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क्या तमिलनाडु में विजय की सरकार गिराने की थी साजिश? पुलिस के रडार पर 'प्रोजेक्ट मेघालय'

विधायक का दावा है कि पेशकश ठुकराए जाने के बाद उन्हें और उनके परिवार को धमकी दी गई। वहीं, पुलिस का कहना है कि वह इस पूरे मामले से परदा उठाने के लिए जांच कर रही है। पुलिस की अब तक की जांच में 'ऑपरेशन मेघालय' के बारे में पता चला है।

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तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय।

Photo : PTI

Project Meghalaya: तमिलनाडु में नई सरकार के आए अभी चंद महीने ही हुए हैं लेकिन वहां की सियासत में शह-मात का खेल शुरू हो गया है। खबर है कि सीएम विजय की अगुवाई वाली तमिलगा वेत्री कड़गम की सरकार को अस्थिर करने की साजिश रची गई लेकिन इसका भंडोफोड़ हो गया है। एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक सरकार गिराने की साजिश के तहत पार्टी के कई विधायकों को रिश्वत देने की कोशिश हुई। रिपोर्ट के मुताबिक इस मामले में पुलिस ने बीते सप्ताह टेलिविनज के एक बड़े पत्रकार से पूछताछ की है। पुलिस ने कथित रिश्वत प्रकरण मामले में अब तक 9 लोगों को गिफ्तार किया है।

रिपोर्ट के मुताबिक दावा है कि विधानसभा में मतदान के दौरान टीवीके के ह्विप का उल्लंघन करने के लिए पार्टी के कम से कम एक विधायक पर कोशिश की गई। इस बारे में उथानगरई से टीवीके विधायक एन इलैयाराजा ने पुलिस में दर्ज अपनी शिकायत में यूट्यूबर तिरुनावुक्करसु पर आरोप लगाया है। इलैयाराजा का आरोप है कि ओपिनियन पोलिंग ग्रुप IPDS चलाने वाले तिरुनावुक्कारसू ने पार्टी के रुख से अलग जाकर वोट देने के लिए उन्हें 35 करोड़ रुपए देने की पेशकश की।

टीवीके के 15 विधायकों से संपर्क की कोशिश

विधायक का दावा है कि पेशकश ठुकराए जाने के बाद उन्हें और उनके परिवार को धमकी दी गई। वहीं, पुलिस का कहना है कि वह इस पूरे मामले से परदा उठाने के लिए जांच कर रही है। पुलिस की अब तक की जांच में 'ऑपरेशन मेघालय' के बारे में पता चला है। पुलिस का कहना है कि इसके तहत टीवीके के करीब 15 विधायकों से संपर्क करने की कोशिश हुई। इस ऑपरेशन का मकसद विधायकों को रिश्वत देकर एक्टर विजय की सरकार को गिराना था।

पत्रकार विजयन से पुलिस ने की पूछताछ

अधिकारियों ने क्षेत्रीय समाचार चैनल 'पुथिया थलाइमुराई' के एक पत्रकार विजयन से मुख्य आरोपी के साथ उनके कथित संपर्कों को लेकर पूछताछ की है। पुलिस ने कहा कि सबूतों से पता चला है कि विजयन ने मुख्य आरोपियों में से एक, जिसकी पहचान थिरुनावुक्करसु के रूप में हुई है, को संदेश भेजे थे और संबंधित अवधि के दौरान वह उसके साथ लगातार संपर्क में था। 15 और 16 जुलाई को पूछताछ के लिए बुलाए जाने के बाद उनके मोबाइल फोन को फोरेंसिक जांच के लिए जब्त कर लिया गया।

प्रेस की स्वतंत्रता को दबाने की कोशिश बताया

चेन्नई प्रेस क्लब ने पुलिस की इस कार्रवाई की कड़ी आलोचना करते हुए इसे प्रेस की स्वतंत्रता को दबाने की कोशिश बताया है। क्लब का कहना है कि 15 जुलाई की रात पत्रकार विजयन से देर रात तक पूछताछ की गई, उनका मोबाइल फोन उचित कानूनी प्रक्रिया का पालन किए बिना जब्त कर लिया गया और अगले दिन उन्हें फिर से पूछताछ के लिए बुलाया गया। हालांकि, पुलिस का कहना है कि जांच पूरी तरह से तय कानूनी प्रक्रियाओं के तहत की जा रही है। अब तक कथित रिश्वत प्रकरण में नौ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पूर्व DMK मंत्री सेंथिल बालाजी और उनके भाई अशोक को भी पूछताछ के लिए समन भेजा गया है।

वहीं, DMK ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए TVK पर राजनीतिक लाभ के लिए झूठे आरोप फैलाने का आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि वह इस मामले में कानूनी माध्यम से जवाब देगी।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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