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'पंजाब की भावनाओं को नहीं किया जा सकता नजरअंदाज'; चंडीगढ़ विवाद पर बोले BJP प्रदेशाध्यक्ष; शाह से मांगा मिलने का समय

Chandigarh Bill Row: चंडीगढ़ में स्वतंत्र प्रशासक नियुक्त करने के केंद्र के प्रस्ताव को लेकर भाजपा आलोचनाओं का सामना कर रही है। इस बीच, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कहा कि वह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलेंगे। दरअसल, पंजाब में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) के अलावा कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल (SAD) ने भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की आलोचना की तथा सरकार पर पंजाब से चंडीगढ़ 'छीनने' की कोशिश करने का आरोप लगाया।

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भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुनील जाखड़ (फाइल फोटो साभार: @sunilkjakhar)

Photo : Twitter

Chandigarh Bill Row: चंडीगढ़ में स्वतंत्र प्रशासक नियुक्त करने के केंद्र के प्रस्ताव को लेकर भाजपा आलोचनाओं का सामना कर रही है। इस बीच, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कहा कि वह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलेंगे। सुनील जाखड़ ने 'पीटीआई' को बताया कि मैंने मुलाकात के लिए केंद्रीय गृह मंत्री से समय मांगा है। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि प्रस्ताव से जुड़ा फैसला वापस लिया जाए।

चंडीगढ़ से जुड़ी हैं पंजाब की भावनाएं

सुनील जाखड़ ने कहा, “चंडीगढ़ की प्रशासनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए पंजाब की भावनाओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। चंडीगढ़ सिर्फ एक भौगलिक हिस्सा नहीं है। पंजाब की भावनाएं इससे जुड़ी हैं। इस बारे में कोई भ्रम नहीं होना चाहिए।” इससे पहले, जाखड़ ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा था कि चंडीगढ़, पंजाब का एक अहम हिस्सा है और भरोसा दिलाया कि केंद्रशासित प्रदेश को लेकर 'भ्रम' दूर हो जाएगा।

उन्होंने कहा, “चंडीगढ़, पंजाब का एक अहम हिस्सा है और भाजपा की पंजाब इकाई राज्य के हितों के साथ मजबूती से खड़ी है, फिर चाहे वह चंडीगढ़ का मुद्दा हो या पंजाब के पानी का। चंडीगढ़ को लेकर जो भी भ्रम की स्थिति है, उसे सरकार से बातचीत करके सुलझा लिया जाएगा। मैं खुद एक पंजाबी हूं, इसलिए मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि हमारे लिए पंजाब हमेशा सबसे पहले आता है।”

आसान भाषा में समझिए पूरा मामला

केंद्र ने चंडीगढ़ को संविधान के अनुच्छेद 240 के दायरे में लाने का प्रस्ताव किया है, जो राष्ट्रपति को केंद्र शासित प्रदेश के लिए नियम बनाने और सीधे कानून बनाने का अधिकार देता है। लोकसभा और राज्यसभा के बुलेटिन के अनुसार, केंद्र एक दिसंबर से शुरू होने वाले संसद के आगामी शीतकालीन सत्र में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2025 लाएगी। अगर विधेयक पारित हो जाता है, तो चंडीगढ़ में स्वतंत्र प्रशासक नियुक्त किया जा सकता है, जैसा कि पहले स्वतंत्र मुख्य सचिव होता था।चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा की संयुक्त राजधानी है।

इस बीच, पंजाब में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) के अलावा कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल (SAD) ने भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की आलोचना की तथा सरकार पर पंजाब से चंडीगढ़ 'छीनने' की कोशिश करने का आरोप लगाया। केंद्र ने रविवार को इस प्रस्ताव को लेकर हो रहे हंगामे पर कहा कि उसका संसद के शीतकालीन सत्र में चंडीगढ़ के प्रशासक पर किसी भी प्रकार का कोई विधेयक पेश करने का इरादा नहीं है।

केंद्र सरकार ने भरोसा दिलाया कि यह प्रस्ताव किसी भी तरह से चंडीगढ़ के शासन या प्रशासनिक ढांचे को बदलने की कोशिश नहीं करता है। वर्तमान में पंजाब के राज्यपाल, चंडीगढ़ के प्रशासक की जिम्मेदारी संभालते हैं। एक नवंबर 1966 को पंजाब के पुर्नगठित होने से पहले चंडीगढ़ की प्रशासनिक जिम्मेदारी स्वतंत्र रूप से मुख्य सचिव पर ही थी।

गृह मंत्रालय का आया स्पष्टीकरण

हालांकि, इस प्रस्ताव को लेकर गृह मंत्रालय का बयान सामने आया जिसमें पंजाब के नेताओं की चिंताओं को दूर करते हुए मंत्रालय ने कहा कि यह प्रस्ताव किसी भी तरह से चंडीगढ़ के शासन या प्रशासनिक ढांचे को बदलने की कोशिश नहीं करता और न ही इसका उद्देश्य ‘‘चंडीगढ़ और पंजाब या हरियाणा राज्यों के बीच पारंपरिक व्यवस्थाओं’’ को बदलना है।

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ताauthor

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

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