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गैंगस्टर नीरज बवाना बीमार पत्नी को देखने पहुंचा अस्पताल, दिल्ली हाई कोर्ट ने दी थी कस्टडी पैरोल

Gangster Neeraj Bawana: नीरज बवाना को दिल्ली हाई कोर्ट ने बीमार पत्नी की देखभाल के लिए एक दिन की कस्टडी पैरोल दी थी। ताजा जानकारी के अनुसार, गैंगस्टर नीरज बवानिया को उसकी पत्नी से मिलने के लिए दिल्ली के एक अस्पताल में लाया गया है।

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गैंगस्टर नीरज बवाना को बीमार पत्नी को देखने के लिए अभिरक्षा पैरोल मिली

Photo : ANI

Gangster Neeraj Bawana: तिहाड़ जेल में बंद गैंगस्टर नीरज बवाना को मंगलवार को शादीपुर अस्पताल में अपनी बीमार पत्नी से मिलने के लिए एक दिन की पैरोल मिलने के बाद दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है। पुलिस के एक सूत्र ने यह जानकारी दी। सूत्र ने बताया कि बवाना की अभिरक्षा पैरोल के लिए कई सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं।

अस्पताल पहुंचा नीरज बवाना

सूत्रों ने बताया कि किसी भी अप्रिय घटना और गिरोह से जुड़ी किसी भी धमकी को रोकने के लिए तिहाड़ जेल से अस्पताल तक के रास्ते में कई टीम तैनात की गई हैं। उन्होंने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और कानून-व्यवस्था का उल्लंघन नहीं हो, इसके लिए विस्तृत योजना बनाई गई है। बवाना की गतिविधियों पर विशेष इकाइयों और जिला पुलिस कर्मियों द्वारा कड़ी निगरानी रखी जाएगी। ताजा जानकारी के अनुसार, गैंगस्टर नीरज बवाना को उसकी पत्नी से मिलने के लिए दिल्ली के एक अस्पताल में लाया गया। दिल्ली उच्च न्यायालय ने नीरज बवानिया को हिरासत में पैरोल दे दी, जिससे उसे अपनी गंभीर रूप से बीमार पत्नी से मिलने और उसकी सर्जरी के लिए सहमति देने की अनुमति मिल गई।

बता दें, दिल्ली हाईकोर्ट ने आदेश दिया था कि नीरज बवाना को सुरक्षा के साथ 1 जुलाई को कस्टडी बेल पर छोड़ा जाएगा जिससे वह अपनी पत्नी की देखभाल कर सके। हाईकोर्ट ने यह भी साफ निर्देश दिए थे कि कस्टडी पैरोल के दौरान नीरज बवाना केवल अपनी पत्नी और डॉक्टर से ही मिल सकेगा किसी अन्य व्यक्ति से मिलने की इजाजत नहीं होगी।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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