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'पहले घोषणा करो, फिर सोचो'; चंडीगढ़ विधेयक को लेकर गृह मंत्रालय के बयान पर कांग्रेस ने कसा तंज

Chandigarh Bill Row: कांग्रेस ने केंद्रीय गृह मंत्रालय के इस बयान को लेकर केंद्र सरकार पर रविवार को निशाना साधा कि उसका संसद के शीतकालीन सत्र में चंडीगढ़ पर प्रस्तावित विधेयक लाने का कोई इरादा नहीं है। कांग्रेस ने दावा किया कि यह बयान शासन के प्रति उसके “पहले घोषणा करो, फिर सोचो” वाले रवैये का एक और उदाहरण है।

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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (बाएं) और कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश (दाएं) (फोटो साभार: PTI)

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Chandigarh Bill Row: कांग्रेस ने केंद्रीय गृह मंत्रालय के इस बयान को लेकर केंद्र सरकार पर रविवार को निशाना साधा कि उसका संसद के शीतकालीन सत्र में चंडीगढ़ पर प्रस्तावित विधेयक लाने का कोई इरादा नहीं है। पार्टी ने दावा किया कि यह बयान शासन के प्रति उसके “पहले घोषणा करो, फिर सोचो” वाले रवैये का एक और उदाहरण है।

कांग्रेस ने केंद्र पर कसा तंज

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि कल ही आगामी शीतकालीन सत्र के लिए संसद बुलेटिन में चंडीगढ़ के लिए पूर्णकालिक उपराज्यपाल की नियुक्ति से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक पेश करने की बात कही गई थी। रमेश ने ‘एक्स’ पर कहा कि कांग्रेस और पंजाब के अन्य दलों ने इसका तुरंत और आक्रामक तरीके से विरोध किया। पंजाब के राज्यपाल चंडीगढ़ के प्रशासक भी हैं। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय अब कह रहा है कि उसका शीतकालीन सत्र में विधेयक पेश करने का कोई इरादा नहीं है। रमेश ने कहा, “यह शासन के प्रति मोदी सरकार के ‘पहले घोषणा करना, फिर सोचना’ वाले दृष्टिकोण का एक और उदाहरण है।”

गृह मंत्रालय ने क्या कुछ कहा?

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने रविवार को कहा कि उसका संसद के आगामी शीतकालीन सत्र में चंडीगढ़ पर प्रस्तावित विधेयक लाने का कोई इरादा नहीं है, जिसका उद्देश्य केंद्र के लिए कानून बनाने की प्रक्रिया को सरल बनाना है। मंत्रालय ने कहा कि प्रस्ताव का उद्देश्य चंडीगढ़ और पंजाब एवं हरियाणा के बीच पारंपरिक व्यवस्था को बदलना नहीं है।

एक दिन पहले जारी लोकसभा और राज्यसभा बुलेटिन के अनुसार, केंद्र सरकार एक दिसंबर से शुरू होने वाले संसद के आगामी शीतकालीन सत्र में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2025 पेश करेगी। विधेयक में चंडीगढ़ को अनुच्छेद 240 के तहत शामिल करने का प्रावधान है, जिससे राष्ट्रपति को केंद्र-शासित प्रदेश के लिए सीधे नियम-कानून बनाने का अधिकार मिल सकेगा। इसे लेकर पंजाब के नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी।

'शीतकालीन सत्र में बिल पेश करने का कोई इरादा नहीं'

गृह मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “चंडीगढ़ के हितों को ध्यान में रखते हुए, सभी हितधारकों के साथ पर्याप्त परामर्श के बाद ही कोई उचित निर्णय लिया जाएगा। इस मामले में किसी भी चिंता की कोई आवश्यकता नहीं है। केंद्र सरकार का संसद के आगामी शीतकालीन सत्र में इस संबंध में विधेयक पेश करने का कोई इरादा नहीं है।” गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, “प्रस्ताव केवल केंद्र-शासित प्रदेश चंडीगढ़ के लिए केंद्र सरकार के कानून बनाने की प्रक्रिया को आसान बनाने से संबंधित है और यह अब भी केंद्र सरकार के पास विचाराधीन है। इस प्रस्ताव पर कोई आखिरी फैसला नहीं लिया गया है।”

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ताauthor

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

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