दिल्ली सरकार की स्वास्थ्य व्यवस्था को और सशक्त बनाने के लिए दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ पंकज कुमार सिंह ने बैठक की, जिसमें दिल्ली के सभी सरकारी अस्पतालों के मेडिकल डायरेक्टर, मेडिकल सुपरिटेंडेंट और लोक निर्माण, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में सरकारी अस्पतालों की कार्यप्रणाली, सुरक्षा मानकों और मरीजों को दी जाने वाली सुविधाओं की समीक्षा की गई। स्वास्थ्य मंत्री ने निर्देश दिया कि सभी सरकारी अस्पतालों में अब मेडिकल डायरेक्टर/मेडिकल सुपरिटेंडेंट की स्थायी नियुक्ति होगी, जिससे किसी अधिकारी पर अतिरिक्त कार्यभार न पड़े।
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं
1. सरकारी अस्पतालों का सेफ्टी ऑडिट अनिवार्य: दिल्ली के सभी सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य परियोजनाओं का सेफ्टी ऑडिट कराया जाएगा ताकि मरीजों को सुरक्षित और बेहतर इलाज मिल सके।
2. ईडब्ल्यूएस मरीजों के लिए विशेष निर्देश: आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के मरीजों के इलाज में किसी भी तरह की कोताही न बरती जाए। सभी अस्पतालों को सरकार द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार मरीजों का समुचित इलाज करने का आदेश दिया गया।
3. नेशनल आयुष मिशन की होगी शुरुआत: दिल्ली में वर्ष 2018 से लंबित नेशनल आयुष मिशन को लागू करने का निर्देश दिया गया है, जिससे पारंपरिक और आधुनिक चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा मिलेगा।
4. मोबाइल डेंटल वैन सेवा शुरू: शुरुआती चरण में दिल्ली के ग्रामीण और दूर-दराज के इलाकों में 10 मोबाइल डेंटल वैन तैनात की जाएंगी, जिससे लोग अपने क्षेत्र में ही बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा सकें।
5. अस्पतालों में सुरक्षा और स्वच्छता होगी प्राथमिकता: सरकारी अस्पतालों में सुरक्षा और स्वच्छता को लेकर कड़े मानक लागू किए जाएंगे। अस्पतालों की व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए मंत्री ने औचक निरीक्षण करने की भी बात कही।
6. निजी स्वास्थ्य संस्थानों के लिए कड़े नियम: डीजीएचएस (DGHS) को निर्देश दिया गया कि दिल्ली में नर्सिंग होम और प्राइवेट हेल्थ सेंटर को रजिस्ट्रेशन से पहले सभी सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य होगा।
7. लोकल परचेजिंग पर रोक: स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि लोकल परचेजिंग को बढ़ावा न दिया जाए और मरीजों को सस्ती दवाएं आसानी से मिलें, इसके लिए प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना को प्रमोट किया जाएगा।
नई अस्पताल परियोजनाओं की समीक्षा
बैठक में ज्वालापुर, मादीपुर हस्तसाल और सिरसपुर में बन रहे नए अस्पतालों के निर्माण कार्य की समीक्षा की गई। मंत्री ने निर्माण कार्यों की धीमी गति पर असंतोष जताया और लोक निर्माण विभाग (PWD) से इस देरी की वजह से होने वाले वित्तीय नुकसान की रिपोर्ट मांगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का पूरा ध्यान रखा जाए।
स्वास्थ्य सेवाओं को प्राइवेट अस्पतालों से बेहतर बनाएंगे: डॉ पंकज कुमार सिंह
स्वास्थ्य मंत्री ने बैठक में स्पष्ट रूप से कहा कि हम दिल्ली के सरकारी अस्पतालों को प्राइवेट अस्पतालों से भी बेहतर बनाएंगे और स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी अस्पतालों के डायरेक्टर को निर्देश दिया कि आगे से सभी बैठकों का आयोजन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया जाएगा, जिससे कार्य में तेजी और पारदर्शिता बनी रहे। इसके लिए आईटी विभाग से तकनीकी सहायता ली जाएगी।
