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खुलासा : फिदायीन बनने के लिए तैयार थे ISIS मॉड्यूल के आतंकी, सुसाइड जैकेट भी बना रहे थे

अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि दिल्ली, झारखंड, तेलंगाना और मध्य प्रदेश में समन्वित छापेमारी में हथियार, गोला-बारूद और बम बनाने वाले रसायन भी जब्त किए गए हैं। यह समूह हिंसक तरीकों से भारत में ‘खिलाफत’ स्थापित करने की साजिश रच रहा था। जांचकर्ताओं ने आगामी त्योहारी सीजन से पहले यह कार्रवाई करते हुए यह आतंकवाद-रोधी एक बड़ी सफलता हासिल की है।

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फिदायीन बनने के लिए तैयार थे ISIS मॉड्यूल के आतंकी। तस्वीर ANI

Photo : ANI

ISIS Module terrorists: स्पेशल सेल और सेंट्रल एजेंसी द्वारा 5 राज्यों में चलाए गए ऑपरेशन में गिरफ्तार 5 आतंकियों की पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ है। पूछताछ में खुलासा हुआ है कि गिरफ्तार आतंकियों में से कुछ फिदायीन हमलावर बनने के लिए तैयार हो चुके थे। वे फिदायीन हमले के लिए सुसाइड जैकेट भी तैयार कर रहे थे। आतंकियों की चैट्स से खुलासा हुआ है ये टारगेट किलिंग की वारदात को अंजाम देने वाले थे और इनके निशाने पर कुछ राइट विंग लीडर थे। अभी इस मॉड्यूल में कुछ और लोग भी शामिल हैं जिनकी तलाश की जा रही है।

जाकिर नाइक का वीडियो भेजता था दानिश

सूत्रों के मुताबिक इन आतंकियों का हैंडलर पाकिस्तानी है। जांच के दैरान ये भी सामने आया कि कैसे दानिश युवाओं को अपने साथ जोड़ने के लिए तारिक़ मसूद, तारिक जमील और जाकिर नाइक के वीडियो भेजता था। ताकि युवा रेडिक्लाइज हो कर उसके साथ जुड़ जाएं। बता दें कि दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने पाकिस्तान द्वारा संचालित पूरे भारत में फैले आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है और विभिन्न राज्यों में छापेमारी के बाद पांच कट्टरपंथी लोगों को गिरफ्तार किया।

बम बनाने वाले रसायन भी जब्त

अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि दिल्ली, झारखंड, तेलंगाना और मध्य प्रदेश में समन्वित छापेमारी में हथियार, गोला-बारूद और बम बनाने वाले रसायन भी जब्त किए गए हैं। यह समूह हिंसक तरीकों से भारत में ‘खिलाफत’ स्थापित करने की साजिश रच रहा था। जांचकर्ताओं ने आगामी त्योहारी सीजन से पहले यह कार्रवाई करते हुए यह आतंकवाद-रोधी एक बड़ी सफलता हासिल की है और इन गिरफ्तारियों ने पूरे भारत में फैले गिरोह को ध्वस्त कर दिया है जो जिहादी प्रशिक्षण के लिए एक भूमिगत आधार बनाने के लिए काम कर रहा था।

‘गजवा-ए-हिंद’ छेड़ना चाहते थे

झारखंड के 23 वर्षीय एक स्नातकोत्तर युवक के नेतृत्व में सभी आरोपी कथित तौर पर गुप्त प्रशिक्षण के अड्डे स्थापित करने के लिए भूमि अधिग्रहण की साजिश रच रहे थे, जिसका अंतिम उद्देश्य ‘गजवा-ए-हिंद’ छेड़ना था। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (विशेष प्रकोष्ठ) प्रमोद कुशवाह ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘आतंकवादी यहां पाकिस्तान स्थित एक आका के संपर्क में थे, जो उन्हें सोशल मीडिया मंच के माध्यम से निर्देश देता था, उन्हें कट्टरपंथी बनाता था और उन्हें हथियार, रसायन तथा गोला-बारूद के घटक एकत्र करने का निर्देश देता था।'

'आतंक का इको-सिस्टम भी तैयार कर रहे थे'

उन्होंने कहा, ‘समूह का उद्देश्य न केवल आईईडी तैयार करना था, बल्कि हथियार बनाने और कट्टरपंथी दुष्प्रचार फैलाने के लिए एक आत्मनिर्भर पारिस्थितिकी तंत्र बनाना भी था।’उन्होंने कहा कि विशेष प्रकोष्ठ ने झारखंड, तेलंगाना, कर्नाटक, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के पुलिस बलों और आतंकवाद निरोधक दस्तों के साथ निकट समन्वय में अभियान शुरू किए। उन्होंने ने कहा, ‘हमने झारखंड के बोकारो निवासी और मॉड्यूल के सरगना अशहर दानिश उर्फ सीईओ (23), मुंबई के कल्याण निवासी आफताब नासिर कुरेशी (25), महाराष्ट्र के मुंब्रा निवासी सूफियान अबुबकर खान (20), तेलंगाना के नरसापुर निवासी मोहम्मद हुजैफ यमन (20) और मध्य प्रदेश के राजगढ़ निवासी कामरान कुरैशी उर्फ समर खान (26) को गिरफ्तार किया है।’

