देश

शराब कंपनियों पर FSSAI का बड़ा हंटर: 'Aged' के भ्रामक दावों और नकली फ्लेवर पर सख्त एक्शन, थमाया नोटिस

Misleading Claims Liquor Label: शराब पीने वालों के साथ धोखा! FSSAI ने व्हिस्की, रम, और बियर बनाने वाली कंपनियों पर कसा शिकंजा। भ्रामक दावों और अवैध फ्लेवर मिलाने पर जारी किया कारण बताओ नोटिस।

Image

शराब कंपनियों पर FSSAI का बड़ा हंटर: 'Aged' के भ्रामक दावों और नकली फ्लेवर पर सख्त एक्शन, थमाया नोटिस

FSSAI Notice Alcohol Companies: भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने देश में शराब बनाने वाली (Liquor Manufacturers) दिग्गज कंपनियों के खिलाफ एक बेहद सख्त और बड़ी कार्रवाई शुरू की है। FSSAI ने रम, व्हिस्की, वोदका और बीयर जैसे मादक पेय पदार्थों में अनधिकृत (अवैध) फ्लेवर मिलाने और उनकी उम्र (Age) को लेकर बोतलों पर भ्रामक दावे करने के आरोप में कई कंपनियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

नियामक ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि कंपनियों ने अपनी विनिर्माण और लेबलिंग प्रक्रियाओं में तुरंत सुधार नहीं किया, तो उनके खिलाफ खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 (Food Safety and Standards Act, 2006) के तहत भारी जुर्माने से लेकर लाइसेंस रद्द करने तक की कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अनधिकृत फ्लेवर का खेल: प्राकृतिक खुशबू की 'नकल' पर रोक

FSSAI द्वारा की गई औचक जांच और तकनीकी विश्लेषण में यह पाया गया कि कुछ शराब निर्माता कंपनियां नियमों को ताक पर रखकर अपने उत्पादों में ऐसे अतिरिक्त सिंथेटिक फ्लेवर मिला रही हैं, जो वाइन या व्हिस्की के प्राकृतिक स्वाद और सुगंध की हूबहू नकल करते हैं।

चिंता की वजह: कृत्रिम या अनधिकृत फ्लेवर का उपयोग करके कंपनियां न केवल उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रही हैं, बल्कि उत्पाद की वास्तविक गुणवत्ता को छिपाकर बाजार में अनुचित व्यापार भी कर रही हैं।

'Aged' शब्द का भ्रामक इस्तेमाल

शराब उद्योग में किसी स्पिरिट (व्हिस्की या रम) का जितना पुराना (Aged) होना उसकी उच्च गुणवत्ता और महंगी कीमत का पैमाना माना जाता है। कंपनियां इसी का फायदा उठाकर ग्राहकों को गुमराह कर रही थीं।

ब्लेंडिंग (मिश्रण) का नियम टूटा: नियमों के अनुसार, यदि किसी शराब के लेबल पर उसकी उम्र (जैसे- 8 Years, 12 Years Old या 'Aged') का दावा किया जाता है, तो वह दावा उस ब्लेंड (मिश्रण) में इस्तेमाल की गई सबसे कम उम्र वाली स्पिरिट (Youngest Spirit) के आधार पर ही तय होना चाहिए।

पकड़ी गई हेराफेरी: कई मामलों में पाया गया कि कंपनियां मिश्रण में बेहद कम मात्रा में पुरानी स्पिरिट मिलाती थीं और पूरी बोतल पर 'Aged' का बड़ा लेबल लगाकर उसे प्रीमियम कीमत पर बेचती थीं। FSSAI ने इस तरह की लेबलिंग को पूरी तरह भ्रामक और अवैध करार दिया है।

FSSAI ने मांगा जवाब

कंपनियों को बताना होगा कि उन्होंने मानकों का उल्लंघन क्यों किया। जल्द से जल्द मार्केट में मौजूद बैचों की लेबलिंग बदलने या उन्हें वापस लेने के निर्देश। संतोषजनक जवाब न मिलने पर Food Safety and Standards Act, 2006 के तहत केस दर्ज कर भारी वित्तीय जुर्माना लगाया जाएगा।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

और पढ़ें
End of Article