देश

PoK में पाकिस्तान के खिलाफ फूटा जनता का गुस्सा, सड़कों पर उतरे लोग

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में सोमवार को जम्मू कश्मीर संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (जेकेजेएएसी) के आह्वान पर आम हड़ताल हुई। मीडिया रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। जेकेजेएएमी में व्यापारी, स्थानीय नेता और नागरिक समाज के कार्यकर्ता शामिल हैं।

Image

पीओके में पाकिस्तान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन (फोटो- @TehmeenaRizvi)

पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में सोमवार को जम्मू-कश्मीर संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (जेकेजेएएसी) के आह्वान पर आम हड़ताल हुई। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस हड़ताल में व्यापारी संगठनों, स्थानीय नेताओं और नागरिक समाज के कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

क्यों हुई हड़ताल

हड़ताल का केंद्र जनता के लिए राहत, शासन प्रणाली में पारदर्शिता और बुनियादी सुविधाओं की मांग रही। यह आंदोलन दो साल पहले शुरू हुआ था, जब जनता ने नियमित और सब्सिडी वाले आटा तथा बिजली की आपूर्ति की मांग उठाई थी। लेकिन समय के साथ इसमें कश्मीरी अभिजात वर्ग की विशेष सुविधाओं में कटौती, शरणार्थियों के लिए आरक्षित विधानसभा सीटों को समाप्त करने, मुफ्त शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं जैसे मुद्दे भी जुड़ गए।

सभी सेवाएं ठप

‘समा टीवी’ की रिपोर्ट के मुताबिक, जनता की बढ़ती निराशा के चलते बाजार, परिवहन और संचार सेवाएं पूरी तरह ठप हो गईं। स्कूल खुले थे, लेकिन कक्षाएं खाली रहीं। वहीं, इंटरनेट और मोबाइल सेवाएं लगातार दूसरे दिन बंद रहीं, जबकि लैंडलाइन सेवाएं भी पूरी तरह काट दी गईं।

38 सूत्री मांग

प्रदर्शनकारियों ने सरकार के सामने 38 सूत्री मांग पत्र पेश किया है। प्रमुख मांगों में शरणार्थियों के लिए आरक्षित 12 सीटों को समाप्त करना, अभिजात वर्ग को मिले विशेषाधिकार वापस लेना, आटा व बिजली पर सब्सिडी देना, करों में राहत, शरणार्थियों के लिए नौकरियों में आरक्षण खत्म करना और न्यायपालिका में सुधार शामिल हैं। ‘एएज न्यूज’ के अनुसार, इस हड़ताल को इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) का भी समर्थन मिला। हालांकि, सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई वार्ता बेनतीजा रही, जिससे क्षेत्र में असंतोष और बढ़ गया है।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

और पढ़ें
End of Article
Subscribe to our daily Newsletter!

संबंधित खबरें

रसोई का बजट बिगाड़ेगा प्याज: बारिश से फसल खराब, दाम ₹100 तक पहुंचने की आशंका

रसोई का बजट बिगाड़ेगा प्याज: बारिश से फसल खराब,  दाम ₹100 तक पहुंचने की आशंका

कॉकरोच जनता पार्टी आज अपनी राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक करेगी, क्या है इसके एजेंडे में और आगे की प्लानिंग?

कॉकरोच जनता पार्टी आज अपनी राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक करेगी, क्या है इसके एजेंडे में और आगे की प्लानिंग?

आज की ताजा खबर, 24 अगस्त 2026 हिंदी न्यूज़ लाइव: NSA अजीत डोभाल जा रहे चीन, एजेंडा में बॉर्डर पर स्थिरता का मुद्दा...कार एक्सीडेंट में BJP-AAP के विधायक घायल, सरकारी अस्पताल में आग लगने से 3 शिशुओं की मौत

आज की ताजा खबर, 24 अगस्त 2026 हिंदी न्यूज़ लाइव: NSA अजीत डोभाल जा रहे चीन, एजेंडा में बॉर्डर पर स्थिरता का मुद्दा...कार एक्सीडेंट में BJP-AAP के विधायक घायल, सरकारी अस्पताल में आग लगने से 3 शिशुओं की मौत

नागपुर के गोधनी में वॉटर प्लांट से क्लोरीन गैस का रिसाव, कई लोगों को सांस लेने में हुई तकलीफ, 40 लोग अस्पताल में भर्ती

नागपुर के गोधनी में वॉटर प्लांट से क्लोरीन गैस का रिसाव, कई लोगों को सांस लेने में हुई तकलीफ, 40 लोग अस्पताल में भर्ती

'आत्मनिर्भर भारत' की बड़ी उड़ान: 100% स्वदेशी AK-203 'शेर' राइफल बनकर तैयार; अमेठी में हुआ सफल परीक्षण, जानें- खासियतें

'आत्मनिर्भर भारत' की बड़ी उड़ान: 100% स्वदेशी AK-203 'शेर' राइफल बनकर तैयार; अमेठी में हुआ सफल परीक्षण, जानें- खासियतें