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'राहुल गांधी डरपोक, तानाशाह और इनसिक्योर नेता हैं'; कांग्रेस के महासचिव रहे शकील अहमद के बयान से भाजपा को मिल गया मौका

राहुल गांधी को 'तानाशाही प्रवृत्ति' वाला और 'गैर-लोकतांत्रिक' बताते हुए अहमद ने कहा कि वह कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की बात नहीं सुनते। वे इस भ्रम में जी रहे हैं कि राष्ट्रीय स्तर पर मौजूदगी के कारण पार्टी कभी दूसरे नंबर से नीचे नहीं जा सकती। इस दौरान अहमद ने राहुल गांधी की चुनावी हार का भी जिक्र किया।

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शकील अहमद राहुल गांधी।(फोटो सोर्स: ANI)

Photo : ANI

कांग्रेस के पूर्व वरिष्ठ नेता शकील अहमद ने शनिवार को राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ‘डरपोक’ और असुरक्षित नेता हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के महासचिव रह चुके शकील अहमद ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी पार्टी में केवल उन्हीं युवा नेताओं को आगे बढ़ा रहे हैं, जो उनकी प्रशंसा करते हैं और उनकी लाइन से असहमति नहीं रखते। अहमद ने कहा कि राहुल गांधी उन वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में असहज महसूस करते हैं, जिनकी सार्वजनिक पकड़ और राजनीतिक हैसियत मजबूत है। राहुल गांधी ऐसे नेताओं से घबराते हैं जिनकी जनता में स्वीकार्यता है। इसी वजह से वह केवल ऐसे लोगों को आगे बढ़ा रहे हैं, जिनका कोई स्वतंत्र आधार नहीं है।

राहुल गांधी 'तानाशाही प्रवृत्ति' वाले

राहुल गांधी को 'तानाशाही प्रवृत्ति' वाला और 'गैर-लोकतांत्रिक' बताते हुए अहमद ने कहा कि वह कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की बात नहीं सुनते। वे इस भ्रम में जी रहे हैं कि राष्ट्रीय स्तर पर मौजूदगी के कारण पार्टी कभी दूसरे नंबर से नीचे नहीं जा सकती। इस दौरान अहमद ने राहुल गांधी की चुनावी हार का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब वह कांग्रेस अध्यक्ष थे, तब वह अमेठी जैसी पारंपरिक सीट भी नहीं जीत सके, जिसे उनके परिवार और पूर्वजों ने दशकों तक सींचा था। उन्होंने दावा किया कि यह हार राहुल गांधी के रवैये और कार्यशैली का नतीजा थी।

कांग्रेस को नहीं बना सके अपना

पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की तुलना करते हुए अहमद ने कहा कि सोनिया गांधी ने राजीव गांधी, नरसिम्हा राव और सीताराम केसरी की कांग्रेस को अपनी कांग्रेस में बदल दिया, लेकिन राहुल गांधी सोनिया गांधी की कांग्रेस को भी अपनी पार्टी नहीं बना सके। उन्होंने दोहराते हुए कहा कि राहुल गांधी एक डरपोक और असुरक्षित व्यक्ति हैं। जो उनसे वरिष्ठ हैं या जिनका जनाधार मजबूत है, उनके सामने उन्हें ‘बॉस’ जैसा अहसास नहीं होता। इसी वजह से वह तानाशाही रवैया अपनाते हैं और लोकतांत्रिक तरीके से काम नहीं करते।

इस दौरान शकील अहमद ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसा कोई व्यक्ति नहीं मिला, जिसने दावा किया हो कि उसका नाम मतदाता सूची से हटाया गया है।

भाजपा ने साधा निशाना

शकील अहमद के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राहुल गांधी पर जोरदार हमला बोला। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि शकील अहमद ने राहुल गांधी की “असलियत उजागर” कर दी है। पूनावाला ने कहा कि राहुल गांधी खुद को सबसे सहिष्णु और लोकतांत्रिक नेता के रूप में पेश करते हैं, लेकिन सच्चाई इससे बिल्कुल उलट है। वह सबसे तानाशाही नेता हैं और उनमें वही आपातकालीन मानसिकता है, जो कभी इंदिरा गांधी में थी।

राहुल गांधी को कांग्रेस का कोई नेता गंभीरता से नहीं लेता: प्रदीप भंडारी

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शनिवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा। भाजपा ने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी के सदस्य उन्हें खुलेआम 'अपरिपक्व' कहते हैं और पार्टी की लगभग 95 चुनावी हार के लिए उन्हें ही जिम्मेदार ठहराते हैं। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि कांग्रेस में कोई भी राहुल गांधी को गंभीरता से नहीं लेता!

भंडारी ने एक्स पर शकील अहमद का एक वीडियो क्लिप शेयर करते हुए कहा कि कांग्रेस का कोई भी नेता राहुल गांधी को गंभीरता से नहीं लेता। कांग्रेस पार्टी के सांसद रह चुके शकील अहमद यह बात मान रहे हैं कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी का बंटाधार हो रहा है। आने वाले समय में कांग्रेस देश की राजनीति में तीसरी पार्टी भी नहीं रह पाएगी।

कौन हैं शकील अहमद?

गौरतलब है कि शकील अहमद ने पिछले साल नवंबर में बिहार में स्थानीय नेतृत्व से मतभेदों का हवाला देते हुए कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था। शकील अहमद बिहार से ताल्लुक रखते हैं और वह केंद्रीय गृह, संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय में राज्य मंत्री रह चुके हैं। इसके अलावा वह अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के महासचिव और बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष (2000-2003) भी रहे हैं। वह बिहार सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं और स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। वह बिहार से तीन बार विधायक (1985-90, 1990-95 और 2000-2004) और दो बार सांसद (1998 और 2004) रह चुके हैं। पेशे से डॉक्टर शकील अहमद तीसरी पीढ़ी के राजनेता हैं।
Shiv Shukla
शिव शुक्लाauthor

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभावी कंटेंट तैयार करने के लिए पहचाने जाते हैं। वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों, राजनीतिक घटनाक्रमों और गहन विश्लेषण पर विशेष पकड़ रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज कवरेज, लाइव ब्लॉग, एक्सप्लेनर और एनालिसिस आर्टिकल तैयार करने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। शिव शुक्ला 8,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। मजबूत न्यूज सेंस, विश्लेषण क्षमता और स्पष्ट लेखन शैली उनकी खासियत है। उन्हें नए स्थानों की यात्रा करना और किताबें पढ़ने का शौक है, जो उनकी लेखन शैली एवं दृष्टिकोण को और समृद्ध बनाता है।

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