PM Modi ने बृहस्पतिवार को कहा कि सरकार ने देश के युवाओं के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए किसी दबाव की परवाह न करते हुए ऑनलाइन गेमिंग को विनियमित करने के लिए नया कानून बनाया है। प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता शिक्षकों के साथ संवाद में कहा कि ऑनलाइन गेमिंग बाजार में रोजगार के बड़े अवसर हैं। उन्होंने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे छात्रों को इस क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों के बारे में जागरूक करें।
पीएम ने हाल में संसद द्वारा पारित ऑनलाइन गेमिंग प्रोत्साहन एवं विनियमन अधिनियम, 2025 का उल्लेख करते हुए कहा कि गेमिंग बुरी नहीं है लेकिन जुआ बुरा है। हमारे युवाओं का भविष्य सुरक्षित रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर सही तरीके से काम किया जाए तो भारत वैश्विक ऑनलाइन गेमिंग बाजार पर अपना दबदबा बना सकता है, इसमें रोजगार के भी बड़े अवसर हैं।
कई ताकतें नहीं चाहती थीं कि हम ऑनलाइन जुए पर प्रतिबंध लगाएं-पीएम
मोदी ने कहा कि हमने एक नया ऑनलाइन गेमिंग कानून पेश किया है। सभी शिक्षकों को अब छात्रों को यह समझाना होगा कि गेमिंग और जुआ अलग-अलग हैं। हमने एक बड़ा फैसला लिया है और कई ताकतें नहीं चाहती थीं कि हम ऑनलाइन जुए पर प्रतिबंध लगाएं, लेकिन हमारी सरकार में युवाओं के भविष्य की रक्षा करने की राजनीतिक इच्छाशक्ति और इरादा है।
प्रधानमंत्री ने कहा - ऐसे कई गेम हैं जिनसे छात्र प्रभावित हुए हैं। पैसे बर्बाद हो रहे थे। यहां तक कि गृहिणियां भी उन्हें आजमाने लगी थीं। नुकसान झेलने वाले लोग आत्महत्या करने के लिए प्रेरित हो रहे थे। यह एक लत की तरह हो गया था जो परिवारों को तबाह कर रहा था क्योंकि लोग इसमें फंस रहे थे। उन्होंने कहा कि शिक्षक छात्रों को ऑनलाइन मनी गेम्स के हानिकारक प्रभावों के बारे में जागरूक करने में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।
'हम गेमिंग बाजार पर कर सकते हैं कब्जा'
पीएम ने आगे कहा कि ऑनलाइन गेमिंग को अब ओलंपिक में भी शामिल किया गया है। उस प्रतिभा का होना अलग बात है लेकिन इसे लत के स्तर तक पहुंचाना कुछ ऐसा है जिससे हर कीमत पर बचा जाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह जो कानून बना है। वो कानून अपनी जगह पर है लेकिन बच्चों को जागरूक करना यह बहुत आवश्यक है। शिक्षक उसमें बहुत बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। हमने कानून तो बना दिया है और पहली बार हमने तय भी किया है कि बच्चों के सामने इस तरह का हानिकारक कंटेंट नहीं आएगा।
पीएम ने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे इस संबंध में अपने विद्यार्थियों में जागरुकता जरूर पैदा करें। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि नौजवान, गेमिंग क्षेत्र में विश्व स्तर पर अपनी उपस्थिति बढ़ाएं। भारत में जो अपने कथा वार्ता हैं, उसके आधार पर बहुत सारे गेम्स बन सकती हैं, हम गेमिंग बाजार पर कब्जा कर सकते हैं।
भारत में भी ऐसे अनेक प्राचीन खेल हैं, ऐसा कंटेंट है, जो ऑनलाइन गेमिंग की दुनिया में धूम मचा के रहते हैं। मोदी ने कहा, कई स्टार्टअप इस दिशा में शानदार काम कर भी रहे हैं। अपने स्कूलों और कॉलेजों में भी आप इसे लेकर छात्रों को हर जानकारी देंगे, तो उनको एक अच्छा करियर विकल्प भी मिलेगा।
