Manipur Violence: मणिपुर में हिंसा थमने का नाम ही नहीं ले रही है। इंफाल ईस्ट जिले के दो गांवों में पहाड़ी इलाकों से शुक्रवार को हथियारबंद लोगों ने बंदूल और बम से हमला कर दिया। इस हमले से स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि सनसाबी और थमनापोकपी गांवों में हुए हमलों में किसी के घायल होने की सूचना नहीं मिली है।
सुरक्षाबलों ने की जवाबी कार्रवाई
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, हथियारबंद लोगों और सुरक्षाबलों के बीच भारी गोलीबारी हुई। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि सुरक्षाबलों ने जवाबी कार्रवाई की जिसके परिणामस्वरूप दोनों गांवों में भीषण गोलीबारी हुई।
उन्होंने बताया कि पहाड़ी इलाकों से हथियारबंद लोगों ने सुबह लगभग 10.45 बजे सनसाबी गांव और आस-पास के इलाकों में अंधाधुंध गोलीबारी और बम फेंकना शुरू कर दिया। जिसको लेकर सुरक्षाकर्मियों को जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी। हथियारबंद लोगों और सुरक्षाकर्मियों के बीच हो रही गोलीबारी के दौरान स्थानीय लोग इधर-उधर भागते हुए दिखाई दिए।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि हथियारबंद लोगों ने जिले के थमनापोकपी गांव में भी सुबह लगभग साढ़े ग्यारह बजे हमला किया जिसकी वजह से निवासियों में दहशत फैल गई। सीआरपीएफ कर्मियों सहित सुरक्षाबलों ने गोलीबारी में फंसे कई महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को बचाया।
दो उग्रवादी गिरफ्तार
वहीं, मणिपुर के इंफाल पश्चिम जिले से प्रतिबंधित संगठन कांगलेइपक कम्युनिस्ट पार्टी (पीपुल्स वार ग्रुप) के दो उग्रवादियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के एक बयान में बताया कि जबरन वसूली गतिविधियों में शामिल दो उग्रवादियों को गुरुवार को जिले के अवांग वानागई लमखई इलाके से गिरफ्तार किया गया। इसमें कहा गया कि उनके कब्जे से दो मोबाइल फोन और अन्य सामान जब्त किए गए।
गौरतलब है कि पिछले साल मई से मणिपुर में मैतेई और कुकी समूहों के बीच हुई जातीय हिंसा में 250 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों लोग बेघर हो गए और वहां से आए दिन हिंसा की खबरें सामने आ रही हैं।
