First Made in India Airbus C295: भारत की सैन्य शक्ति और स्वदेशी एयरोस्पेस विनिर्माण के इतिहास में बुधवार (10 जून) को एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया। भारतीय वायुसेना (IAF) के बेड़े को महा-शक्तिशाली बनाने के लिए गुजरात के वडोदरा स्थित टाटा-एयरबस फाइनल असेंबली लाइन (FAL) से पहले 'मेड इन इंडिया' Airbus C-295 सैन्य परिवहन विमान ने अपनी पहली सफल परीक्षण उड़ान (Maiden Test Flight) पूरी कर ली है।
यह ऐतिहासिक कामयाबी भारत के रक्षा क्षेत्र के लिए एक बहुत बड़ा 'गेम-चेंजर' है। भारत के इतिहास में यह पहली बार हुआ है जब किसी निजी क्षेत्र की कंपनी (टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड - TASL) ने देश की धरती पर एक पूर्ण सैन्य विमान का निर्माण और असेंबलिंग कर उसे सफलतापूर्वक आसमान में उतारा है। इस सफलता से विमानन क्षेत्र में दशकों से चली आ रही सरकारी एकाधिकार की दीवार पूरी तरह ढह गई है।
एयरबस डिफेंस और भारतीय वायुसेना ने जताई खुशी
इस ऐतिहासिक उड़ान की सफलता के बाद एयरबस डिफेंस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर वीडियो साझा करते हुए लिखा, 'पहला 'मेड इन इंडिया' एयरबस C295 सैन्य परिवहन विमान वडोदरा की फाइनल असेंबली लाइन से अपनी पहली उड़ान सफलतापूर्वक पूरी कर चुका है। भारतीय विमानन और रक्षा क्षेत्र के लिए यह एक मील का पत्थर है। यह पहली उड़ान इस साल भारतीय वायुसेना को पहला स्वदेशी C295 विमान सौंपने के हमारे संकल्प को और मजबूत करती है।'
इस ऐतिहासिक मील के पत्थर पर भारतीय वायुसेना (IAF) ने पूरी टीम को बधाई देते हुए एक्स (X) पर अपनी ताकत का लोहा माना। वायुसेना ने कहा, 'यह अभूतपूर्व उपलब्धि भारत की बढ़ती एयरोस्पेस क्षमताओं को प्रदर्शित करती है और 'आत्मनिर्भर भारत' के विजन के तहत स्वदेशी रक्षा क्षमताओं को बढ़ावा देने की IAF की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।'
क्यों वायुसेना के लिए 'ब्रह्मास्त्र' साबित होगा C-295?
यह विमान भारतीय वायुसेना के बेड़े में शामिल पुराने हो चुके एवरो-748 (Avro-748) विमानों की जगह लेगा। इसकी ताकत और खूबियां वायुसेना को दुर्गम इलाकों में बड़ी बढ़त देंगी:
शॉर्ट टेक-ऑफ और लैंडिंग (STOL): C-295 विमान बेहद छोटे, कच्चे और पहाड़ी इलाकों के हवाई पट्टियों (Airstrips) से भी आसानी से उड़ान भर सकता है और लैंड कर सकता है। चीन और पाकिस्तान सीमाओं पर तैनात फॉरवर्ड बेसों (जैसे लद्दाख) के लिए यह वरदान है।
विशाल पेलोड और क्षमता: दो शक्तिशाली प्रैट एंड व्हिटनी (PW127G) टर्बोप्रॉप इंजनों से लैस यह विमान एक बार में 70 सैनिक, 48 पैराट्रूपर्स या 24 मेडिकल स्ट्रेचर के साथ करीब 9,000 किलोग्राम तक का भारी सैन्य साजो-सामान ले जाने में सक्षम है।
मल्टी-रोल ऑपरेशन्स: यह सिर्फ सामान ढोने के लिए नहीं, बल्कि विशेष सैन्य ऑपरेशन्स, त्वरित सैनिक टुकड़ी तैनाती और आपदा के समय मानवीय सहायता पहुंचाने में वायुसेना की रीढ़ बनेगा।
₹21,935 करोड़ की डील और 'मेक इन इंडिया' का मेगा प्लान
भारत ने सितंबर 2021 में एयरबस डिफेंस एंड स्पेस के साथ 56 C-295 विमानों के लिए ₹21,935 करोड़ का एक मेगा रक्षा सौदा किया था।
इस समझौते के तहत शुरुआती 16 विमान स्पेन से सीधे 'फ्लाई-अवे' (पूरी तरह तैयार) स्थिति में भारत आ रहे हैं। जबकि शेष 40 विमानों का निर्माण 'मेक इन इंडिया' के तहत पूरी तरह भारत में ही वडोदरा प्लांट में किया जा रहा है। अक्टूबर 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्पेन के पीएम पेड्रो सांचेज ने इस प्लांट का उद्घाटन किया था। इस विमान के 85% से अधिक स्ट्रक्चरल पार्ट्स का निर्माण भारत के ही अलग-अलग सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (MSMEs) द्वारा किया जा रहा है।
