India Economic Conclave 2023 : सेना में अपना हुनर दिखाने के लिए अग्निवीर योजना युवाओं के लिए एक सुनहरा मौका लेकर आया है। वायु सेना के अग्निवीरों का पहला बैच शनिवार को अपनी ट्रेनिंग पूरी करने जा रहा है। स्वदेशी उपकरणों एवं हथियारों की दिशा में हम लगातार आगे बढ़ रहे हैं। चीन के खिलाफ वायु सेना अपनी ताकत लगातार बढ़ा रही है। हमारी तैयारी ऐसी है कि दुश्मन देश कोई दुस्साहस करने का साहस नहीं करेगा। ये बातें इंडिया इकोनॉमिक कॉन्क्लेव में 2023 में एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी ने टाइम्स नाउ के एडिटर-इन-चीफ और एडिटोरियल डायरेक्टर राहुल शिवशंकर से खास बातचीत में कहीं।
'चीन से लगी सीमा पर हमारी पूरी नजर है'
गलवान घाटी के बाद LAC पर चीन की तैयारी एवं उसकी चुनौती से निपटने के लिए भारतीय वायु सेना की तैयारी पर एयर मार्शल ने कहा कि किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए हम चौबीस घंटे तैयार हैं। उत्तरी बार्डर एवं एलएसी पर क्या चल रहा है इस पर हमारी पूरी नजर है। सीमा की चुनौती एवं स्थिति की मद्देनजर वायु सेना तत्पर है। गलवान घटना के बाद हमने एलएसी पर अपनी निगरानी रडारों की संख्या बढ़ा दी है।'
'पूर्वोत्तर के ठिकानों पर नए सिरे से तैनात हुए फाइट प्लेन'
उन्होंने आगे बताया कि पूर्वोत्तर के हवाई ठिकानों पर फाइटर प्लेन्स की तैनाती नए सिरे से की गई है। सर्दी के मौसम में एलएसी के अग्रिम मोर्चों पर वायु सेना के लॉजिस्टिक को दुरुस्त एवं अपडेट रखना एक बड़ी चुनौती थी लेकिन घटना के बाद सर्दियों का तीन मौसम बीत गया है और वायु सेना पूरे दमखम के साथ पूर्वोत्तर के अपने मोर्चों पर डटी हुई है। राहुल शिवशंकर ने सवाल किया कि गलवान की घटना के बाद एलएसी पर कई जगहों पर भारतीय सेना और पीएलए के आमने-सामने होने की बात सामने आई। एक रिपोर्ट के मुताबिक चीन ने तिब्बत एवं शिनजियांग प्रांत में अपने 37 एयरपोर्ट को अपग्रेड किया है। वायु सेना प्रमुख इस सवाल का जवाब दे रहे थे।
तीन जून को सामने आएंगे IAF के अग्निवीर
वायु सेना प्रमुख ने सरकार की अग्निवीर योजना के बारे में कहा कि यह देश के लिए एक वाटरशेड क्षण है। यह योजना वायु सेना में युवाओं के लिए एक नया अवसर लेकर आई है। इस योजना को लेकर युवाओं में भारी उत्साह देखा गया है। अग्निवीर बनने के लिए हमारे पास नौ लाख आवेदन आए। इनमें से तीन लाख आवेदन योग्य पाए गए। खास बात यह है कि वायु सेना के अग्निवीरों का पहला जत्था 3 जून को अपना प्रशिक्षण पूरे करने जा रहा है।
जेट इंजन बनाने का हमारा प्रयास भी सफल होगा
स्वदेशी उपकरण एवं हथियारों को वायु सेना में शामिल करने की दिशा में हमारा प्रयास जारी है। पिछले वर्षों में स्वदेशी हथियारों के लिए कई करार किए हैं। स्वदेशी रडार, हेलिकॉप्टर और तेजस लड़ाकू विमान वायु सेना में पहले ही शामिल किए जा चुके हैं। जेट इंजन के बारे में वायु सेना प्रमुख ने कहा कि यह तकनीक काफी जटिल होती है। जेट इंजन की तकनीक कुछ चुनिंदा देशों एवं कंपनियों के पास है। भारत जेट इंजन बनाने का प्रयास कई सालों से कर रहा है। इस दिशा में हमारे पास कावेरी योजना है। हमारा प्रयास भी एक दिन सफल होगा।
भारत की होगी अपनी डिफेंस स्पेस एजेंसी
ड्रोन खतरों के बारे में वायु सेना प्रमुख ने कहा कि आज के समय में यह एक बड़ी चुनौती है। इससे निपटने के लिए हमने विशेष उपाय किए हैं। 2021 में हमने ड्रोन रूल्स बनाए। फ्लाई जोन और नो फ्लाई जोन की शिनाख्त की। ड्रोन की शिनाख्त करने के लिए हमने पैरा-मिलिट्री फोर्स को ट्रेनिंग दी है। स्पेस वार के बारे में उन्होंने कहा कि कुछ देश इस पर अपना दबदबा एवं महारत हासिल करना चाहते हैं। आने वाले समय यह क्षेत्र काफी दिलचस्प रहने वाला है। स्पेस वार की चुनौतियों को देखते हुए हम डिफेंस स्पेस एजेंसी का निर्माण कर रहे हैं। साथ ही एआई को लेकर भी हम प्रयोगशालाओं के साथ संपर्क में हैं। थियेटर कमांड की दिशा में काम जारी है। वायु सेना सीडीएस के साथ संपर्क में है। जल्द ही इस दिशा में कुछ ठोस सामने आएगा।
