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Jharkhand: हेमंत सोरेन का शपथ ग्रहण समारोह आज, रांची में जुटेंगे इंडिया गठबंधन के कई बड़े नेता

Hemant Soren Swearing-in ceremony:हेमंत सोरेन के अलावा कांग्रेस और राजद के एक-एक मंत्री भी शपथ ले सकते हैं। हालांकि, कुछ नेताओं का कहना है कि सोरेन अकेले ही शपथ लेंगे। विधानसभा में विश्वास मत के बाद मंत्रिमंडल का विस्तार किया जाएगा। इस समारोह में इंडिया गठबंधन के कई बड़े नेताओं के शामिल होंगे की संभावना है।

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पत्नी कल्पना सोरेन के साथ हेमंत सोरेन।

Photo : Twitter

Hemant Soren Swearing-in Ceremony: हेमंत सोरेन आज रांची के मोरहाबादी मैदान में एक भव्य समारोह में झारखंड के 14वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। इस समारोह में इंडिया गठबंधन के प्रमुख सदस्यों सहित कई प्रमुख नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है। यह शपथ ग्रहण समारोह शाम 4 बजे होगा, झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार हेमंत सोरेन को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे।

संभावना व्यक्त की जा रही है कि सीएम हेमंत सोरेन के अलावा कांग्रेस और राजद के एक-एक मंत्री भी शपथ ले सकते हैं। हालांकि, कांग्रेस महासचिव एवं झारखंड प्रभारी गुलाम अहमद मीर का कहना है कि हेमंत सोरेन के अकेले ही शपथ लेने की उम्मीद है और विधानसभा में विश्वास मत के बाद मंत्रिमंडल का विस्तार किया जाएगा।

इंडिया गठबंधन करेगा शक्ति प्रदर्शन

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का शपथ ग्रहण समारोह इंडिया ब्लॉक के शक्ति प्रदर्शन का मंच भी बनेगा। समारोह में गठबंधन के ज्यादातर शीर्ष नेताओं ने अपनी उपस्थिति की रजामंदी दे दी है। अतिथियों की सूची आधिकारिक तौर पर जारी की गई है। इसके अनुसार, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, शरद पवार, ममता बनर्जी, अरविंद केजरीवाल, अखिलेश यादव, उद्धव ठाकरे, महबूबा मुफ्ती, उदय स्टालिन, डीके. शिवकुमार, तेजस्वी यादव, मनीष सिसोदिया जैसे नेता समारोह में शामिल होंगे। इस दौरान पूरे राज्य से करीब 50 हजार लोगों के जुटने की संभावना व्यक्त की जा रही है।

रांची के स्कूल रहेंगे बंद

झारखंड में हेमंत सोरेन के नेतृत्व में नयी सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के मद्देनजर रांची शहर में गुरुवार को स्कूल बंद रहेंगे। अधिकारी के मुताबिक यह समारोह रांची के मोरहाबादी मैदान में आयोजित किया जाएगा और राज्य भर से हजारों लोगों के इसमें शामिल होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन से शहर में यातायात जाम जैसी स्थिति पैदा हो सकती है और छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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