देश

Hooghly violence: पश्चिम बंगाल हिंसा की जांच करने पहुंचे दल को पुलिस ने रोका, पूर्व जज बोले- डरी हुई है सरकार

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Apr 9, 2023, 01:31 PM IST

पटना उच्च न्यायालय के पुर्व मुख्य न्यायाधीश नरसिम्हा रेड्डी के नेतृत्व में छह सदस्यीय दल तथ्यों का पता लगाने के लिए आज हुगली पहुंच रहा था। जानकारी के मुताबिक, घटनास्थल से तीन किलोमीटर पहले ही जांच दल को रोक दिया गया।

Image

पुलिस और जांच दल के सदस्यों के बीच कहासुनी

Photo : ANI

West Bengal News: पश्चिम बंगाल में बीते सप्ताह राम नवमी के दिन हुई सांप्रदायिक हिंसा मामले में नया मोड़ आ गया है। यहां हिंसा की जांच करने के लिए पहुंचे छह सदस्यीय दल को पुलिस ने रास्ते में ही रोक लिया, जिसके बाद बवाल खड़ा हो गया। बता दें, पटना उच्च न्यायालय के पुर्व मुख्य न्यायाधीश नरसिम्हा रेड्डी के नेतृत्व में छह सदस्यीय दल तथ्यों का पता लगाने के लिए आज हुगली पहुंच रहा था।

पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद पूर्व न्यायाधीश नरसिम्हा रेड्डी ने कई बड़े आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा, पुलिस का कहना है कि पूरे इलाके में धारा 144 लागू की गई है, इसलिए उन्हें वहां जाने से रोका जा रहा है। उन्होंने कहा, असल में पुलिस डरी हुई है क्योंकि उनका पर्दाफाश हो जाएगा।

घटनास्थल से तीन किमी दूर रोका गया जांच दल

जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने जांच दल को घटनास्थल से करीब तीन किलोमीटर दूर ही रोक दिया। पुलिस का कहना है कि यह इलाका अभी भी अशांत है और यहां पर धारा 144 लागू है। जांच दल के वहां पहुंचने से कई लोग इकट्ठा हो सकते हैं, जिससे फिर से स्थिति बिगड़ सकती है।

पुलिस ने कई लोगों को किया है गिरफ्तार

रामनवमी के दिन पश्चिम बंगाल में हुई हिंसा मामले में पुलिस ने कई लोगों को गिरफ्तार किया था। यहां रिशरा थाने में दर्ज एफआईआर के तहत पहले दिन 12 लोगों की गिरफ्तारी हुई थी। इसके बाद अलग- अलग इलाकों में भी पुलिस ने छापेमारी कर अन्य लोगों को हिरासत में लिया था। बता दें, हिंसा के बाद भाजपा और टीएमसी एक बार फिर आमने सामने हैं। दोनों दलों के नेता एक दूसरे पर हिंसा भड़काने का आरोप लगा रहे हैं।
प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

और पढ़ें
End of Article