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गुजरात ATS ने नाकाम की ISKP की साजिश, पोरबंदर से महिला समेत चार गिरफ्तार

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Jun 10, 2023, 02:39 PM IST

Gujarat ATS: अधिकारियों ने बताया, गिरफ्तार किए गए चारों संदिग्धों पर कई दिनों से नजर रखी जा रही थी। ये चारों विदेश भागने की फिराक में थे। हालांकि, इससे पहले ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

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गुजरात पुलिस ने आईएसआईएस मॉड्यूल का किया भंडाफोड़

Photo : BCCL

Gujarat ATS: गुजरात पुलिस और ATS को बड़ी सफलता मिली है। दोनों की एक संयुक्त टीम ने आतंकी संगठन (इस्लामिक स्टेट खेरॉसन प्रोविंस ) ISKP का भंडाफोड़ किया है। ATS ने पोरबंदर से चार लोगों को गिरफ्तार किया है। इसमें एक महिला भी शामिल है। पुलिस अधिकारियों को इस बात के पुख्ता सबूत मिले हैं कि चारों आरोपियों का लिंक आतंकी संगठन ISKP से है। पुलिस एक अन्य की तलाश में पूरे राज्य में लगातार छापेमारी कर रही है।

अधिकारियों ने बताया, गिरफ्तार किए गए चारों संदिग्धों पर कई दिनों से नजर रखी जा रही थी। ये चारों विदेश भागने की फिराक में थे। हालांकि, इससे पहले ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अब चारों से पूछताछ कर रही है। माना जा रहा है कि एटीएस अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में बड़े खुलासे कर सकती है।

सीमा पार से मिल रही थी कमांड

गुजरात एटीएस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए चारों लोग आईएसकेपी के सक्रिय सदस्य हैं और बीते एक साल से एक दूसरे के संपर्क में थे। पुलिस के मुताबिक, चारों के पास से प्रतिबंधित चीजों को भी बरामद किया गया है। उन्होंने बताया कि इन चारों को सीमा पार से लगातार कमांड मिल रही थी। सीमा पार बैठे अपने आका के इशारे पर ये सभी काम कर रहे थे। पुलिस के मुताबिक, एक अन्य की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। गुजरात के डीजीपी विकास सहाय ने बताय, एटीएस के अधिकारियों को सूचना मिली थी कि तीन लोग गुजरात के रास्ते विदेश भागने की फिराक में हैं। इसके बाद सूचना के आधार पर छापेमारी की गई और शुक्रवार को तीन लोगों को डिटेन किया गया। उन्होंने बताया, इन तीनों से पूछताछ में दो नाम और सामने आए, जिसमें एक महिला को उठाया गया है। गिरफ्तार किए गए लोगों उमेद नसीन, हाजिम शाह, हयात शॉल, सुमेरा बानो शामिल हैं। जबकि जुबेर अहमद फरार है।

मध्य प्रदेश से भी हुई थी गिरफ्तारी

बता दें, हाल ही में एनआईए ने मध्य प्रदेश से तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। जांच में पता चला था कि इन तीनों के लिंक आईएसआईएस से जुड़े हैं। इन सभी की गिरफ्तारी जबनपुर में 13 लोकेशनों पर देर रात छापेमारी के बाद की गई थी। एनआईए ने इनके कब्जे से हथियार, गोला-बारूद और आपत्तिजनक दस्तावेज भी बरामद किए थे। अधिकारियों के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए आतंकी भारत में बड़ी साजिश को अंजाम देने की तैयारी में थे।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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