PM Modi On GST Tax Cut: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि जीएसटी कर ढांचे में किए गए व्यापक सुधार राष्ट्र को समर्थन एवं वृद्धि की दोहरी खुराक है और 21वीं सदी में भारत की प्रगति को समर्थन देने के लिए अगली पीढ़ी के ये सुधार किए गए हैं।
प्रधानमंत्री मोदी की यह टिप्पणी जीएसटी परिषद की बैठक में माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के स्लैब को चार से घटाकर दो स्लैब पर लाने और दैनिक उपभोग वाली अधिकांश वस्तुओं को पांच प्रतिशत के स्लैब में लाने के फैसले के एक दिन बाद आई है। जीएसटी परिषद ने अब सिर्फ पांच एवं 18 प्रतिशत की दो कर दरें ही रखने का फैसला किया है जबकि विलासिता एवं अहितकर उत्पादों को 40 प्रतिशत के विशेष कर दायरे में रखा गया है।
नई कर दरें नवरात्रि के पहले दिन से हो जाएंगी लागू
प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार विजेताओं के साथ संवाद के दौरान कहा कि इन कर सुधारों से भारत की सशक्त अर्थव्यवस्था में पांच नए रत्न (पंच रत्न) जुड़ गए हैं। उन्होंने कहा कि जीएसटी प्रणाली अब पहले से कहीं अधिक सरल हो गई है और नई कर दरें नवरात्रि के पहले दिन से लागू हो जाएंगी।
उन्होंने आगे कहा, “जीएसटी 2.0 राष्ट्र को समर्थन और वृद्धि की दोहरी खुराक है। 21वीं सदी में भारत की प्रगति को समर्थन देने के लिए अगली पीढ़ी के ये सुधार किए गए हैं। जीएसटी सुधारों से भारत की सशक्त अर्थव्यवस्था में पांच नए रत्न जुड़े हैं।”
सरकार के फैसले से युवाओं को मिलेगा फायदा: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "कोई नहीं भूल सकता कि कांग्रेस सरकार ने आपका मासिक बजट कैसे बढ़ाया था। वे बच्चों की टॉफियों पर भी 21 फीसदी टैक्स लगाते थे अगर मोदी ने ऐसा किया होता, तो वे मेरे बाल नोच लेते।' उन्होंने कहा, 'युवाओं के लिए एक और लाभ फिटनेस क्षेत्र में होने वाला है। जिम, सैलून, योग जैसी सेवाओं पर GST कम कर दिया गया है, जिसका अर्थ है कि हमारे युवा फिट होने के साथ-साथ सक्रिय भी होंगे।"
पीएम ने कहा कि समय पर बदलाव किए बगैर देश को वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में उसका उचित स्थान नहीं मिल सकता है। उन्होंने आगे कहा, “मैंने इस बार 15 अगस्त को लाल किले से कहा था कि भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अगली पीढ़ी के सुधार जरूरी हैं। मैंने देशवासियों से वादा किया था कि दिवाली और छठ पूजा से पहले खुशियों की दोहरी खुशी मिलेगी।”
प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान घरेलू उपभोग वाली बुनियादी वस्तुओं पर भारी कर लगाया जाता था। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार ने आम आदमी की सहूलियत के लिए उन खामियों को दूर करने की कोशिश की है।
पीएम मोदी ने 'वोकल फॉर लोकल' पर दिया जोर
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को शिक्षकों एवं छात्रों से स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए अभियान चलाने और ‘मेक इन इंडिया’ एवं ‘वोकल फॉर लोकल’ पहल को तेज करने का आह्वान किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार विजेताओं के साथ संवाद में कहा कि स्कूलों को स्वदेशी दिवस या स्वदेशी सप्ताह जैसे कार्यक्रम आयोजित करने चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं आपको स्वदेशी उत्पादों के प्रोत्साहन के लिए अभियान चलाने का एक गृहकार्य दे सकता हूं। छात्रों को घर से स्वदेशी उत्पाद लेकर आने के लिए प्रोत्साहित किया जाए और फिर उन पर चर्चा हो। छात्र स्वदेशी उत्पादों के समर्थन वाले पोस्टर लेकर गांवों में मार्च भी निकाल सकते हैं।’’
उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियों से एक माहौल बनेगा और लोग 'मेड इन इंडिया' और 'वोकल फॉर लोकल' उत्पादों के इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहित होंगे।
उन्होंने प्रत्येक घर और दुकान के बाहर स्वदेशी उत्पादों की मौजूदगी वाले पोस्टर लगाने के सुझाव भी दिए।
पीएम मोदी ने कहा, “हर घर और दुकान के बाहर ‘हर घर स्वदेशी’ के बोर्ड लगाए जाने चाहिए। भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सुधारों की शृंखला थमने वाली नहीं है।”
उन्होंने जीएसटी ढांचे में किए गए व्यापक सुधारों की सराहना करते हुए कहा कि जीएसटी 2.0 राष्ट्र के लिए समर्थन और वृद्धि की ‘दोहरी खुराक’ है और 21वीं सदी में भारत की प्रगति को ध्यान में रखकर अगली पीढ़ी के ये सुधार किए गए हैं।
उनकी यह टिप्पणी माल एवं सेवा कर (जीएसटी) व्यवस्था में व्यापक पुनर्गठन किए जाने के एक दिन बाद आई है। जीएसटी परिषद ने बुधवार को अप्रत्यक्ष कर के सिर्फ दो स्लैब ही रखने और रोजमर्रा के उत्पादों को पांच प्रतिशत कर दायरे में रखने का फैसला किया।
गेमिंग बुरी नहीं, जुआ बुरा है: प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि गेमिंग बुरी चीज नहीं है, लेकिन जुआ खेलना बुरी चीज है और युवाओं का भविष्य सुरक्षित किया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारत वैश्विक ऑनलाइन गेमिंग बाजार पर हावी हो सकता है। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता शिक्षकों के साथ बातचीत में कहा कि ऑनलाइन गेमिंग बाजार में रोजगार के बड़े अवसर हैं।
उन्होंने कहा, "अगर सही तरीके से काम किया जाए तो भारत वैश्विक ऑनलाइन गेमिंग बाजार पर अपना दबदबा बना सकता है, इसमें रोजगार के भी बड़े अवसर हैं। गेमिंग बुरी चीज नहीं है, लेकिन जुआ बुरा है। हमारे युवाओं का भविष्य सुरक्षित होना चाहिए।"
