Indian Army: इंडियन आर्मी की पूर्वी कमान ने एक पोस्ट किया, जिसमें बताया गया कि मेघालय में भारतीय सेना का बाकी अन्य देशों की सेनाओं के साथ सैन्य अभ्यास जोर-शोर से जारी है। #ExercisePRAGATI2026 नामक इस ऑपरेशन्स में 13 देश संयुक्त सैन्य अभ्यास कर रहे हैं। आर्मी ने पोस्ट किया, '#ExercisePRAGATI2026 #उमरोई, #मेघालय में पूरे उत्साह के साथ जारी है, जहां #भारतीय_सेना और मित्र देशों के सैन्य दल कंधे से कंधा मिलाकर प्रशिक्षण ले रहे हैं। यह अभ्यास आपसी तालमेल, भरोसे और संयुक्त क्षमता को मजबूत कर रहा है।'
बताया गया कि यह ऑपरेशन पर्वतीय और जंगल क्षेत्र में आतंकवाद-रोधी अभियानों पर केंद्रित यह अभ्यास संयुक्त योजना, सामरिक अभ्यास और समन्वित अभियानों के माध्यम से ऑपरेशनल तालमेल को और बेहतर बना रहा है। सेना ने बताया कि #ExercisePRAGATI2026 क्षेत्रीय सेनाओं के बीच शांति, स्थिरता, सुरक्षा और सहयोगात्मक विकास के प्रति साझा संकल्प को दर्शाता है।
अभ्यास में कौनसे देश शामिल?
मेघालय में पिछले हफ्ते बुधवार को 13 देशों का संयुक्त सैन्य अभ्यास शुरू हुआ, जिसमें आतंकवाद रोधी अभियानों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। रक्षा विभाग के जनसंपर्क अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल महेंद्र रावत ने बताया था कि उमरोई सैन्य स्टेशन में 12 मित्र देशों - भूटान, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, मालदीव, म्यांमा, नेपाल, फिलीपीन, सेशेल्स, श्रीलंका और वियतनाम की भागीदारी के साथ बहुपक्षीय सैन्य अभ्यास 'प्रगति 2026' की शुरुआत हुई।
उन्होंने कहा, 'दो सप्ताह तक जारी रहने वाले इस अभ्यास में अर्ध-पर्वतीय और जंगली क्षेत्रों में आतंकवाद रोधी अभियानों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम में संयुक्त योजना अभ्यास, सामरिक स्तर के अभ्यास और समन्वित अभियान शामिल होंगे, जिनका उद्देश्य सैनिकों की अनुकूलन क्षमता, धैर्य और सामरिक दक्षता में सुधार करना है।'
रावत ने कहा कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में काम करते समय शारीरिक अनुकूलता, अनुशासन और समन्वय पर जोर दिया जाएगा। उन्होंने कहा, 'इस अभ्यास के तहत, भारतीय प्रौद्योगिकी और रक्षा कंपनियां आत्मनिर्भर भारत पहल के अंतर्गत स्वदेशी उपकरणों तथा नवाचारों का प्रदर्शन करेंगी, जो ज्ञान के आदान-प्रदान के लिए एक मंच प्रदान करेगा और रक्षा उत्पादन, नवाचार एवं आत्मनिर्भरता में भारत की बढ़ती क्षमताओं को उजागर करेगा।'
भारतीय सेना के मेजर जनरल एवं इन्फैंट्री के अतिरिक्त महानिदेशक सुनील श्योराण ने सभी टुकड़ियों का स्वागत किया और समकालीन सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में सामूहिक भागीदारी के महत्व पर प्रकाश डाला।
