West Bengal News: पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य में 252 अनधिकृत मदरसों को बंद करने का नोटिस जारी किया है। सरकार की ओर से यह कार्रवाई राज्य के इस्लामिक शैक्षणिक संस्थानों की समीक्षा के बाद की गई है। इस बीच पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने स्पष्ट रूप से कहा है कि राज्य में किसी भी तरह की अवैध गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
दिलीप घोष ने सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि जिन संस्थानों के पास सरकार की वैध अनुमति नहीं है, उनकी गतिविधियां जारी नहीं रहने दी जाएंगी। उन्होंने कहा, “गैरकानूनी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर कोई मदरसा चलाना चाहता है तो उसे सरकार से अनुमति लेनी होगी। सिर्फ वैध अनुमति वाले संस्थानों को ही काम करने दिया जाएगा।”
मंत्री ने आगे कहा कि मदरसों को लेकर सवाल और चिंताएं पिछले करीब 20 साल से उठती रही हैं। कई नेताओं ने अलग-अलग समय पर इस मुद्दे को उठाया, लेकिन इसका स्थायी समाधान नहीं निकला। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वर्तमान सरकार इस समस्या का स्थायी समाधान निकालेगी। यह बयान ऐसे समय आया है जब राज्यभर के इस्लामी शिक्षण संस्थानों की समीक्षा के तहत पश्चिम बंगाल सरकार ने 252 मदरसों को बंद करने के नोटिस जारी किए।
राज्य में बड़ी निवेश परियोजनाएं
इस बीच पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने राज्य में जारी कई बड़ी परियोजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बीते चार महीनों में राज्य में कई अहम परियोजनाओं पर काम आगे बढ़ा है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, 15,000 करोड़ रुपये की एक बड़ी परियोजना शुरू हुई है। इसके अलावा 600 करोड़ रुपये की अमूल फैक्ट्री और गंगोनी में करीब 700 करोड़ रुपये की परियोजना का भी जिक्र किया गया। उन्होंने रोबोटिक फायर-फाइटिंग सिस्टम के बारे में भी बताया। उनके अनुसार, यह तकनीक उन जगहों पर आग बुझाने में मदद कर सकती है, जहां बड़े फायर टेंडर आसानी से नहीं पहुंच पाते।
