Farooq Abdullah on Pahalgam Attack: जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस (JKNC) के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने सोमवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पूछा जाना चाहिए कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले के मद्देनजर पाकिस्तान को क्या जवाब दिया जाना चाहिए। हमले पर चर्चा के लिए जम्मू-कश्मीर विधानसभा में बुलाए गए विशेष सत्र से पहले, जब जेकेएनसी प्रमुख से पाकिस्तान को भारत की प्रतिक्रिया के बारे में सुझाव मांगा गया तो उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री से पूछिए कि पाकिस्तान को क्या जवाब दिया जाना चाहिए।'
वहीं कांग्रेस विधायक निजामुद्दीन भट ने जम्मू-कश्मीर कांग्रेस प्रमुख तारिक हमीद कर्रा के बयान पर टिप्पणी करते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर कांग्रेस प्रमुख ने जो कहा है उसका एक संदर्भ है।
'कर्रा साहब के बयान का यह मतलब नहीं है कि हम आतंकवाद के खिलाफ नहीं हैं। इसका एक संदर्भ है। हमने (कांग्रेस ने) युद्ध की कोशिश की है, हमने बातचीत की कोशिश की है, और हमने चरमपंथियों और आतंकवाद को खत्म करने के लिए हर आंतरिक सामंजस्यपूर्ण उपाय की कोशिश की है। यह राष्ट्रीय सुरक्षा का सवाल है। हम राष्ट्र के साथ हैं। लेकिन एक भावना यह भी है कि एक बार जब हमने सब कुछ आज़मा लिया है, तो हमें फिर से कोशिश करनी चाहिए,' भट्ट ने स्पष्ट किया। 'इसका मतलब यह नहीं है कि हम सरकार के हाथ बांध रहे हैं कि वह इस मामले को आगे न बढ़ाए।'
उन्होंने कहा कि 'केंद्र सरकार कोई भी कदम उठा सकती है। कांग्रेस पहले ही कह चुकी है कि आतंकवाद के खिलाफ वे सरकार के साथ हैं। कोई भी कदम उठाइए, लेकिन विकल्प क्यों बंद कर रहे हैं?'
इस बीच, जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने पहलगाम आतंकी हमले की निंदा करने के लिए एक प्रस्ताव पेश किया और सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति की बैठक के बाद केंद्र सरकार द्वारा घोषित कूटनीतिक उपायों का समर्थन किया।
गौर हो कि पहलगाम में हुआ हमला 2019 के पुलवामा हमले के बाद घाटी में हुए सबसे घातक हमलों में से एक है, जिसमें 40 सीआरपीएफ जवान शहीद हो गए थे। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देने के लिए पाकिस्तान के खिलाफ कड़े कदम उठाए हैं।
