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IDBI बैंक हमें खस्ताहाल स्थिति में सौंपा गया था- राहुल गांधी के आरोपों पर निर्मला सीतारमण का पलटवार

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आईडीबीआई बैंक (IDBI Bank) के निजीकरण के विरोध पर राहुल गांधी पर पलटवार करते हुए कांग्रेस शासन के दौरान राजनीतिक दबाव में बैंकों के दुरुपयोग का गंभीर आरोप लगाया।

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (फाइल फोटो- PTI)

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने IDBI बैंक के प्रस्तावित निजीकरण को लेकर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आरोपों पर तीखा पलटवार किया है। वित्त मंत्री ने राहुल गांधी के आरोपों पर जवाब देते हुए कांग्रेस की सरकारों के दौरान दिए गए कई कर्ज को लेकर सवाल उठाए और आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ने पूंजीकरण और पेशेवर प्रबंधन के जरिए IDBI बैंक को पुनर्जीवित किया है।

वित्त मंत्री ने कांग्रेस पर लगाए गंभीर आरोप

निर्मला सीतारमण ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, "हम सभी जानते हैं कि कैसे कांग्रेस ने बैंकों और वित्तीय संस्थानों का इस्तेमाल अपनी निजी संस्थाओं के रूप में किया है और विवेकपूर्ण ऋण मानदंडों को दरकिनार करते हुए बैंक कर्मचारियों पर अपनी इच्छा के अनुसार ऋण देने का दबाव डाला है। मैं कुछ उदाहरण गिनती हूं।

  • 1957 में, कांग्रेस नेताओं के प्रभाव के कारण हरिदास मूंदड़ा को LIC से पैसा मिला।
  • 1976 में, इंदिरा गांधी की सरकार ने SBI के अध्यक्ष आर.के. तलवार को तब हटा दिया, जब उन्होंने संजय गांधी के करीबी से जुड़ी एक कंपनी के लिए ऋण शर्तों में ढील देने के राजनीतिक दबाव को मानने से इनकार कर दिया था।
  • मारुति को दिए जाने वाले ऋणों को लेकर संजय गांधी ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया पर दबाव डाला।
  • इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के कार्यकाल में वित्त राज्य मंत्री रहे बी. जनार्दन पुजारी ने 1980 के दशक में बैंक कर्मचारियों पर ऋण जारी करने का दबाव डाला।
  • यूपीए (UPA) में एक मंत्री के रूप में, पवन कुमार बंसल ने अपने परिवार से जुड़े व्यवसायों को ऋण देने के लिए केनरा बैंक पर दबाव डाला।

IDBI पर वित्त मंत्री ने क्या कहा?

निर्मला सीतारमण ने आगे कहा कि IDBI बैंक हमें खस्ताहाल स्थिति में सौंपा गया था, क्योंकि IDBI को स्वयं कांग्रेस के नेताओं से घनिष्ठ संबंध रखने वाले बड़े व्यापारिक समूहों जैसे कि वीडियोकॉन, विनसम, एबीजी शिपयार्ड, किंगफिशर आदि को ऋण देने के लिए मजबूर किया गया था। ये "बैड लोन" में बदल गए, जिससे IDBI बैंक को भारी नुकसान हुआ, जिसे हमने पहचाना। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए (NDA) सरकार ने व्यावसायिकता, विवेक और 25,000 करोड़ रुपये से अधिक के पुनर्पूंजीकरण के माध्यम से IDBI बैंक को पुनर्जीवित किया। IDBI बैंक अब अपने विकास के अगले चरण के लिए तैयार है। IDBI बैंक के रणनीतिक पुनर्गठन में सभी उचित प्रक्रियाओं का पालन किया गया है और हमने कल ही इसे स्पष्ट कर दिया था।

राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा कि राफेल के संबंध में आपके झूठ विफल और बेनकाब हुए थे। आपको माफी मांगनी पड़ी थी। यहां भी वैसा ही होगा। कांग्रेस-युग की बैंकिंग में ताकतवर लोगों के लिए फोनबुक और आम नागरिकों के लिए नियम-बुक होती थी। 'कनेक्शन और सेटिंग वाली बैंकिंग' का युग अब समाप्त हो गया है। आम लोगों की अब ऋण तक आसान पहुंच है और कर्मचारियों पर फोन कॉल पर ऋण देने का दबाव नहीं है।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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