देश

G20 Summit: कार से भारत मंडपम तक नहीं जा सकेंगे मंत्री, संसद भवन से मिलेगी शटल सेवा; निर्देश जारी

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Sep 6, 2023, 08:44 PM IST

G20 Summit: राज्यों के मुख्यमंत्रियों को शाम साढ़े पांच बजे अपनी कारों से संसद भवन परिसर में पहुंचने और फिर शटल का उपयोग करके रात्रिभोज स्थल तक पहुंचने के लिए कहा गया है। पीएम मोदी ने यह भी कहा है कि कि जी20 बैठक के बारे में अधिकृत मंत्रियों के अलावा कोई भी मंत्री कोई बयान नहीं देगा।

Image

जी-20 समिट

Photo : BCCL

G20 Summit: दिल्ली में होने वाली जी-20 समिट को लेकर विशेष तैयारियां की गई हैं। सुरक्षा के भी खास इंतजाम हैं। जमीन से आसमान तक सुरक्षा व्यवस्था के एक अभेद किले में बदल दिया गया है और कई रास्तों को भी बंद किया गया है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कैबिनेट मंत्रियों के लिए भी विशेष निर्देश जारी किए हैं।

पीएम मोदी ने विदेशी प्रतिनिधियों के स्वागत के लिए सभी मंत्रियों को खास हिदायत दी है। इतना ही नहीं, सभी मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों से भी कहा गया है कि जी-20 के रात्रिभोज स्थल पर जाने के लिए उन्हें शटल सर्विस उपलब्ध कराई जाएगी।

कार से नहीं जा पाएंगे भारत मंडपम

पीएम मोदी की ओर से जारी निर्देशों के तहत कहा गया है कि रात्रिभोज स्थल तक पहुंचने के लिए कोई आधिकारिक कार उपलब्ध नहीं कराई जाएगी। सभी को अपने वाहनों से संसद भवन परिसर पहुंचना होगा, जहां से एक शटल सेवा के जरिए उन्हें रात्रिभोज स्थल भारत मंडपम तक ले जाया जाएगा।

रात्रिभोज में आमंत्रित विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों को शाम साढ़े पांच बजे अपनी कारों से संसद भवन परिसर में पहुंचने और फिर शटल का उपयोग करके रात्रिभोज स्थल तक पहुंचने के लिए कहा गया है। रात्रिभोज शनिवार, 9 सितंबर को शाम 6:30 बजे के लिए निर्धारित है। मंत्रिपरिषद की बैठक में पीएम मोदी ने यह भी कहा है कि कि जी20 बैठक के बारे में अधिकृत मंत्रियों के अलावा कोई भी मंत्री कोई बयान नहीं देगा।

जी-20 मोबाइल एप्लीकेशन डाउनलोड करें मंत्री

पीएम मोदी ने सभी मंत्रियों को जी-20 मोबाइल एप्लीकेशन भी डाउनलोड करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा, पीएम मोदी ने मंत्रिपरिषद को उन संबंधित विदेशी प्रतिनिधियों की संस्कृतियों से परिचित होने का निर्देश दिया है, जिनमें वे भाग लेंगे। उन्हें रहन-सहन, खान-पान और अपनी संस्कृतियों के बुनियादी पहलुओं से परिचित होने के लिए भी कहा गया है। बैठक में मंत्रियों को हवाईअड्डे पर प्रतिनिधियों का स्वागत करते समय अपनाए जाने वाले प्रोटोकॉल के बारे में भी बताया गया है।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

और पढ़ें
End of Article
Subscribe to our daily Newsletter!

संबंधित खबरें