दानिश को रांची से गिरफ्तार किया गया

पुलिस ने एक बयान में कहा कि यह गिरोह ‘खिलाफत क्षेत्र’ स्थापित करने के लिए गुप्त आतंकवादी प्रशिक्षण को जमीन अधिग्रहण की साजिश रच रहा था, जिसका अंतिम उद्देश्य गजवा-ए-हिंद (भारत पर हमला) था। बयान में कहा गया कि दानिश को रांची से गिरफ्तार किया गया और उसके किराए के कमरे से आईईडी बनाने वाले उपकरण समेत रासायनिक पदार्थ ज़ब्त किए गए। उसने स्वीकार किया कि उसने हिंसक तरीकों से खिलाफत स्थापित करने की आपराधिक साजिश के तहत हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक खरीदे थे। पुलिस के अनुसार, उसने बताया कि उसे पाकिस्तान स्थित एक आका से निर्देश मिल रहे थे और वह अन्य मॉड्यूल सदस्यों के साथ लगातार संपर्क में था।

पहली सफलता नौ सितंबर को मिली

गिरफ्तारी की जानकारी देते हुए कुशवाह ने बताया कि पहली सफलता नौ सितंबर को मिली। दिल्ली के हज़रत निज़ामुद्दीन रेलवे स्टेशन से सटे थीम पार्क के पास दो संदिग्धों - आफ़ताब कुरैशी और सूफ़ियान खान - के पास दो सेमी-ऑटोमैटिक पिस्तौल (.32 बोर) और 15 कारतूस बरामद हुए, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद 10 सितंबर को रांची, ठाणे, बेंगलुरु, निजामाबाद और राजगढ़ में छापेमारी कर अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। सबसे महत्वपूर्ण बरामदगी मुख्य साजिशकर्ता अशहर दानिश के रांची स्थित किराए के कमरे से हुई, जहा पुलिस को रसायन, गोला-बारूद के पुर्जे और आईईडी बनाने के उपकरण मिले। पुलिस ने बताया कि एक अन्य आरोपी, फ़ार्मेसी के छात्र, मोहम्मद हुज़ैफ़ यमन को निज़ामाबाद से गिरफ़्तार किया गया। उसने दानिश के मार्गदर्शन में हथियारों और गोला-बारूद से जुड़े प्रयोग करने की बात कबूल की। राजगढ़ से गिरफ़्तार कामरान कुरैशी ने खुलासा किया कि वह सोशल मीडिया ग्रुप्स के ज़रिए दानिश के संपर्क में आया।

Anuj Mishra
अनुज मिश्राauthor

अनुज मिश्रा भारत के अग्रणी क्राइम और इन्वेस्टिगेटिव पत्रकारों में से एक हैं। वह वर्तमान में टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। पिछले करीब दो दशकों से अनुज मिश्रा ने अपराध, आंतरिक सुरक्षा और संगठित अपराध से जुड़े मामलों की गहन रिपोर्टिंग और संपादकीय नेतृत्व किया है। उन्होंने सीबीआई, ईडी, आयकर विभाग, एनआईए और खुफिया एजेंसियों से संबंधित बड़ी और संवेदनशील खबरों को नज़दीकी से कवर किया है। अनुज मिश्रा की सबसे बड़ी ताक़त उनकी ग्राउंड रिपोर्टिंग है। हर बड़ी और अहम खबर में वह ग्राउंड ज़ीरो पर मौजूद रहकर घटनाओं की प्रत्यक्ष कवरेज करते रहे हैं। यही कारण है कि उनकी रिपोर्टिंग में जमीनी सच्चाई और तथ्य हमेशा साफ़ झलकते हैं। टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ने से पहले अनुज मिश्रा देश के कई बड़े टेलीविज़न न्यूज़ चैनलों के साथ काम कर चुके हैं, जहां उन्होंने अपनी पत्रकारिता और एडिटोरियल स्किल्स से अलग पहचान बनाई। अनुज ने न केवल देश-विदेश की बड़ी खबरों को जनता तक पहुँचाया है, बल्कि उत्तर प्रदेश की राजनीति और सत्ता गलियारों से जुड़े घटनाक्रमों पर भी पैनी नज़र रखी है। उनकी पत्रकारिता शैली तथ्यपरक, इन्वेस्टिगेटिव और जमीनी हकीकत पर आधारित मानी जाती है। उन्होंने आतंकवाद, संगठित अपराध, ड्रग्स सिंडिकेट, हाई-प्रोफाइल जांच और सियासी घटनाक्रमों पर कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स की हैं, जिन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है।

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