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'यह बेहद असंवेदनशील सरकार', जंतर-मंतर पर वांगचुक से मिलने के बाद बोले पवन खेड़ा, CJP की मांगों का समर्थन किया

खेड़ा ने वांगचुक के गिरते स्वास्थ्य पर चिंता जताई और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने एवं जवाबदेही तय करने की CJP की मांग का समर्थन किया। कांग्रेस नेता ने सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि छात्रों के प्रति 'यह अत्यंत असंवेदनशील सरकार है।'

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जंतर-मंतर पर अनशन कर रहे वांगचुक से मिलते कांग्रेस नेता पवन खेड़ा।

Photo : ANI

Pawan Khera meets Wangchuk: जंतर-मंतर पर बीते 20 दिनों से अनशन पर बैठे एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक से विपक्षी नेताओं के मिलने का सिलसिला जारी है। शुक्रवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा ने वांगचुक से मुलाकात की। खेड़ा ने वांगचुक के गिरते स्वास्थ्य पर चिंता जताई और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने एवं जवाबदेही तय करने की CJP की मांग का समर्थन किया। कांग्रेस नेता ने सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि छात्रों के प्रति 'यह अत्यंत असंवेदनशील सरकार है।'

'हम सभी को सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य की चिंता'

मीडिया से बात करते हुए खेड़ा ने कहा, 'हम सभी को सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य की चिंता है। हम एक अत्यंत असंवेदनशील सरकार से जूझ रहे हैं, जो लोकतांत्रिक विरोध की भाषा समझने में नाकाम रही है। ऐसी सरकार के सामने विरोध के तरीकों को बदलना जरूरी है... इस सरकार के खिलाफ अपनी जान जोखिम में डालने से कोई नतीजा नहीं निकलेगा।' खेड़ा ने बताया कि कांग्रेस पार्टी 'छात्रों की गूंज' नामक अभियान चला रही है, जिसके जरिए देशभर के कैंपसों और समुदायों में छात्रों और परीक्षा से जुड़े मुद्दे उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी केवल धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की ही नहीं, बल्कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की भी मांग कर रही है।

लगातार कम हो रहा वांगचुक का वजन

प्रदर्शन के आयोजकों में से एक अभिजीत दीपके ने खेड़ा के जंतर-मंतर आगमन और एकजुटता जताने के लिए उनका आभार व्यक्त किया, और एक बार फिर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। 17 जुलाई सुबह 9:30 बजे दर्ज किए गए स्वास्थ्य आंकड़ों के अनुसार वांगचुक का वजन 56.55 किलोग्राम रह गया है, जो पिछले 24 घंटों में 350 ग्राम कम हुआ है। उनका ब्लड प्रेशर 108/68, ब्लड शुगर 70 mg/dL और पल्स रेट 72 प्रति मिनट दर्ज किया गया।

एक्टिविस्ट के अंगों पर असर पड़ने की आशंका

डॉक्टर सतीश लांबा ने बताया कि भूख हड़ताल के 20वें दिन शरीर में तीसरे चरण के बदलाव शुरू हो चुके हैं। उन्होंने समझाया कि जब शरीर को ग्लूकोज, प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट नहीं मिलते, तो पहले वसा की कमी होती है, फिर मांसपेशियों का क्षरण और मूत्र में कीटोन बॉडीज बनने लगती हैं और अब तीसरे चरण में अंगों पर असर पड़ने की आशंका है। उन्होंने बताया कि मेडिकल टीम 24 घंटे निगरानी बनाए हुए है।

वांगचुक से मिलने पहुंच रहे विपक्ष के नेता

गुरुवार को पूर्व दिल्ली मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल और समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव भी वांगचुक से मिलकर एकजुटता जता चुके हैं। केजरीवाल ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए वांगचुक का नाम अगले शिक्षा मंत्री पद के लिए प्रस्तावित किया और चेतावनी दी कि केंद्र सरकार भी 2014 में कांग्रेस नीत यूपीए-2 सरकार जैसे हश्र का सामना कर सकती है।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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