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अनुभवी, कद्दावर, नीतीश के करीबी हैं विजय चौधरी, 'सम्राट युग' में बिहार के बने डिप्टी CM

विजय चौधरी का जन्म 8 जनवरी 1957 को समस्तीपुर जिले में हुआ और वे एक राजनीतिक परिवार से आते हैं। उनके पिता जगदीश प्रसाद चौधरी भी एक प्रमुख नेता थे, जिनसे उन्हें राजनीति की प्रेरणा मिली। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से इतिहास में स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की।

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बिहार के डिप्टी सीएम बने विजय चौधरी।

Vijay Kumar Chaudhary Profile: बिहार में मंगलवार को सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने दो मंत्रियों विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव को भी डिप्टी सीएम पद की शपथ दिलाई। सम्राट बिहार में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री बने हैं। जबकि दोनों डिप्टी सीएम जद-यू कोटे से हैं। इनमें से विजय चौधरी की गिनती जदू-यू के वरिष्ठ नेताओं और नीतीश कुमार के करीबी के रूप में होती है। विजय चौधरी के पास अभी जल संसाधन एवं संसदीय मामलों के मंत्रालयों का प्रभार है। वह समस्तीपुर के सरायरंजन से विधायक हैं। वह विधानसभा स्पीकर सहित कई अहम जिम्मेदारी निभा चुके हैं। विजय चौधरी करीब दो दशकों से नीतीश कुमार के साथ हैं।

समस्तीपुर जिले में हुआ जन्म

चौधरी का जन्म 8 जनवरी 1957 को समस्तीपुर जिले में हुआ और वे एक राजनीतिक परिवार से आते हैं। उनके पिता जगदीश प्रसाद चौधरी भी एक प्रमुख नेता थे, जिनसे उन्हें राजनीति की प्रेरणा मिली। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से इतिहास में स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की। पढ़ाई के बाद उन्होंने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में नौकरी की, लेकिन जल्द ही राजनीति में सक्रिय हो गए। पिता के निधन के बाद उन्होंने दलसिंहसराय सीट से चुनाव जीतकर अपनी मजबूत राजनीतिक पहचान बनाई और लगातार तीन बार विधायक बने।

2005 में जद-यू में हुए शामिल

उन्होंने अपने करियर की शुरुआत कांग्रेस से की, लेकिन 2005 में जेडीयू में शामिल होना उनके लिए निर्णायक साबित हुआ। इसके बाद वे पार्टी में तेजी से उभरे, प्रवक्ता और फिर प्रदेश अध्यक्ष बने। 2010 में सरायरंजन सीट से जीत दर्ज करने के बाद उन्होंने लगातार चुनावी सफलता हासिल की और एक रणनीतिक नेता के रूप में पहचान बनाई। उन्होंने वित्त, शिक्षा, कृषि और ग्रामीण विकास जैसे अहम मंत्रालयों का नेतृत्व किया। 2015 से 2020 तक वे बिहार विधानसभा के स्पीकर भी रहे। वर्तमान में वे जल संसाधन और संसदीय कार्य मंत्री हैं। साफ छवि, संतुलित नेतृत्व और नीतिगत भूमिका के कारण वे राज्य की राजनीति के प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं।

लंबे समय तक कैबिनेट मंत्री रहे

बिहार सरकार में उन्होंने कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाली है, जिनमें जल संसाधन, वित्त, शिक्षा, ग्रामीण विकास, परिवहन, भवन निर्माण और संसदीय कार्य शामिल हैं। वे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकारों में लंबे समय तक कैबिनेट मंत्री रहे हैं और विभिन्न कार्यकालों में अलग-अलग विभागों का प्रबंधन किया। वे 2015 से 2020 तक बिहार विधानसभा के अध्यक्ष रहे। इस दौरान उन्होंने विधानसभा की कार्यप्रणाली में कई सुधार किए, जैसे ई-विधान प्रणाली और ऑनलाइन प्रश्न प्रबंधन प्रणाली की शुरुआत। वे सदन की प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी और तकनीक-आधारित बनाने के लिए जाने जाते हैं। चौधरी का जन्‍म बिहार के भूमिहार ब्राह्मण परिवार में हुआ है।

नीतीश कुमार अब राज्यसभा सदस्य

शपथ ग्रहण समारोह में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के शीर्ष नेता भी शामिल हुए। राज्य में सत्तारूढ़ राजग में भाजपा, जदयू और तीन अन्य पार्टियां शामिल हैं। इनमें केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और चिराग पासवान, नीतीश कुमार और राजग के सभी विधायक शामिल थे। नीतीश कुमार अब राज्यसभा सदस्य हैं। उन्होंने मंगलवार को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया और अपने मंत्रिमंडल को भंग कर दिया जिसमें चौधरी उपमुख्यमंत्री थे और उनके पास गृह मंत्रालय का महत्वपूर्ण प्रभार था।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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