Humayun Kabir : तृणमूल कांग्रेस से निलंबित होने के बाद विधायक हुंमायू कबीर ने टीएमसी प्रमुख एवं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला। कबीर ने कहा कि 'ममता राज्य में आरएसएस का काम कर रही है और 2026 में वह मुख्यमंत्री नहीं बन पाएंगी'। दअसल, टीएमसी विधायक ने मुर्शिदाबाद में छह दिसंबर को बाबरी मस्जिद का निर्माण कराने का एलान किया था। इस एलान पर विवाद होने पर टीएमसी ने हुंमायू को पार्टी से निलंबित कर दिया।
भरतपुर से विधायक, जिन्होंने मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद की तर्ज पर एक मस्जिद बनाने वाले बयान से बड़ी विवाद को जन्म दिया था, उन्होंने आगे यह सवाल उठाया कि यदि संगठन को उनसे इतनी आपत्ति थी, तो उन्हें एक दशक से भी अधिक समय तक क्यों बनाए रखा गया।
'मुझे पार्टी में क्यों शामिल किया गया?'
एएनआई के अनुसार कबीर ने कहा, 'जब वह पहली बार सत्ता में आईं, तब उन्हें 182 सीटें मिलीं। मुझे उनकी जरूरत थी। मुझे पार्टी में शामिल किया गया… फिर 12–13 साल तक मेरे साथ ऐसा क्यों किया गया? मुझे पार्टी में क्यों शामिल किया गया?' उन्होंने ममता बनर्जी पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का भी आरोप लगाया, यह कहते हुए कि वह लोगों से धन लेकर मंदिर बनाती हैं, लेकिन मुस्लिम मौलवियों को मात्र भत्ता देती हैं।
आरएसएस का काम कर रहीं ममता-कबीर
उन्होंने आगे कहा, 'आज मुख्यमंत्री लोगों से धन लेकर जगन्नाथ मंदिर बनाती हैं, दुर्गा पूजा के लिए धन दिया जाता है। मुस्लिम मौलवियों को 3000 रुपये का भत्ता दिया जाता है; सभी भत्तों को मिलाकर 54,000 रुपये दिए जा रहे हैं। जबकि समितियों को हर साल 1,10,000 रुपये दिए जाते हैं। वह आरएसएस का काम कर रही हैं।'
‘दंगों की राजनीति’ को कभी स्वीकार नहीं करेंगे-ममता
कबीर को बृहस्पतिवार को तृणमूल कांग्रेस से निलंबित किए जाने के कुछ घंटे बाद ममता बनर्जी ने कहा कि मुर्शिदाबाद के लोग ‘दंगों की राजनीति’ को कभी स्वीकार नहीं करेंगे। तृणमूल कांग्रेस ने मुर्शिदाबाद जिले में बाबरी मस्जिद के निर्माण की घोषणा करके विवाद खड़ा करने वाले भरतपुर के विधायक हुमायूं कबीर को बृहस्पतिवार को निलंबित कर दिया। कबीर का नाम लिए बिना बनर्जी ने मुर्शिदाबाद में एक रैली में कहा कि ‘तृणमूल कांग्रेस सांप्रदायिक राजनीति नहीं करती और वह इसके सख्त खिलाफ है।’
