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Farmers Protest: किसान नेता सरवन पंधेर जेल से हुए रिहा, पंजाब की AAP सरकार पर साधा निशाना

Farmers Protest: सरवन सिंह पंधेर को मुख्तार साहिब जेल से रिहा कर दिया गया है। जिसके बाद उन्होंने आज सुबह बहादुरगढ़ किले में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। पंधेर ने पंजाब की AAP सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पंजाब सरकार को किसानों के खिलाफ कार्रवाई करने की क्या मजबूरी थी?

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किसान नेता सरवन सिंह पंधेर जेल से रिहा

Photo : ANI

Farmers Protest: किसान नेता सरवन सिंह पंधेर को मुख्तार साहिब जेल से रिहा कर दिया गया है। जिसके बाद उन्होंने आज सुबह बहादुरगढ़ किले में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। किसान मजदूर संघर्ष समिति-पंजाब के किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि मुझे आज मुक्तसर साहिब जेल से रिहा कर दिया गया है। AAP और भगवंत मान कह रहे थे कि किसानों का विरोध केंद्र सरकार के खिलाफ है। लेकिन आज सवाल उठता है: पंजाब सरकार को किसानों के खिलाफ कार्रवाई करने की क्या मजबूरी थी? हमारे टेंट और ट्रैक्टर आदि को हुए नुकसान की भरपाई सरकार को करनी चाहिए...हमारा आंदोलन जारी रहेगा।

पंधेर ने पंजाब की आप सरकार पर जमकर साधा निशाना

इससे पहले उन्होंने AAP के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की कड़ी निंदा की। पंधेर ने स्व-निर्मित वीडियो में कहा कि मुझे मुख्तार साहिब जेल से रिहा कर दिया गया है, और मैं सुबह 9 बजे बहादुरगढ़ किला पहुंचूंगा और वहां एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करूंगा। मैं पंजाब सरकार और जिस तरह से हमारे मोर्चों को नष्ट किया गया, उसकी कड़ी निंदा करता हूं... हम अपने सहयोगियों के साथ अपनी भविष्य की कार्रवाई पर चर्चा करेंगे। अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे किसान नेता जगजीत सिंह दल्लेवाल और किसान मजदूर मोर्चा के नेता सरवन सिंह पंधेर सहित कई किसान नेताओं को 19 मार्च को पंजाब पुलिस ने हिरासत में लिया था। इससे पहले 24 मार्च को पंजाब सरकार ने 450 और किसानों को पुलिस हिरासत से रिहा किया था।

सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, पंजाब ने कहा कि किसानों के प्रति विचारशील दृष्टिकोण अपनाते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पुलिस हिरासत से 450 और किसानों को तुरंत रिहा करने का फैसला किया है। विवरण साझा करते हुए पुलिस महानिरीक्षक (IGP) मुख्यालय सुखचैन सिंह गिल ने बताया कि पंजाब सरकार पहले ही लगभग 800 किसानों को पुलिस हिरासत से रिहा कर चुकी है।

कई किसान नेताओं ने पंजाब सरकार की बैठक में शामिल होने से किया इनकार

इससे पहले, भारतीय किसान यूनियन (लाखोवाल) के नेता हरिंदर सिंह लाखोवाल और संयुक्त किसान मोर्चा के नेता रमिंदर सिंह ने पंजाब सरकार द्वारा बुलाई गई बैठक में शामिल होने से इनकार कर दिया और राज्य सरकार पर दमन का आरोप लगाते हुए 28 मार्च को राज्य भर के जिला मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की। यह निर्णय तब आया जब प्रमुख किसान नेताओं ने पंजाब प्रशासन पर प्रदर्शनकारी किसानों के खिलाफ अत्यधिक बल प्रयोग करने और कई नेताओं को गैरकानूनी रूप से हिरासत में लेने का आरोप लगाया। उन्होंने बैठक में भाग नहीं लेने के लिए प्रतिकूल परिस्थितियों का भी हवाला दिया। उल्लेखनीय है कि 19 मार्च को पंजाब पुलिस द्वारा संभू और खनौरी सीमा को खाली करने और प्रदर्शनकारी किसानों द्वारा बनाए गए अस्थायी ढांचों को हटाने के दो दिन बाद, राज्य के कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने 21 मार्च को चंडीगढ़ में किसान नेताओं की एक बैठक बुलाई थी।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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