ऑटो न्यूज़

इथेनॉल फ्यूल से गाड़ी में तैयार होती है 60 फीसदी बिजली, नितिन गडकरी ने बताए इसके बड़े फायदे

  • Agency by: Agency
  • Updated May 5, 2026, 08:53 PM IST

केंद्रीय मंत्री ने इवेंट के दौरान बताया कि मौजूदा समय में हम करीब 22 लाख करोड़ फॉसिल फ्यूल के इंपोर्ट पर खर्च कर रहे हैं। यह देश के लिए बहुत ही चैलेंजिंग है।

Image

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को टाइम्स ड्राइव ऑटो समिट और अवॉर्ड कार्यक्रम में इथेनॉल फ्यूल को लेकर कई बड़ी बातें कहीं। इसके साथ ही उन्होंने प्रदूषण को खत्म करने के लिए अपने मास्टर प्लान के बारे में भी जानकारी दी। केंद्रीय मंत्री ने प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण फॉसिल फ्यूल को बताया। उन्होंने बताया कि प्रदूषण के कारण 10 साल तक हमारा जीवन कम होता है इसलिए इसे किसी भी हालत में खत्म करना है।

केंद्रीय मंत्री ने इवेंट के दौरान बताया कि मौजूदा समय में हम करीब 22 लाख करोड़ फॉसिल फ्यूल के इंपोर्ट पर खर्च कर रहे हैं। यह काफी देश के लिए चैलेंजिंग है। उन्होंने कहा कि हम तेजी से अल्टर्नेटिव फ्यूल और बॉयो फ्यूल के साथ-साथ एग्रीकल्चर इक्विपमेंट और कंट्रेक्शन इक्विपमेंट में बढ़ रहे हैं मुझे पूरा विश्वास है कि हम पांच साल में काफी ऊपर आ जाएंगे।

केंद्रीय मंत्री ने इवेंट के दौरान कहा कि हमने 15 साल की गाड़ियों को स्क्रैप करना शुरू किया है। एल्यूमिनियम, कॉपर, रबर, स्टील सब रिसाइकिल हो रहा है जिससे कंपोनेट्स की कीमत भी 30 पर्सेंट कम है। उन्होंने कहा कि अल्टर्नेटिव ऑप्शन में अब इलेक्ट्रिक कॉफी पॉपुलर बन चुका है। उन्होंने बताया कि डायवर्सिफिकेशन होने में थोड़ा टाइम लगा लेकिन अब बदलाव देखने को मिल रहा है।

फ्री में तैयार होती है बिजली

केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इथेनॉल फ्यूल के फायदे के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि मेरे पास फ्लेक्स इंजन की गाड़ी है जब मैं उसमें 100 पर्सेंट इथेनॉल पर चलता हूं तब वो 60% बिजली तैयार करती है। उन्होंने बताया कि पेट्रोल की गाड़ी और इथेनॉल की गाड़ी में यह अंतर है कि उसका एवरेज उतना पकड़ने के बाद कॉस्ट 25-30 रुपये लीटर आती है क्योंकि बिजली फ्री में तैयार होती है जिससे कहीं न कहीं ये हमें इकोनॉमिकली वाइबल है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इलेक्ट्रिक और फ्लेक्स इंजन- पेट्रोल और डीजल इंजन से सस्ता है। ये इंपोर्ट सब्स्टीट्यूट, कॉस्ट इफेक्टिव, पॉल्यूशन फ्री है जिसकी वजह से लोग ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि अब ट्रक भी आ रहे हैं। बसें अब इलेक्ट्रिक हो गई हैं और ट्रैक्टर भी इलेक्ट्रिक आ रहे हैं। ये ट्रांसफॉर्मेशन काफी तेजी से चल रहा है। इसके अलावा इसमें रिसर्च भी चल रहा है।

डीजल का अल्टरनेटिव

उन्होंने बताया कि पानीपत में एविएशन फ्यूल भी बन रहा है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि एक लाख लीटर इथेनॉल प्रति दिन बन रहा है और करीब डेढ़ सौ टन बॉयो फ्यूल बन रहा है। उन्होंने बताया कि इथेनॉल से आइसोबीटेनॉल तैयार होगा जिस पर ट्रायल चल रहा है जो कि डीजल का अल्टर्नेटिव होगा। उन्होंने कहा कि हाल ही में 100 पर्सेंट इथेनॉल और 100 आइसोबीटेनॉल वाले दो जनरेटर भी लॉन्च किए गए हैं जो कि परफेक्टली काम कर रहे हैं। उनके मुताबिक आइसोबीटेनॉल डीजल की तुलना में कहीं ज्यादा सस्ता होता है।

End of Article