Amit Shah on CAA(अमित शाह नागरिकता संशोधन विधेयक): ईटी नाउ ग्लोबल बिजनेस समिट 2024 के मंच पर गृह मंत्री अमित शाह ने नागरिकता संशोधन कानून यानि सीएए पर बड़ा बयान दिया। अमित शाह ने कहा कि CAA कानून लोकसभा चुनाव से पहले अमल में आएगा। इसका नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। इस पर किसी को संशय नहीं होना चाहिए। मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि यह किसी की नागरिकता छीनने का कानून नहीं है।
अमित शाह: चुनाव से पहले ही सीएए कानून (CAA Law) अमल में आएगा
अमित शाह ने कहा, ये देश का कानून है, इसका नोटिफिकेशन निश्चित रूप से हो जाएगा। चुनाव से पहले ही सीएए को अमल में आना है। जब कांग्रेस ने देश का विभाजन किया, वहां पर (पाकिस्तान) में जो अल्पसंख्यक थे, हिंदू, जैन, ईसाई थे, उनकी प्रताड़ना होती थी, सारे लोग यहां भागकर आते थे। उस वक्त कांग्रेस पार्टी का वादा था कि आप धीरे-धीरे आइए, आप जब भी भारत आएंगे आपको नागरिकता दी जाएगी, लेकिन वह मुकर गई।
अमित शाह: मुस्लिमों को भड़काया जा रहा है
शाह ने कहा, मैं आज स्पष्ट करना चाहता हूं सीएए किसी की भी नागरिकता लेने का कानून नहीं है। इस देश की माइनोरिटी और विशेष रूप से मुस्लिम भाईयों को भड़काया जा रहा है। देश में किसी की भी नागरिकता सीएए छीन ही नहीं सकता क्योंकि कानून में प्रोविजन ही नहीं है। पाकिस्तान और बांग्लादेश से धार्मिक प्रताड़ना के कारण जो शरणार्थी भारत आए हैं, सीएए उन्हें नागरिकता देने का कानून है।अमित शाह का बड़ा सीएए कानून को लेकर बड़ा ऐलान
ईटी नाउ ग्लोबल बिजनेस समिट 2024 में पीएम मोदी ने भी शुक्रवार को शिरकत की थी। आज अमित शाह इस मंच पर पहुंचे और सीएए कानून
को लेकर बड़ा ऐलान कर दिया। अमित शाह दिसंबर 2023 को भी सीएए को लेकर साफ इशारा कर दिया था कि इसे जल्द लागू किया जाएगा। सियासी दल और एक खास वर्ग इसका लगातार विरोध करता रहा है। लेकिन सरकार ने इसे लागू करने के इरादे साफ कर दिए हैं।
अमित शाह नागरिकता संशोधन कानून (सीएए कानून )को लेकर खरी-खरी
यानी नागरिकता संशोधन कानून को लेकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने दिसंबर 2023 में ही सरकार के इरादे साफ कर दिए थे। उन्होंने पश्चिम बंगाल में कहा था इसे लागू होने से कोई भी नहीं रोक सकता। उन्होंने इसे देश का कानून बताया। साथ ही उन्होंने इस मुद्दे पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख और राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भी घेरा। टीएमसी सीएए का विरोध कर रही है, जिसे 2019 में संसद द्वारा पारित किया गया था।
