Who is Bijendra Prasad Yadav: बिहार की राजनीति में बहुत बड़ा बदलाव हुआ है, राज्य के सीएम पद से नीतीश कुमार ने इस्तीफा दे दिया है। अब सम्राट चौधरी (Samrat Chaudhary) नए मुख्यमंत्री बने हैं। बिहार में नई सरकार के गठन के साथ ही डिप्टी सीएम (Bihar New Deputy CM) को लेकर तस्वीर साफ हो गई है। वरिष्ठ जेडीयू नेता बिजेंद्र प्रसाद यादव (Bijendra Prasad Yadav) बिहार के नए डिप्टी सीएम बन गए हैं।
बिजेंद्र प्रसाद यादव बिहार के सुपौल जिले के मुरली गांव के निवासी हैं और भारतीय राजनीति में एक प्रमुख समाजवादी नेता के रूप में पहचाने जाते हैं। बता दें कि 79 वर्षीय बिजेंद्र यादव के चयन से कोसी और मिथिलांचल के लोगों में उत्साह की लहर है।
इन चुनावों में जीत की है दर्ज
उन्होंने 1990 और 1995 में जनता दल के टिकट पर बिहार के सुपौल विधानसभा क्षेत्र से जीत हासिल की और ऊर्जा विभाग के राज्य मंत्री बने। बिजेंद्र यादव ने 1990 में पहली बार जनता दल के टिकट पर चुनाव लड़ा और कांग्रेस के प्रमोद कुमार सिंह को हराकर विधानसभा पहुंचे। इसके बाद 1991 में लालू प्रसाद यादव की सरकार में उन्हें ऊर्जा राज्य मंत्री बनाया गया। राबड़ी देवी की सरकार में भी वे मंत्री रहे। 1995 में उन्होंने फिर जीत दर्ज की। फिर साल 2000 में जेडीयू के टिकट पर आरजेडी प्रत्याशी विनायक प्रसाद यादव को हराया। फिर 2005 (फरवरी और अक्टूबर) दोनों चुनावों में आरजेडी प्रत्याशी को हराया।
2010 में उन्होंने आरजेडी के रविंद्र कुमार रमण को हराया। 2015 में महागठबंधन के दौर में बीजेपी के किशोर कुमार मुन्ना को मात दी। 2020 में एनडीए के साथ चुनाव लड़ते हुए कांग्रेस के मिन्नतुल्लाह रहमानी को हराया और 2025 में भी उन्होंने अपनी जीत का सिलसिला बरकरार रखा।

बिजेंद्र प्रसाद यादव बिहार के सुपौल जिले से हैं
बिहार को 'बिजली संकट' से निजात दिलाने में उनका बहुत बड़ा योगदान
लालू यादव की सरकार में 1990 में ऊर्जा राज्यमंत्री और 1995 में नगर विकास राज्यमंत्री रहे बिजेंद्र यादव, नीतीश सरकार ऊर्जा, योजना और विकास विभाग के मंत्री भी रहे हैं। ऊर्जा मंत्री के रूप में बिजेंद्र यादव का कार्यकाल बिहार में काफी अच्छे संदर्भ में याद किया जाता है। कहते हैं कि बिहार को बिजली संकट से निजात दिलाने में उनका बहुत बड़ा योगदान है। जीतन राम मांझी की अल्पकालिक सरकार में भी उन्होंने मंत्री पद संभाला था।
आर्थिक विकास को आगे बढ़ाने में खासा योगदान
कोसी नदी, जिसे कभी 'बिहार का शोक' कहा जाता था, विजेंद्र यादव ने उस पर पुलों और एप्रोच रोड का निर्माण करवाकर दोनों किनारों के बीच की दूरी को कम किया। इसने वहां की स्थानीय आर्थिक विकास को आगे बढ़ाने में खासा योगदान रहा।
लोग उन्हें प्यार से 'कोसी का विश्वकर्मा' कहते हैं
विजेंद्र यादव के कार्यकाल में कोसी और मिथिलांचल में काफी काम हुआ जिससे वहां की जनता का समर्थन उन्हें बदस्तूर मिलता रहा। बताते हैं कि कोसी क्षेत्र के लोग उन्हें प्यार से 'कोसी के विश्वकर्मा' कहते हैं। इसके पीछे उनका क्षेत्र के प्रति विजन और किए गए काम हैं जिससे बाढ़ और पिछड़ेपन की मार झेलने वाले कोसी और मिथिलांचल की तस्वीर काफी हद तक बदल गई।
बिजेंद्र प्रसाद यादव का सफल और खासा लंबा राजनीतिक सफर उन्हें बिहार की राजनीति में अलग ही स्थान दिलाता है और शायद यही वजह है कि बिहार की इस नई सरकार में भी उन्हें राज्य के डिप्टी सीएम पद से नवाजा गया है।
