में एयरफोर्स का राहत अभियान जारी

उत्तरकाशी जिले के आपदा प्रभावित इलाकों में वायुसेना राहत और बचाव कार्य चला रही है। इस काम में चिनूक हेवी-लिफ्ट हेलीकॉप्टर की मदद से बचाए गए लोगों को हर्षिल से देहरादून के जॉलीग्रांट हवाई अड्डे पर लाया गया।

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प्रभावित इलाकों में एयरफोर्स का राहत अभियान जारी (फोटो: canva)

भारतीय वायुसेना (IAF) ने उत्तरकाशी जिले के आपदा प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान चलाने के लिए चिनूक हेवी-लिफ्ट हेलीकॉप्टर (Chinook heavy-lift Helicopters) तैनात किए हैं। यह घटना धराली गांव के पास हुए भीषण बादल फटने और भूस्खलन के बाद हुई है, जिसमें कई लोग फंस गए थे। राज्य में मानसून के कारण भारी व्यवधान देखने को मिल रहा है खासकर इसके ऊंचाई वाले इलाकों में, जिसके कारण कई एजेंसियों के नेतृत्व में बड़े पैमाने पर निकासी और राहत अभियान चलाए जा रहे हैं।

मंगलवार को दो बार बादल फटने की घटनाओं, एक धराली में और दूसरी धराली के पास सुखी टॉप इलाके में, ने व्यापक तबाही मचाई, जिसका सबसे ज्यादा असर धराली पर पड़ा है।

अब तक धराली से 274 लोगों को बचाया जा चुका है, जिसमें भारतीय सेना, भारतीय वायुसेना (IAF), ITBP, NDRF, SDRF, BRO और स्थानीय स्वयंसेवक लापता लोगों की तलाश के लिए एक संयुक्त बचाव और राहत अभियान में लगे हुए हैं।

सीएम धामी ने पौड़ी गढ़वाल का दौरा किया

पुष्कर सिंह धामी ने आज पौड़ी गढ़वाल का दौरा किया और ज़िले के आपदा प्रभावित इलाकों से बचाए गए लोगों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने बचे लोगों को आश्वासन दिया कि सेना के जवानों के सहयोग से बचाव और राहत अभियान पूरी गति से जारी है। मीडियाकर्मियों से बात करते हुए, मुख्यमंत्री धामी ने कहा, 'इस आपदा से बहुत नुकसान हुआ है। पूरा इलाका तबाह हो गया है। यहाँ बादल फटा और भारी बारिश हुई... सड़क भूस्खलन से पूरी तरह प्रभावित हुई है। 'मुख्यमंत्री ने बचाव कार्यों का विवरण शेयर करते हुए कहा, "उसी दिन 190 लोगों को तुरंत बचा लिया गया... अब तक 274 लोगों को बचाया जा चुका है... वहां खाद्य सामग्री भेजी जा रही है... सेना के जवान बचाव अभियान में लगे हुए हैं...'

राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी

उत्तराखंड पुलिस, एसडीआरएफ, सेना, आईटीबीपी और अन्य राहत एजेंसियों के संयुक्त प्रयासों से राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है।उत्तराखंड पुलिस के अनुसार, उत्तरकाशी आपदा राहत अभियान के तहत बचाए गए लोगों को गुरुवार को चिनूक हेलीकॉप्टर (Chinook Helicopter) द्वारा हर्षिल से देहरादून के जॉलीग्रांट हवाई अड्डे पर लाया गया। हवाई अड्डे पर सभी लोगों की चिकित्सा जाँच की जा रही है।

ग्राउंड जीरो से राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा

इससे पहले, आज मुख्यमंत्री धामी ने सैंजी गाँव और आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया, स्थानीय लोगों से मुलाकात की और उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने ग्राउंड जीरो से राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री धामी आपदा के 24 घंटे के भीतर ही आपदा प्रभावित क्षेत्र पहुँच गए। मुख्यमंत्री ने हाल ही में हुई प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोगों से मिलने के लिए उत्तरकाशी के एक अस्पताल का भी दौरा किया। उन्होंने उनका हालचाल पूछा और डॉक्टरों को सभी पीड़ितों का उचित इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

NDRF टीम की मदद के लिए शव-खोजी कुत्ते, पशु चिकित्सक भेजे गए

उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के जल आपदा प्रभावित धराली गांव में जीवित बचे लोगों की तलाश के लिए जारी अभियान में बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के 69 बचावकर्मियों का एक दल शामिल हुआ। इसके अलावा दो शव-खोजी कुत्ते और पशु चिकित्सकों की एक टीम भी बचाव कार्य में सहयोग के लिए पहुंची है। एनडीआरएफ के उप महानिरीक्षक (DIG) गंभीर सिंह चौहान ने कहा, 'यह एक बड़ी आपदा है और नुकसान का विश्लेषण किया जा रहा है। उत्तरकाशी को जोड़ने वाली सड़कें बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई हैं। हालांकि, हमारी टीमें प्रभावित क्षेत्रों में पीड़ितों को बचाने के लिए काम कर रही हैं।'

एनडीआरएफ टीम राहत एवं बचाव कार्यों को दे रही अंजाम

बचाव अभियान के लिए दो शव-खोजी कुत्तों को भी तैनात किया गया है। उन्होंने कहा कि यह 2006 में स्थापित एनडीआरएफ के 19 साल के इतिहास में पहली बार है, जब किसी अभियान में शव-खोजी कुत्तों की मदद ली जा रही है।चौहान ने कहा, 'मृतकों को ढूंढने में मदद करने वाले शव-खोजी कुत्तों के अलावा, हमारे पास चार खोजी कुत्ते भी हैं, जो जीवित बचे लोगों की तलाश में मदद करेंगे।' उन्होंने बताया कि एनडीआरएफ के 69 कर्मियों की टीम धराली में राहत एवं बचाव कार्यों को अंजाम दे रही है।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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