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किसी भी मुख्यमंत्री का अंडरग्राउंड होना असंभव, सुरक्षा में होते हैं कम से कम 200 जवान

  • Written by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 30, 2024, 01:02 PM IST

Hemant Soren Row: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की लोकेशन अब तक ट्रैक नहीं हो सकी है। तमाम कयास लगाए जा रहे हैं, लेकिन पुख्ता जानकारी किसी के पास नहीं है। पूर्व डीजीपी का कहना है कि किसी भी मुख्यमंत्री का अंडरग्राउंड होना असंभव है। आपको इस रिपोर्ट में बताते हैं कैसे।

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भला कैसे कोई मुख्यमंत्री हो सकता है गायब?

Security Of Chief Minister: हेमंत सोरेन की इतनी अधिक चर्चा उस वक्त नहीं हुई होगी, जब वो मुख्यमंत्री की कुर्सी पर विराजमान हुए थे। अब वो तमाम खबरों और सुर्खियों में बने हुए हैं। वजह वाकई बड़ी है कि बीते कई घंटों से सीएम हेमंत सोरेन की लोकेशन अब तक ट्रैक नहीं हो सकी है। किसी सूबे का मुख्यमंत्री गायब हो जाए तो सवाल उठेंगे ही उठेंगे।

सुरक्षा में होते हैं कम से कम 200 जवान

उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह के मुताबिक किसी भी स्टेट मुख्यमंत्री के लिए सिक्योरिटी की नजर से दूर होना संभव नहीं है। एक CM की सुरक्षा में कम से कम 200 जवान होते हैं, जो अलग अलग शिफ्ट में उनकी सुरक्षा में रहते हैं। CM की उनके आवास के बाहर निकलने की मिनट टू मिनट का रिकॉर्ड रखता है।

मुख्यमंत्री का अंडरग्राउंड होना असंभव

विक्रम सिंह ने बताया कि अगर CM को किसी गोपनीय स्थान पर भी जाना होता है, तो उनके सिक्योरिटी यूनिट में तैनात सीनियर आईपीएस अधिकारी इसकी सूचना डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस, DGP इंटेलिजेंस को देनी होती है और वहां से स्पष्टता आने के बाद ही उनकी सिक्योरिटी मे कटौती कर उन्हें जाने दिया जाता है। किसी भी मुख्यमंत्री का अंडरग्राउंड होना असंभव कार्य है।

ये प्रोटोकॉल CM के साथ देश हमेशा रहता है, विदेश में भी CM की अगर कोई मूवमेंट होती है तो उसकी पल पल की जानकारी उनके साथ मौजूद स्टॉफ को होती है।

दिल्ली स्थित आवास से 36 लाख रुपए नकद जब्त

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के दिल्ली स्थित आवास की तलाशी के बाद 36 लाख रुपये, एक एसयूवी और कुछ ‘आपत्तिजनक’ दस्तावेज जब्त किए हैं। आधिकारिक सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।प्रवर्तन निदेशालय की एक टीम कथित भूमि धोखाधड़ी मामले से जुड़े धनशोधन के एक मामले की जांच के संबंध में पूछताछ करने के लिए सोमवार को सोरेन के दक्षिण दिल्ली स्थित 5/1 शांति निकेतन आवास पहुंची और 13 घंटे से अधिक समय तक वहां डेरा डाले रही। इस दौरान उन्होंने परिसर की तलाशी ली।

ईडी ने जब्त की ‘बेनामी’ बीएमडब्ल्यू कार

सूत्रों ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय के दलों ने दिन भर की कार्रवाई के दौरान लगभग 36 लाख रुपये नकद, हरियाणा के नंबर प्लेट वाली एक ‘बेनामी’ बीएमडब्ल्यू कार और कुछ ‘आपत्तिजनक’ दस्तावेज जब्त किए। सोरेन (48) ने निदेशालय को सूचित किया था कि वह बुधवार को दोपहर एक बजे अपने आवास पर अपना बयान दर्ज कराने के लिए तैयार हैं।

रांची में, झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के एक पदाधिकारी ने बताया कि झारखंड में झामुमो के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ गठबंधन के सभी विधायकों को राज्य की राजधानी से बाहर नहीं जाने और राज्य की वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर चर्चा करने के लिए मंगलवार को एक बैठक में भाग लेने को कहा गया है।

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