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'राष्ट्रीय नेत्र ज्योति अभियान' के तहत मोतियाबिंद ऑपरेशन्स में गुजरात ने बनाया मुकाम, देश में सबसे आगे

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Aug 13, 2023, 04:34 PM IST

वर्ष 2023-24 की बात करें तो राष्ट्रीय नेत्र ज्योति अभियान के तहत गुजरात में 1,51,700 मोतियाबिंद ऑपरेशन्स का लक्ष्य रखा गया है, जिसके सापेक्ष गुजरात ने अब तक 81% से अधिक मोतियाबिंद ऑपरेशन्स यानी 1,23,975 मोतियाबिंद ऑपरेशन्स भी पूरे कर लिए हैं।

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2023-24 की बात करें तो राष्ट्रीय नेत्र ज्योति अभियान के तहत गुजरात में 1,51,700 मोतियाबिंद ऑपरेशन्स का लक्ष्य

KEY HIGHLIGHTS

  1. 2022-23 के लिए आवंटित लक्ष्य 1,26,300 का 504%, यानी 6,36,428 मोतियाबिंद ऑपरेशन गुजरात में हुए
  2. 2023-24 में गुजरात के लिए है 1,51,700 मोतियाबिंद ऑपरेशन्स का लक्ष्य; अब तक 1,23,975 मोतियाबिंद ऑपरेशन्स हुए
  3. अब तक तय लक्ष्य से 81% अधिक मोतियाबिंद ऑपरेशन्स गुजरात में हुए

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के गृह राज्य गुजरात ने उनकी संवेदनशील पहल 'राष्ट्रीय नेत्र ज्योति अभियान' के अंतर्गत वर्ष 2022-23 के लिए आवंटित लक्ष्य 1,26,300 का 504%, यानी 6,36,428 मोतियाबिंद ऑपरेशन्स कर देश में पहला स्थान हासिल किया है। इतना ही नहीं, प्रति 10 लाख की आबादी पर 10,000 से अधिक मोतियाबिंद ऑपरेशन की दर हासिल करके गुजरात इस श्रेणी में भी अग्रणी राज्य है।

उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय अंधत्व और दृश्य हानि नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत केन्द्र सरकार ने वर्ष 2022 में राष्ट्रीय नेत्र ज्योति अभियान की शुरुआत 3 साल के लक्ष्य के साथ मई 2025 तक देश में अंधेपन की दर को 0.25% तक कम करने के लिए की है। केंद्र सरकार की इस पहल के तहत 50 वर्ष से अधिक आयु के मोतियाबिंद के कारण अंधे या मोतियाबिंद के कारण दृष्टि दोष वाले व्यक्तियों के ऑपरेशन्स निःशुल्क किए जाते हैं।

'मोतियाबिंद अंधत्व मुक्त गुजरात' अभियान के तहत गुजरात ने हासिल की यह सिद्धि

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जब वर्ष 2022 में राष्ट्रीय नेत्र ज्योति अभियान की शुरुआत की तब उनके इस विचार को साकार रूप देने में गुजरात का योगदान सबसे अधिक हो इस उद्देश्य के साथ गुजरात के मुख्यमंत्री श्री भूपेन्द्र पटेल ने भी वर्ष 2022 में ही 'मोतियाबिंद अंधत्व मुक्त गुजरात' अभियान की शुरुआत की।गुजरात सरकार का यह राज्य स्तरीय अभियान राज्य के 50 साल से अधिक उम्र के ऐसे नागरिक जिन्होंने मोतियाबिंद के कारण या तो अपनी दृष्टि खो दी थी, ये वे अपनी दृष्टि को खोने के समीप थे, उनके लिए एक वरदान साबित हुआ है।

वेबसाइट cataractblindfree.gujarat.gov.in, को भी शुरू किया है

गुजरात सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने इस अभियान के लिए एक डेडिकेटेड वेबसाइट cataractblindfree.gujarat.gov.in, को भी शुरू किया है। सरकारी अस्पतालों में काम करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा संचालित इस वेबसाइट में रोगी जनों के प्राथमिक पंजीकरण, रेफरल सेवा, ऑपरेशन सेवा और अनुवर्ती सेवा संबंधित सेवाओं की पूरी जानकारी होती है। इस अभियान के तहत राज्य के सभी 33 जिलों और 8 नगर निगम क्षेत्रों को शामिल किया गया है और कार्य योजना के अनुसार अभियान का संचालन किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि इस अभियान के तहत अब तक राज्य में 8 लाख से अधिक सफल ऑपरेशन्स किए जा चुके हैं।

चार चरणों में संपादित होता है 'मोतियाबिंद अंधत्व मुक्त गुजरात' अभियान

गुजरात के इस महत्वपूर्ण अभियान को राज्य सरकार का स्वास्थ्य विभाग चार प्रमुख चरणों में संपादित करता है। इसमें पहला चरण 30 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों का दृष्टि सर्वेक्षण है, दूसरा चरण, दृष्टि बाधित रोगियों का पंजीकरण, तीसरा, रोगियों का ऑपरेशन है और वहीं चौथा व अंतिम चरण अनुवर्ती कार्रवाई है। गुजरात में 30 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों की दृष्टि जांच फील्ड स्टाफ के माध्यम से 'ई-कार्ड' के द्वारा की जाती है। इसके लिए राज्य की लगभग 50 हजार ASHA कार्यकर्ता बहनों को प्रशिक्षित भी किया गया है।

ऑपरेशन के बाद हाइड्रोफोबिक इंट्राओकुलर लेंस भी दिया जाता है निःशुल्क

मोतियाबिंद सर्जरी की आवश्यकता वाले सभी रोगियों को हाइड्रोफोबिक लेंस भी निःशुल्क प्रदान किया जाता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मोतियाबिंद के लिए हाइड्रोफोबिक लेंस आमतौर पर सबसे अच्छा विकल्प होता है। यह एक प्रकार का इंट्राओकुलर लेंस है जो पोस्टऑपरेटिव जटिलताओं के जोखिम को कम करने में मदद करता है, जैसे कि पोस्ट कैप्सूल ओपसीफिकेशन। यह उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात सरकार की यह उपलब्धि न केवल आँकड़ों के नजरिए से बड़ी सिद्धि है बल्कि मानवीय संवेदनशीलता के विचार से भी यह प्रशंसनीय कार्य है।

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