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'अगर मेरी पत्नी पाकिस्तान की ISI एजेंट, तो मैं भारत का RAW एजेंट...' सीएम हिमंत से गौरव गोगोई ने क्यों कहा ऐसा?

इन दिनों असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई एक-दूसरे पर लगातार गंभीर आरोप लगा रहे हैं। एक दिन पहले भाजपा ने ये आरोप लगाया था कि गोगोई की पत्नी के पाकिस्तान और आईएसआई से संबंध है। हिमंत ने दावा किया कि ब्रिटिश महिला से शादी के बाद सांसद ने लोकसभा में रक्षा मामलों पर सवाल पूछने शुरू किए। वहीं अब गौरव गोगोई ने भी पलटवार किया है।

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हिमंत बिस्वा सरमा ने गौरव गोगोई पर कसा तीखा तंज।

Gaurav Gogoi Slams Himanta Biswa Sarma: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई पर एक और गंभीर आरोप लगा दिया है। ब्रिटिश महिला से शादी के बाद सांसद ने एक दिन पहले भाजपा ने कांग्रेस नेता गौरव गोगोई की पत्नी पर पाकिस्तान और इसकी खुफिया एजेंसी आईएसआई से संबंध होने का आरोप लगाया था, जिसे लोकसभा में विपक्ष के उपनेता ने 'हास्यास्पद और मनोरंजक' बताकर खारिज कर दिया था। अब आज हिमंत ने दावा किया है कि ब्रिटिश महिला से शादी के बाद सांसद ने लोकसभा में रक्षा मामलों पर सवाल पूछने शुरू किए। इसी बीच गोगोई ने करारा जवाब दिया है।

गौरव गोगोई को लेकर सीएम हिमंत ने एक और आरोप लगाए

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बृहस्पतिवार को कांग्रेस नेता गौरव गोगोई पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने ब्रिटिश नागरिक से शादी के बाद संसद में संवेदनशील रक्षा मामलों पर सवाल उठाए। हालांकि गोगोई ने इसे 'झूठा आरोप' करार दिया। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने गोगोई की पत्नी पर पाकिस्तान और उसकी खुफिया एजेंसी आईएसआई के साथ संबंध रखने का आरोप लगाया था, जिसके बाद सरमा ने यह टिप्पणी की है। लोकसभा में विपक्ष के उपनेता ने इस आरोप को 'हास्यास्पद' बताते हुए खारिज कर दिया।

भारत-पाकिस्तान संबंधों पर चर्चा करने के लिए किया था आमंत्रित

सीएम सरमा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में गोगोई का नाम लिए बिना दावा किया, '2015 में, भारत में पाकिस्तानी उच्चायुक्त, श्री अब्दुल बासित ने पहली बार संसद सदस्य और उनके स्टार्टअप, ‘पॉलिसी फॉर यूथ’ को नयी दिल्ली में पाकिस्तान उच्चायोग में भारत-पाकिस्तान संबंधों पर चर्चा करने के लिए आमंत्रित किया था।' मुख्यमंत्री ने यह भी कहा, 'खास बात यह है कि, सांसद उस समय विदेश मामलों की संसदीय समिति के सदस्य नहीं थे, लिहाजा इससे उनकी नियुक्ति पर सवाल उठता है।' सरमा ने दावा किया कि यह यात्रा 'आंतरिक मामलों में पाकिस्तानी उच्चायोग के हस्तक्षेप, विशेष रूप से हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के साथ उसकी संलिप्तता के खिलाफ भारत के आधिकारिक विरोध के बावजूद' हुई।

'मेरी पत्नी पाकिस्तान की ISI एजेंट, तो मैं भारत का RAW एजेंट'

इन आरोपों को खारिज करते हुए गोगोई ने कहा कि अगर मेरी पत्नी पाकिस्तान की ISI एजेंट है, तो मैं भारत का RAW एजेंट हूं। उन्होंने कहा कि भाजपा के पास उठाने के लिए कोई मुद्दा नहीं है और वह झूठे आरोपों पर निर्भर है।

पाकिस्तानी अधिकारियों से मिलने ले जाने का भी लगाया आरोप

सीएम हिमंत ने सांसद पर इन चिंताओं की अनदेखी करने तथा 50 से 60 युवा भारतीयों को पाकिस्तानी अधिकारियों से मिलने ले जाने का भी आरोप लगाया। सरमा ने कहा, 'संसद में उनके द्वारा पूछे गए प्रश्नों की गहन जांच से पता चला कि उनका ध्यान संवेदनशील रक्षा मामलों पर अधिक केंद्रित था, जिसमें तटरक्षक रडार प्रतिष्ठानों, भारत के हथियार कारखानों, वैमानिकी रक्षा, ईरान के साथ व्यापार के लिए पारगमन मार्ग, कश्मीरी छात्रों और गिरजाघरों पर कथित हमलों से संबंधित सवाल शामिल हैं - जो उनके रुचि के क्षेत्रों में एक उल्लेखनीय बदलाव को दर्शाता है।”

सरमा ने आरोप लगाया, 'दिलचस्प बात यह है कि ये घटनाक्रम एक ब्रिटिश नागरिक से विवाह के तुरंत बाद हुआ, जिसकी पेशेवर पृष्ठभूमि और भी सवाल खड़े करती है।' मुख्यमंत्री ने यह दावा भी किया कि शादी से पहले उन्होंने (सांसद से विवाह करने वाली ब्रिटिश महिला ने) एक अमेरिकी सांसद के लिए काम किया था, जो पाकिस्तानी सेना के साथ घनिष्ठ संबंधों के लिए जाने जाते थे।

गौरव गोगोई ने भाजपा पर किया पलटवार, जानें क्या बोले

सरमा ने आरोप लगाया, '...और बाद में (उन्होंने) पाकिस्तान में कुछ समय बिताया, जहां वह एक ऐसे संगठन में कार्यरत रहीं, जिसके बारे में व्यापक रूप से माना जाता है कि वह इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) का मुखौटा है। इन घटनाक्रमों के समय और सांसद के राजनीतिक रुख में बदलाव व कार्यों से साजिश की बू आती है।' इन आरोपों को खारिज करते हुए गोगोई ने कहा, 'भाजपा के पास उठाने के लिए कोई मुद्दा नहीं है और वह झूठे आरोपों पर निर्भर है। भारत के लोग राजनीतिक रूप से बहुत सक्रिय हैं और भाजपा द्वारा फैलाए जा रहे झूठ और भ्रम से अवगत हैं।'

इससे पहले बुधवार को भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने आरोप लगाया था कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कुछ गंभीर तथ्य सामने आए हैं। उन्होंने दावा किया था, 'लोकसभा में विपक्ष के उपनेता गौरव गोगोई की पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न के पाकिस्तान योजना आयोग के सलाहकार अली तौकीर शेख और आईएसआई से संबंध उजागर हुए हैं।'

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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