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आसमान से बरस रही आग: यूपी-बिहार में मौत का आंकड़ा बढ़ा, बलिया CMS पर गिरी गाज; जानें कब तक जारी रहेगा सितम

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Jun 19, 2023, 10:55 AM IST

Heat Wave Alert: एक दिन पहले यूपी के बलिया में तीन दिन के अंदर 54 मौतें दर्ज की गई थीं, लेकिन अब मौतों का आंकड़ा बढ़कर 57 हो गया है। इसके अलावा मीडिया रिपोर्टों में यूपी के देवरिया में 24 घंटे में 53 और प्रतापगढ़ में 18 लोगों की मौत की खबर है।

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यूपी-बिहार में लू का कहर

Photo : BCCL

Heat Wave Alert: यूपी-बिहार समेत पूरे उत्तर भारत में आसमान से आग बरस रही है। भीषण गर्मी के कारण होने वाली मौतों का आंकड़ा भी बढ़ता ही जा रहा है। एक दिन पहले यूपी के बलिया में तीन दिन के अंदर 54 मौतें दर्ज की गई थीं, लेकिन अब मौतों का आंकड़ा बढ़कर 57 हो गया है।

यही हाल बिहार में है। यहां पटना समेत कई जिलों में लू के कारण अब तक 44 लोगों की मौत दर्ज की गई है। कुल मिलाकर प्रचंड गर्मी के कारण दोनों राज्यों में अबतक 100 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं और सैकड़ों लोग अस्पताल में भर्ती हैं। उधर, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने यूपी और बिहार के लिए एक बार फिर अलर्ट जारी किया है। आईएमडी का कहना है कि पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार में अगले दो दिनों तक लू की स्थिति बनी रहेगी और यहां पारा 40 डिग्री के पार पहुंचेगा। 20 जून के बाद यहां राहत मिलने के आसार जताए गए हैं।

बलिया में सीएमएस पर गिरी गाज

उत्तर प्रदेश के बलिया में भले ही गर्मी के कारण 57 मौतों का दावा किया जा रहा हो, लेकिन स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि हीट स्ट्रोक के कारण केवल दो लोगों की मौत हुई है। इस बीच बलिया के जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. दिवाकर सिंह को उनके पद से हटा दिया गया है। बता दे, दिवाकर सिंह ने दावा किया था कि हीट स्ट्रोक के कारण बलिया में 25 लोगों की मौत हुई है। बाद में वह अपने बयान से पलट गए थे। इसके अलावा मीडिया रिपोर्टों में यूपी के देवरिया में 24 घंटे में 53 और प्रतापगढ़ में 18 लोगों की मौत की खबर है।

यूपी में मौत का आंकड़ा करीब 200 पहुंचा

बलिया में हीटवेव के चलते पिछले 9 दिनों में 128 लोगों की जान जा चुकी है। इतना ही नहीं देवरिया में भी पिछले 24 घंटे में 53 लोगों की मौत हुई है। प्रतापगढ़ में मौत का आंकड़ा 18 तक पहुंच चुका है। वही वाराणसी में भी अब तक 7 लोगों की जान जा चुकी है।

दिल्ली में बदला मौसम

वहीं, पिछले कुछ दिनों से दिल्ली में पड़ रही प्रचंड गर्मी और उसम से सोमवार को लोगों को कुछ राहत मिली है। यहां सुबह- सुबह शुरू हुई रिमझिम ने मौसम को काफी हद तक सुहाना कर दिया है। आईएमडी ने 19 जून को राष्ट्रीय राजधानी में हल्की बारिश की संभावना जताई है। मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्ली- एनसीआर में आज ज्यादातर बादल छाए रहने की संभावना है। इस दौरान अधिकतम और न्यूनतम तापमान 39 और 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान लगाया है।

गुजरात-राजस्थान में भारी बारिश

उधर, चक्रवात बिपरजॉय के कारण राजस्थान और गुजरात में भारी बारिश जारी है। राजस्थान के कई इलाकों में तो भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। दूसरी तरफ, उत्तरी गुजरात के कुछ हिस्सों में बहुत भारी बारिश के कारण बनासकांठा और पाटन जिलों के निचले इलाकों में रहने वाले हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया। वहीं राजस्थान के जालोर, सिरोही और बाड़मेर में भारी वर्षा के कारण बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है। राज्य में अगले 15-20 घंटे भारी बारिश का अलर्ट है।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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